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काला डोरिया कुंडे नाल अड़या ओए.....
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पीलीभीत। जिले में सोमवार को लोहड़ी पर्व धूमधाम से मनाया गया। घरों के बाहर आग जलाकर रेवड़ी व मूंगफली समर्पित की गई। ढोल नगाड़ों की थापों पर लोगों ने जमकर भंगड़ा व गिद्धा नृत्य किया। सिख संगत ने गुरुद्वारों में पहुंचकर मत्था टेका और एक दूसरे को पर्व की बधाई दी।
मान्यता है कि लोहड़ी के अगले दिन से किसानों के नए आर्थिक साल की शुरूआत होती है। पर्व को लेकर शहर के अशोक कलोनी, एकतानगर कॉलोनी समेत कई अन्य स्थानों पर सुबह से खासी रौनक देखी गई। पर्व पर लोगों ने लोहड़ी पूजन के साथ आग जलाकर जश्न मनाया। कुछ स्थानों पर लोगों ने सामूहिक रूप से लोहड़ी पूजन करने के बाद गुड़, तिल, रेवड़ी, मूंगफली आदि अग्नि को समर्पित की। पंजाबी ढोल की थापों के साथ लोग पंजाबी गीतों पर जमकर थिरके। इस दौरान दे माई लोहड़ी तेरी जीवे जोड़ी, सुंदर मुंदरिये हो तेरा कौन बेचारा हो लोहड़ी मनाते हुए ये गीत गाए गए। जिन घरों में नई दुल्हन आई या पहले बच्चे का जन्म हुआ, उन घरों में विशेषकर खासा जश्न मनाया गया। शहर के गुरुद्वारों में लोहड़ी पर्व से मनाया गया। लोगों ने गुरुद्वारों में पहुंचकर मत्था टेका और सुख समृद्धि की कामना की।
पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में लोहड़ी पर्व धूमधाम और परंपरागत ढंग से मनाया गया। सिख समुदाय के लोगों ने घरों में लोहड़ी जलाकर उसमें तिल, मूंगफली आदि चढ़ाकर पूजा की। एक दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दी गई। कई स्थानों पर डांस कर लोगों ने पर्व का आनंद लिया।
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मान्यता है कि लोहड़ी के अगले दिन से किसानों के नए आर्थिक साल की शुरूआत होती है। पर्व को लेकर शहर के अशोक कलोनी, एकतानगर कॉलोनी समेत कई अन्य स्थानों पर सुबह से खासी रौनक देखी गई। पर्व पर लोगों ने लोहड़ी पूजन के साथ आग जलाकर जश्न मनाया। कुछ स्थानों पर लोगों ने सामूहिक रूप से लोहड़ी पूजन करने के बाद गुड़, तिल, रेवड़ी, मूंगफली आदि अग्नि को समर्पित की। पंजाबी ढोल की थापों के साथ लोग पंजाबी गीतों पर जमकर थिरके। इस दौरान दे माई लोहड़ी तेरी जीवे जोड़ी, सुंदर मुंदरिये हो तेरा कौन बेचारा हो लोहड़ी मनाते हुए ये गीत गाए गए। जिन घरों में नई दुल्हन आई या पहले बच्चे का जन्म हुआ, उन घरों में विशेषकर खासा जश्न मनाया गया। शहर के गुरुद्वारों में लोहड़ी पर्व से मनाया गया। लोगों ने गुरुद्वारों में पहुंचकर मत्था टेका और सुख समृद्धि की कामना की।
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पूरनपुर। नगर सहित क्षेत्र में लोहड़ी पर्व धूमधाम और परंपरागत ढंग से मनाया गया। सिख समुदाय के लोगों ने घरों में लोहड़ी जलाकर उसमें तिल, मूंगफली आदि चढ़ाकर पूजा की। एक दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दी गई। कई स्थानों पर डांस कर लोगों ने पर्व का आनंद लिया।
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