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दरिंदों की संख्या को लेकर असमंजस बरकरार

Sat, 04 Apr 2015 11:23 PM IST
पीलीभीत।
पीलीभीत। Updated Sat, 04 Apr 2015 11:23 PM IST
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police confused
किशोरी के साथ हुए गैंगरेप के मामले में दरिंदों की संख्या कितनी थी? पुलिस
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इसकी तस्वीर अभी तक साफ नहीं कर सकी है। वहीं विवेचक का कहना है कि किशोरी अभी तक दो लोगों का ही नाम बता रही है। किशोरी के बयान के आधार पर सुनगढ़ी पुलिस ने प्रकाश में आए दूसरे आरोपी मंगल की खोज कर रही है। हालांकि पुलिस रिपोर्ट में उसका नाम शामिल नहीं की है। हालत सामान्य होने के बाद बरेली जिला महिला अस्पताल से किशोरी को आज देर शाम तक पीलीभीत जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराने की संभावना जताई गई है।
शुक्रवार को किशोरी के बयान लेने गए विवेचक अमित कुमार शनिवार को वापस लौट आए। विवेचक का दावा है कि किशोरी अपनी भाभी के मौसेरे भाई और एक अन्य युवक का ही नाम ले रही है। उसका कहना है कि आरोपियों के घूसा मारने के बाद वह रामलाला ग्राउंड के पास गिरकर बेहोश हो गई थी। उसके बाद क्या हुआ उसे नहीं मालूम। होश आया तो वह जिला महिला अस्पताल में थी।
अगर पूरे घटनाक्रम पर नजर डालें तो पुलिस की जांच हाल फिलहाल बयानों तक ही अभी सीमित है। पुलिस अभी यह तस्वीर साफ नहीं कर सकी कि उसके साथ रेप की घटना कहां हुई। वह कैसे असम हाइवे पर सड़ा पुल के पास पहुंची। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह की मानें तो पुलिस ने धारा 164 के तहत कोर्ट में होने वाले किशोरी के बयानों के आधार पर कार्रवाई का मन बनाया है।    
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यह है मामला
पहली अप्रैल को शहर के एक कॉलोनी निवासी 14 वर्षीय किशोरी अपनी भाभी के कमरे से वापस घर आ रही। तभी युवकों ने उसे ले जाकर दरिंदगी की थी। आरोपी उसे बेहोशी की हालत में असम हाइवे पर डाल गए थे। किशोरी और उसकी मां ने घटना में सात युवकों के शामिल होने का दावा किया था। हालत खराब होने पर जिला अस्पताल में बरेली रेफर कर दिया गया था। वहीं विवेचक का कहना है कि किशोरी दो ही लोगों के नाम बता पा रही है।
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पीलीभीत में तैयार होगी मेडिको लीगल रिपोर्ट
किशोरी की मेडिको लीगल रिपोर्ट अब पीलीभीत में तैयार होगी। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि बरेली जिला महिला अस्पताल ने प्रारंभिक उपचार पीलीभीत में होने की बात कह मेडिको लीगल रिपोर्ट बनाने से इंकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि विवेचक ने डॉक्टर से रायशुमारी की थी। जिस पर डॉक्टर ने किशोरी की हालत सामान्य होने की बात कह उसे पीलीभीत महिला अस्पताल वापस भेजने व वहीं से जांचों के आधार पर मेडिको लीगल रिपोर्ट तैयार कराने को कहा है।
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