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बाघ की खाल मामले में दो शिकारी पकड़े, जेल भेजा

Sun, 25 Jan 2015 12:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत Updated Sun, 25 Jan 2015 12:18 AM IST
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नेपाल में बाघ की खाल सहित गभिया के दुलाल मंडल के पकड़े जाने के बाद वनविभाग हरकत में है। नेपाल पुलिस को दुलाल ने कुछ साथियों के नाम भी बताए थे। जिनकी धर पकड़ को विभाग पिछले कई दिनों से जुटा है। दुलाल से मिली जानकारी के बाद वनविभाग ने एसटीएफ एवं डब्ल्यूसीसीबी (वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो) की टीम के साथ मिलकर ताबड़तोड़ छापेमारी कर कई संदिग्ध हिरासत में लेकर टीम और वन विभाग के लोग पूछताछ कर रहे हैं। रेंजर केपी सिंह ने बताया कि इस दौरान वन दरोगा रमेश भट्ट, अब्बास, रघुवीर यादव और हरीश कुमार की मदद से एक बाइक पर जा रहे तीन शिकारियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन एक फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से उन्होंने बाघ की पांच किलो हड्डियां, केनाइन टीथ (नुकीले दांत), हिरन के सींग व एक बाइक बरामद करने का दावा किया है।  पूछताछ में दोनों ने अपने नाम क्रमश: नौसे और असगर शाह पुत्र बुलाकी शाह निवासी मैनाकोट थाना माधोटांडा बताया। वनसंरक्षक वीके चौपड़ा ने दे भी दोनों से पूछताछ की। शनिवार को दोनों के खिलाफ केस काटकर जेल भेज दिया गया। महोफ वनक्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कि दोनों का फरार साथी फरियाद है, जो पहले भी दो बाघों के शिकार के मामले में जेल जा चुका है। वहीं असगर भी शातिर अपराधी है।
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जहर देकर करते हैं बाघों की हत्या
वनाधिकारियों के अनुसार पूछताछ में दोनों ने बाघों की हत्या जहर देकर किए जाने की जानकारी दी है। शिकारी जंगल में पड्डा, बकरा आदि छोड़कर उसकी निगरानी करते हैं। बाघ द्वारा उसे मारने के बाद वह मांस पर जहर डाल देते हैं। दोबारा मांस खाने के बाद बाघ मर जाता है अथवा बेहोश होकर गिरने पर वह लोग उसकी हत्या कर खाली, हड्डियां, दांत एवं अन्य भाग निकाल लेते हैं।
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एक नहीं दो बाघों की हुई है हत्या
बाघ की खाल के मामले में जांच कर रहे वनविभाग को चौकाने वाले तथ्य मिल रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व नेपाल में पकड़े गए दुलाल से एक नहीं दो खालें बरामद हुई हैं। इससे यह संभावना जताई जा रही है शिकारी काफी समय से इस धंधे में लिप्त थे और वनकर्मियों की सुरक्षा के दावों को खोखला साबित करते हुए उन्होंने दो बाघों की हत्या की है।
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अभी भी कई संदिग्ध हिरासत में
वन विभाग अभी भी करीब आधा दर्जन संदिग्धों को  हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहा है। विभाग का दावा है कि एक दो दिन में भी कुछ और खुलासा भी हो सकता है। वनविभाग की इस कार्रवाई में एसटीएफ व डब्ल्यूसीसीबी की टीम भी लगी हुई है।
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