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प्रेत बाधा से छुटकारे के नाम पर प्रेमजाल में फंसाया
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:19 PM IST
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प्रेत बाधा से छुटकारा दिलाने के लिए युवक के पास पुत्रवधू को भेजना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। आरोप है कि युवक ने विवाहिता को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया। घरवालों को पता लगने पर विवाहिता ने तो दूरी बना ली, लेकिन युवक लगातार फोन कर परेशान कर रहा है। विवाहिता के ससुर ने मामले की शिकायत डीजीपी कार्यालय पत्र भेजकर की थी। वहां से निर्देश मिलने के बाद सीओ सिटी ने जांच शुरू कर दी है।
बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले एक शख्स ने डीजीपी को भेजे गए पत्र में बताया था कि तीन साल पहले उसकी पुत्रवधू को प्रेत बाधा की शिकायत हुई थी। कई जगह दिखाने के बाद लोगों के कहने पर उन्होंने धार्मिक आयोजन करने वाले शहर के एक युवक के पास उसको भेजना शुरू कर दिया। उसने कई बार पूजापाठ के नाम पर पुत्रवधू को पीलीभीत बुलाया तो कई बार खुद भी घर आया। हालत में सुधार होने के बाद उसने पुत्रवधू को प्रेमजाल में फंसा लिया। घर आकर भी मिलने की कोशिश की और फोन पर संपर्क जारी रहा। घरवालों को जानकारी लगने पर विवाहिता ने गलती मानी और मिलना-जुलना बंद कर दिया। आरोप है कि युवक अब भी परिवार को परेशान कर रहा है। आए दिन फोन करता है और बदनाम करने की धमकी देता है। डीजीपी से हुई शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश मिलने पर सीओ सिटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक को कार्यालय में बुलाकर सीओ ने उसका पक्ष भी जाना, जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका है। मामले की जांच की जा रही है। सच पता लगाने के लिए सीडीआर निकलवाई जाएगी। सख्त कार्रवाई होगी।
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बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र के रहने वाले एक शख्स ने डीजीपी को भेजे गए पत्र में बताया था कि तीन साल पहले उसकी पुत्रवधू को प्रेत बाधा की शिकायत हुई थी। कई जगह दिखाने के बाद लोगों के कहने पर उन्होंने धार्मिक आयोजन करने वाले शहर के एक युवक के पास उसको भेजना शुरू कर दिया। उसने कई बार पूजापाठ के नाम पर पुत्रवधू को पीलीभीत बुलाया तो कई बार खुद भी घर आया। हालत में सुधार होने के बाद उसने पुत्रवधू को प्रेमजाल में फंसा लिया। घर आकर भी मिलने की कोशिश की और फोन पर संपर्क जारी रहा। घरवालों को जानकारी लगने पर विवाहिता ने गलती मानी और मिलना-जुलना बंद कर दिया। आरोप है कि युवक अब भी परिवार को परेशान कर रहा है। आए दिन फोन करता है और बदनाम करने की धमकी देता है। डीजीपी से हुई शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश मिलने पर सीओ सिटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक को कार्यालय में बुलाकर सीओ ने उसका पक्ष भी जाना, जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका है। मामले की जांच की जा रही है। सच पता लगाने के लिए सीडीआर निकलवाई जाएगी। सख्त कार्रवाई होगी।
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