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हरीपुर जंगल में बाघ के हमले में मरा शावक, शव बरामद
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शावक के शव की जांच करती टीम। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पूरनपुर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज की नवदिया बीट के कंपार्टमेंट 78 वी में शावक का शव मिला। आठ-नौ माह की उम्र के शावक की गर्दन, पीठ पर घाव के निशान थे। शव देख घटना रात की होने की संभावना जताई जा रही है। रात को वनकर्मियों ने बाघ की दहाड़ भी कई बार सुनी थी। मगर रात के चलते वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। सुबह गश्त को निकले वनकर्मियों को शव मिला। अफसर बाघ के हमले में शावक के मारे जाने की जानकारी दे रहे हैं।
बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे गश्त को निकले वनकर्मियों को हरीपुर रेंज के नवदिया बीट के कंपार्टमेंट नंबर 78 वी में शावक का शव मिला। इसकी सूचना पर डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल, एसडीओ कपिल कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शावक के शव को कब्जे में लेकर नवदिया गेस्ट हाउस में पोस्टमार्टम को लाया गया। हरीपुर रेंजर वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जंगल में गश्त के दौरान बाघ के कई बार दहाड़ने की आवाज वनकर्मियों ने सुनी थी। मगर अक्सर बाघ के दहाड़ने पर वनकर्मियों ने रात को ध्यान नहीं दिया। सुबह गश्त पर निकलने पर शावक का शव मिला है।
शावक की मौत बाघ के हमले में होना पाया गया है। रात में बाघ की दहाड़ की आवाज सुनाई दी थी। स्टाफ ने बाघ को देखा था अंधेरे में शावक दिखाई नहीं दिया। एनटीसीए की गाइड लाइन के अनुसार पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल ने किया है। पैनल में डॉ. एसके राठौर, डॉ. राजीव सक्सेना, डॉ. दक्ष गंगवार थे। शावक की उम्र करीब आठ-नौ महीने की है। बाघ अपने क्षेत्र में दूसरे बाघ को देखकर या बाघिन से मिलने में बाधक होने पर हमला करता है। - नवीन खंडेलवाल, प्रभागीय वनाधिकारी।
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बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे गश्त को निकले वनकर्मियों को हरीपुर रेंज के नवदिया बीट के कंपार्टमेंट नंबर 78 वी में शावक का शव मिला। इसकी सूचना पर डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल, एसडीओ कपिल कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शावक के शव को कब्जे में लेकर नवदिया गेस्ट हाउस में पोस्टमार्टम को लाया गया। हरीपुर रेंजर वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जंगल में गश्त के दौरान बाघ के कई बार दहाड़ने की आवाज वनकर्मियों ने सुनी थी। मगर अक्सर बाघ के दहाड़ने पर वनकर्मियों ने रात को ध्यान नहीं दिया। सुबह गश्त पर निकलने पर शावक का शव मिला है।
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शावक की मौत बाघ के हमले में होना पाया गया है। रात में बाघ की दहाड़ की आवाज सुनाई दी थी। स्टाफ ने बाघ को देखा था अंधेरे में शावक दिखाई नहीं दिया। एनटीसीए की गाइड लाइन के अनुसार पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल ने किया है। पैनल में डॉ. एसके राठौर, डॉ. राजीव सक्सेना, डॉ. दक्ष गंगवार थे। शावक की उम्र करीब आठ-नौ महीने की है। बाघ अपने क्षेत्र में दूसरे बाघ को देखकर या बाघिन से मिलने में बाधक होने पर हमला करता है। - नवीन खंडेलवाल, प्रभागीय वनाधिकारी।
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