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मौलाना तौकीर रजां के फैसले पर मुस्लिम हलकों में हलचल, दिग्ग्ज कर रहे आकलन
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पूरनपुर। इत्तेहाद-ए- मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने चुनाव में कांग्रेस के समर्थन का एलान किया है। सियासी समीकरणों पर कितना असर होगा? मुस्लिम मतदाताओं वाली सीटों पर क्या असर आएगा? सियासी दिग्गज आकलन कर रहे हैं पर कुछ कह नहीं रहे। वहीं तौकीर रजा खां के समर्थकों का कहना है जिले के मुस्लिम बहुल गांवों में तौकीर रजा खां की तकरीरें होती रहीं हैं। भीड़ भी होती थी। इसलिए आने वाले चुनाव में असर सामने आएगा।
मुस्लिम बहुल गांव शेरपुर में मौलाना तौकीर रजा खां विधानसभा चुनाव घोषित होने से कुछ दिन पहले ही आए थे तब उन्होंने आजम खां के जेल होने का जिक्र करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तीखे वार किए थे। इससे यह तो जाहिर ही हो गया था कि सपा से उनकी नजदीकी नहीं है। लेकिन इस बात के संकेत नहीं मिले थे कि वे कांग्रेस का समर्थन करेंगे। अब जब चुनाव घोषित हुए हैं और उन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया है तो उनके करीबी लोगों और उनके मानने वालों पर असर आएगा ही। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता है पर इस विषय में खुलकर बातचीत से अधिकतर उलमा परहेज कर रहे हैं। बातचीत करने पर उलमा का यही कहना रहा कि सियासत से कोई सरोकार नहीं है।
मौलाना तौकीर रजा खां ने कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इसका असर तो चुनाव पर पड़ेगा। हम लोग भी जागरूकता के साथ राजनीतिक हालात का आकलन कर रहे हैं।
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मौलाना जीशान मकदूमी, शेरपुरकलां
जहां पर आईएमसी की सक्रियता है वहां तो कुछ न कुछ असर पड़ेगा लेकिन मौलाना तौकीर रजा खां द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला मेरी समझ से बाहर की बात है।
हाफिज नूर अहमद अजहरी, प्रदेश अध्यक्ष
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया
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मुस्लिम बहुल गांव शेरपुर में मौलाना तौकीर रजा खां विधानसभा चुनाव घोषित होने से कुछ दिन पहले ही आए थे तब उन्होंने आजम खां के जेल होने का जिक्र करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव पर तीखे वार किए थे। इससे यह तो जाहिर ही हो गया था कि सपा से उनकी नजदीकी नहीं है। लेकिन इस बात के संकेत नहीं मिले थे कि वे कांग्रेस का समर्थन करेंगे। अब जब चुनाव घोषित हुए हैं और उन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया है तो उनके करीबी लोगों और उनके मानने वालों पर असर आएगा ही। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता है पर इस विषय में खुलकर बातचीत से अधिकतर उलमा परहेज कर रहे हैं। बातचीत करने पर उलमा का यही कहना रहा कि सियासत से कोई सरोकार नहीं है।
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मौलाना तौकीर रजा खां ने कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इसका असर तो चुनाव पर पड़ेगा। हम लोग भी जागरूकता के साथ राजनीतिक हालात का आकलन कर रहे हैं।
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मौलाना जीशान मकदूमी, शेरपुरकलां
जहां पर आईएमसी की सक्रियता है वहां तो कुछ न कुछ असर पड़ेगा लेकिन मौलाना तौकीर रजा खां द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला मेरी समझ से बाहर की बात है।
हाफिज नूर अहमद अजहरी, प्रदेश अध्यक्ष
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया