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धारदार हथियार से युवक की हत्या
पीलीभीत।
Updated Mon, 21 Sep 2015 11:29 PM IST
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शौच करने खेतों की ओर गए
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थाना माधोटांडा के कसबा कलीनगर निवासी श्यामाचरन यादव के पुत्र 25 वर्षीय
राजेंद्र की अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी।
घरवालों ने उसका शव चकरोड के किनारे खून से लथपथ पड़ा देखा। घरवालों का
कहना है कि राजेंद्र दिमागी रूप से कमजोर था। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं
है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कसबा कलीनगर निवासी श्यामाचरन यादव ने बताया कि उनका सबसे छोटा पुत्र राजेंद्र दिमागी रूप से कमजोर है। वह रविवार की शाम करीब छह बजे शौच के लिए अपने ही खेत के पास स्थित तालाब पर रोज की तरह गया था। दो घंटे बाद भी जब वह नहीं लौटा तो बड़े पुत्र रामखिलावन को तलाश करने के लिए भेजा। रामखिलावन ने गांव में तलाश की। पता न चलने पर वह खेतों की ओर गए तो देखा कि पीलीभीत-कलीनगर मार्ग से करीब एक फर्लांग दूरी पर स्थित चकरोड पर उसका शव खून से लथपथ पड़ा था। सिर पर धारदार हथियार के गहरे घाव थे।
सूचना पर घर में चीख पुकार मच गई। एसओ विवेक त्रिवेदी भी पहुंच गए और जानकारी की। जिस स्थान पर शव पड़ा था उससे करीब सात मीटर दूर बैव (घास) के खेत में घास रौंदी पड़ी थी। वहां पर भी काफी खून पड़ा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि राजेंद्र की हमलावरों से पहले संघर्ष हुआ। हमलावरों ने उसी स्थान उसे मौत के घाट उतार दिया। बाद में उसे खींच कर चकरोड के किनारे डालकर फरार हो गए। मृतक की चप्पलें मेड़ के किनारे पड़ी थी। एसओ विवेक त्रिवेदी ने बताया कि पिता की तहरीर पर धारा 302 और 201 आईपीसी के तहत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
000
घरवालों ने रंजिश से किया इंकार
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद बड़े भाई रामखिलावन यादव ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। राजेंद्र की हालत यह थी कि उसे खाना खाने आदि की चिंता नहीं रहती थी। परिवार वाले उसे घेरकर खाना खिलाते थे। घरवालों की मानें तो उसे गांव के बच्चे चिढ़ाते थे तब भी वह कोई विरोध नहीं करता था। ऐसे में अब यह सवाल यह उठता है कि जब उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी तो कोई व्यक्ति उसकी जान क्यों लेगा? परिवार के लोग भी इस बात का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
कसबा कलीनगर निवासी श्यामाचरन यादव ने बताया कि उनका सबसे छोटा पुत्र राजेंद्र दिमागी रूप से कमजोर है। वह रविवार की शाम करीब छह बजे शौच के लिए अपने ही खेत के पास स्थित तालाब पर रोज की तरह गया था। दो घंटे बाद भी जब वह नहीं लौटा तो बड़े पुत्र रामखिलावन को तलाश करने के लिए भेजा। रामखिलावन ने गांव में तलाश की। पता न चलने पर वह खेतों की ओर गए तो देखा कि पीलीभीत-कलीनगर मार्ग से करीब एक फर्लांग दूरी पर स्थित चकरोड पर उसका शव खून से लथपथ पड़ा था। सिर पर धारदार हथियार के गहरे घाव थे।
सूचना पर घर में चीख पुकार मच गई। एसओ विवेक त्रिवेदी भी पहुंच गए और जानकारी की। जिस स्थान पर शव पड़ा था उससे करीब सात मीटर दूर बैव (घास) के खेत में घास रौंदी पड़ी थी। वहां पर भी काफी खून पड़ा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि राजेंद्र की हमलावरों से पहले संघर्ष हुआ। हमलावरों ने उसी स्थान उसे मौत के घाट उतार दिया। बाद में उसे खींच कर चकरोड के किनारे डालकर फरार हो गए। मृतक की चप्पलें मेड़ के किनारे पड़ी थी। एसओ विवेक त्रिवेदी ने बताया कि पिता की तहरीर पर धारा 302 और 201 आईपीसी के तहत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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घरवालों ने रंजिश से किया इंकार
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद बड़े भाई रामखिलावन यादव ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। राजेंद्र की हालत यह थी कि उसे खाना खाने आदि की चिंता नहीं रहती थी। परिवार वाले उसे घेरकर खाना खिलाते थे। घरवालों की मानें तो उसे गांव के बच्चे चिढ़ाते थे तब भी वह कोई विरोध नहीं करता था। ऐसे में अब यह सवाल यह उठता है कि जब उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी तो कोई व्यक्ति उसकी जान क्यों लेगा? परिवार के लोग भी इस बात का जवाब नहीं दे पा रहे हैं।