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बकाया रकम न मिलने पर रची थी बेटी से रेप की कहानी
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:10 PM IST
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जिला अस्पताल में मजदूर की नाबालिग बेटी से रेप का मामला सीओ सिटी की जांच में फर्जी निकला। जांच में दस हजार रुपये के पुराने लेन-देन के मामले में रेप का आरोप लगाने की बात सामने आई। किशोरी की शिनाख्त पर हिरासत में लिए गए युवकों का आमना-सामना कराने पर सचाई सामने आ गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने समझौता कर कार्रवाई से इंकार कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को चेतावनी देकर मामला खत्म कर दिया।
मालूम हो कि जिला अस्पताल में मजदूरी कर रहे बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के एक ग्रामीण ने सीओ से शिकायत की थी कि मंगलवार रात अस्पताल के चौकीदार ने उसकी नाबालिग बेटी से रेप किया। हालांकि बाद में किशोरी के चार लोगों के नाम लेने पर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। सीओ सिटी निर्मल बिष्ट ने ठेका चौकी प्रभारी रनजीत सिंह को मामले की जांच में लगाया। किशोरी की शिनाख्त पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला लेनदेन के विवाद का सामने आया। इसके बाद किशोरी और उसका पिता भी रेप के आरोप से मुकरने लगा। पुलिस ने दोनों पक्षों को को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की तो पूरा मामला फर्जी साबित हो गया। सीओ सिटी ने बताया कि मजदूर के आरोपी पर दस हजार रुपये आ रहे थे। मांगने पर कुछ दिन पहले दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। इसी को लेकर मजदूर ने बेटी से रेप का झूठा आरोप लगवा दिया।
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मालूम हो कि जिला अस्पताल में मजदूरी कर रहे बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के एक ग्रामीण ने सीओ से शिकायत की थी कि मंगलवार रात अस्पताल के चौकीदार ने उसकी नाबालिग बेटी से रेप किया। हालांकि बाद में किशोरी के चार लोगों के नाम लेने पर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। सीओ सिटी निर्मल बिष्ट ने ठेका चौकी प्रभारी रनजीत सिंह को मामले की जांच में लगाया। किशोरी की शिनाख्त पर पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला लेनदेन के विवाद का सामने आया। इसके बाद किशोरी और उसका पिता भी रेप के आरोप से मुकरने लगा। पुलिस ने दोनों पक्षों को को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की तो पूरा मामला फर्जी साबित हो गया। सीओ सिटी ने बताया कि मजदूर के आरोपी पर दस हजार रुपये आ रहे थे। मांगने पर कुछ दिन पहले दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। इसी को लेकर मजदूर ने बेटी से रेप का झूठा आरोप लगवा दिया।
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