UP: अवैध चर्च निर्माण और धर्म परिवर्तन के आरोप में देहरादून का पादरी गिरफ्तार, पहले तीन आरोपी भेजे जा चुके जेल
अवैध चर्च निर्माण और धर्म परिवर्तन प्रयास मामले में देहरादून के फादर साबू एम. थम्पी गिरफ्तार। जांच में विदेशी धनराशि, बैंक लेन-देन, गवाहों के बयानों से संलिप्तता मिली। धर्म संपरिवर्तन अधिनियम की धाराएं लगीं।
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पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में कथित अवैध चर्च निर्माण और धर्म परिवर्तन के प्रयास के मामले में पुलिस ने विवेचना के दौरान देहरादून स्थित विलीवर्स चर्च के फादर साबू एम. थम्पी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि जांच में विदेशी फंडिंग, बैंक लेनदेन और गवाहों के बयानों के आधार पर उनकी संलिप्तता सामने आई, इसके बाद उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं भी दर्ज प्राथमिकी में जोड़ी गईं हैं।
अमरिया थाना क्षेत्र के गांव तिरकुनिया नसीर में 17 जनवरी 2026 को अमरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि गांव नवदिया जिठनिया की गाटा संख्या-78 की भूमि पर अमरिया के ग्राम भूड़ा ईसाइ कॉलोनी निवासी मुन्ना मसीह, ग्राम नवदिया जिठनिया निवासी जमुना प्रसाद और उत्तराखंड के थाना खटीमा के ग्राम उलधन निवासी अर्जुन सिंह राणा द्वारा अवैध रूप से चर्च का निर्माण कराया जा रहा है।
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान 20 जनवरी 2026 को पुलिस ने नामजद आरोपी मुन्ना मसीह, जमुना प्रसाद और अर्जुन सिंह राणा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद अर्जुन सिंह राणा के बैंक खाते की जांच शुरू की गई तो सामने आया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख राज्य टेक्सास से करीब सात लाख रुपये की धनराशि भी अर्जुन के खाते में प्राप्त हुई। पुलिस विवेचना को आगे बढ़ाते हुए गवाह सोहनलाल, विजयपाल और राम प्रकाश के लिखित एवं मौखिक बयान दर्ज किए।
पुलिस के अनुसार, गवाहों ने आरोप लगाया कि देहरादून के पादरी साबू एम. थम्पी समेत अन्य लोगों ने उन्हें धन और मकान बनवाने का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। पुलिस ने इन बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दर्ज रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5 भी बढ़ा दी गई। पुलिस ने मंगलवार को उसे कार्यालय से गिरफ्तार किया। सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि इस मामले में आगे भी गहनता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।
वर्ष 2021 से देहरादून स्थित विलीवर्स चर्च में फादर के रूप में कार्यरत है साबू एम थम्पी
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि बैंक अभिलेखों, स्वतंत्र गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण में साबू एम. थम्पी की संलिप्तता प्रकाश में आई। वह वर्ष 2021 से देहरादून स्थित विलीवर्स चर्च में फादर के रूप में कार्यरत हैं। साब एम थम्पी मूल रूप से देहरादून के थाना जाजरा के सिद्धूवाला क्षेत्र के नियर एंबेसडर स्कूल व हाल में केरल के जनपद त्रिसूर के थाना पिची के माथिराम पल्ली, पोस्ट चुवन्ना मन्नु में रह रहा था।