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दर्शकों की संवेदना को गहरे तक झकझोर गया ‘कफन’
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बीसलपुर। नगर के एक बरातघर में बुधवार शाम मन्नत थियेटर ग्रुप के कलाकारों ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन के नाट्यरूपांतर का मंचन किया। शानदार अभिनय और बेमिसाल संवाद अदायगी ने इसे लाजवाब बना दिया।
कहानी के मुताबिक, जाड़े की रात में बुझे हुए अलाव के पास बाप-बेटे बैठे हैं। झोपड़ी के भीतर प्रसव पीड़ा से छटपटाती बेटे की पत्नी बुधिया की कराह रह रहकर वातावरण की नीरसता भंग कर जाती है। बाप-बेटे चिलम पीने और भुने हुए आलू खाने में इतने तल्लीन है कि जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करती बुधिया का ध्यान ही नहीं रहता है। दबे पांव आई मौत से बुधिया का जीवन हार गया, लेकिन दोनों में से कोई नहीं जान पाया। दोनों कफन और लकड़ी के नाम पर लोगों का भावनात्मक दोहन कर कुछ धन इकट्ठा कर लेते हैं। उसी धन से शराब लाते हैं और फिर दोनों जमकर पीते हैं। मंचन में कलाकार शशांक शंखणर ने मुख्य गायक, सूरजपाल ने घीसू, मृत्युंजय शुक्ला ने जमींदार, आनंद सागर ने माधव, कीतर सिंह ने शराब व्यापारी, अपूर्व यादव ने बच्चे की भूमिका निभाई। लगभग एक घंटे के मंचन के दौरान कलाकार अपने शानदार अभिनय के बल पर दर्शकों को अंत तक बांधे रहे। व्यवस्था में देवेश सिंह, सचिन सक्सेना, इंतजार अली, आकिब अली, आदित्य यादव, नितेश कुमार, प्रियांक आर्य आदि का सहयोग रहा।
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कहानी के मुताबिक, जाड़े की रात में बुझे हुए अलाव के पास बाप-बेटे बैठे हैं। झोपड़ी के भीतर प्रसव पीड़ा से छटपटाती बेटे की पत्नी बुधिया की कराह रह रहकर वातावरण की नीरसता भंग कर जाती है। बाप-बेटे चिलम पीने और भुने हुए आलू खाने में इतने तल्लीन है कि जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष करती बुधिया का ध्यान ही नहीं रहता है। दबे पांव आई मौत से बुधिया का जीवन हार गया, लेकिन दोनों में से कोई नहीं जान पाया। दोनों कफन और लकड़ी के नाम पर लोगों का भावनात्मक दोहन कर कुछ धन इकट्ठा कर लेते हैं। उसी धन से शराब लाते हैं और फिर दोनों जमकर पीते हैं। मंचन में कलाकार शशांक शंखणर ने मुख्य गायक, सूरजपाल ने घीसू, मृत्युंजय शुक्ला ने जमींदार, आनंद सागर ने माधव, कीतर सिंह ने शराब व्यापारी, अपूर्व यादव ने बच्चे की भूमिका निभाई। लगभग एक घंटे के मंचन के दौरान कलाकार अपने शानदार अभिनय के बल पर दर्शकों को अंत तक बांधे रहे। व्यवस्था में देवेश सिंह, सचिन सक्सेना, इंतजार अली, आकिब अली, आदित्य यादव, नितेश कुमार, प्रियांक आर्य आदि का सहयोग रहा।
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