{"_id":"6331fc01205a9252bc0f9b63","slug":"cultural-navratra-pilibhit-news-bly498893341","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना
सार
देवी मंत्रों के जाप से सोमवार को जिले के देवी मंदिर गूंज उठे।शारदीय नवरात्रि के पहले दिन का उत्साह मंदिरों व शक्तिपीठों के साथ शहर के हर मोहल्ले-कॉलोनी में देखने को मिला।शक्तिपीठ यशवंतरी देवी मंदिर में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत आई।
विज्ञापन
निरंजनकुंज कॉलोनी स्थित मातेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीलीभीत। देवी मंत्रों के जाप से सोमवार को जिले के देवी मंदिर गूंज उठे। श्रद्धालुओं के जयकारों और घंटा घड़ियालों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन देवी मंदिरों व शक्ति पीठों पर श्रद्धा व भक्ति से देवी मां के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। देवी भक्तों ने घरों में कलश स्थापना करने के साथ नौ दिन के व्रत शुरू किए।
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन का उत्साह मंदिरों व शक्तिपीठों के साथ शहर के हर मोहल्ले-कॉलोनी में देखने को मिला। सुबह से ही देवी गीतों से आस्था का रंग घुलने लगा। आठ बजते-बजते श्रद्धालुओं की भीड़ सड़कों पर दिखने लगी। इस बार बारिश के कारण यशवंती देवी मंदिर परिसर में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को पूजा में काफी दिक्कत आई।
निरंजनकुंज कॉलोनी स्थित महामातेश्वरी मंदिर, गोदावरी एस्टेट के मां दुर्गा मंदिर, दूधियानाथ मंदिर, बागगुलशेर खां के दुर्गा मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों पर सुबह से ही देवी भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर मां के दर्शन किए। पूजा सामग्री की दुकानों पर भी भीड़ रही।
विज्ञापन
26 पीबीटीपी 6,7
यशवंतरी देवी मंदिर में पानी के अंदर खड़े होकर श्रद्धालुओं ने की पूजा
पीलीभीत। शक्तिपीठ यशवंतरी देवी मंदिर में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत आई। बारिश के कारण हुए जलभराव के कारण उन्हें पानी में खड़े होकर मां की पूजा अर्चना करनी पड़ी। 36 घंटे बाद भी पानी निकासी की व्यवस्था न कराए जाने से उनमें नगर पालिका प्रशासन के प्रति गुस्सा दिखा।
मां यशवंतरी देवी का टनकपुर हाईवे के किनारे जलनिगम कार्यालय के पीछे मंदिर है। इस शक्ति पीठ पर नवरात्र के दिनों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ रहती है। मगर इस बार जलभराव के कारण संख्या काफी कम दिखी। ऐसे में जो भक्त मंदिर में पहुंचे भी उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ा। पुजारी राजेश वाजपेयी ने बताया कि इस बार भक्त जलभराव होने से भक्तों की संख्या काफी कम रही। कई महिलाएं और बच्चे गिरकर चोटिल भी हुए। संवाद
विज्ञापन
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन का उत्साह मंदिरों व शक्तिपीठों के साथ शहर के हर मोहल्ले-कॉलोनी में देखने को मिला। सुबह से ही देवी गीतों से आस्था का रंग घुलने लगा। आठ बजते-बजते श्रद्धालुओं की भीड़ सड़कों पर दिखने लगी। इस बार बारिश के कारण यशवंती देवी मंदिर परिसर में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को पूजा में काफी दिक्कत आई।
विज्ञापन
निरंजनकुंज कॉलोनी स्थित महामातेश्वरी मंदिर, गोदावरी एस्टेट के मां दुर्गा मंदिर, दूधियानाथ मंदिर, बागगुलशेर खां के दुर्गा मंदिर समेत शहर के विभिन्न मंदिरों पर सुबह से ही देवी भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर मां के दर्शन किए। पूजा सामग्री की दुकानों पर भी भीड़ रही।
विज्ञापन
26 पीबीटीपी 6,7
यशवंतरी देवी मंदिर में पानी के अंदर खड़े होकर श्रद्धालुओं ने की पूजा
पीलीभीत। शक्तिपीठ यशवंतरी देवी मंदिर में जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत आई। बारिश के कारण हुए जलभराव के कारण उन्हें पानी में खड़े होकर मां की पूजा अर्चना करनी पड़ी। 36 घंटे बाद भी पानी निकासी की व्यवस्था न कराए जाने से उनमें नगर पालिका प्रशासन के प्रति गुस्सा दिखा।
मां यशवंतरी देवी का टनकपुर हाईवे के किनारे जलनिगम कार्यालय के पीछे मंदिर है। इस शक्ति पीठ पर नवरात्र के दिनों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ रहती है। मगर इस बार जलभराव के कारण संख्या काफी कम दिखी। ऐसे में जो भक्त मंदिर में पहुंचे भी उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ा। पुजारी राजेश वाजपेयी ने बताया कि इस बार भक्त जलभराव होने से भक्तों की संख्या काफी कम रही। कई महिलाएं और बच्चे गिरकर चोटिल भी हुए। संवाद