{"_id":"58344f1a4f1c1b462413b14e","slug":"nephew-s-murder-shocked-the-death-of-uncle","type":"story","status":"publish","title_hn":"भतीजे की हत्या के सदमे में चाचा की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भतीजे की हत्या के सदमे में चाचा की मौत
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 22 Nov 2016 10:50 PM IST
विज्ञापन
भतीजे की हत्या के सदमे में चाचा की मौत
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भतीजे की मौत के सदमे से 70 वर्षीय चाचा सखावत खां ने सोमवार की रात दस बजे मौत को गले लगा लिया। घटना के बाद से उन्होंने खाना भी छोड़ दिया था। घर वालों की माने तो उन्होंने यूनूस को गोली लगते और तड़पते अपनी आंखों से देख लिया था और उसी दिन से सुधबुध हो गए थे।
गांव कितनापुर निवासी सखावत खां तीन भाईयों में सबसे छोटे थे। उनसे बड़े फैजुल्ला खां व शराफत खां है। 18 नवंबर को गांव के ही कुछ लोगों ने फैजुल्ला खां के पुत्र यूनुस की गांव के ही कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। परिवार वालों ने बताया कि इस घटना को सखावत खां ने अपनी आंखों से देखा था। सखावत खां की पत्नी नुमाइशा बेगम ने बताया कि तब यूनुस को गोली लगने से खड़ंजे पर पड़ा खून व तड़पते देखकर वो सुधबुध खो बैठे थे। वो अपने दो बेटे व तीन बेटी होने के बाद भी यूनुस को बहुत प्यार करते थे। जिसके सदमे में उन्होंने उस दिन से खाना पीना भी छोड़ दिया। सोमवार को यूनुस का तीजा था जिससे घर वालों ने सखावत को खाने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। सभी लोग खाना खा पीकर लेटने चले गए। रात लगभग दस बजे उन्होंने जोर-जोर चिल्ला कर कहा कि मैं भूरा (यूनुस) के पास जा रहा हूं तुम लोग अपना ख्याल रखना। इतना कहने के बाद उन्होंने दम छोड़ दिया। सखावत खां अपने पीछे पुत्र अफसर, रेहान व तीन पुत्री नूर बी, फूल बी, इरा बी छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
गांव कितनापुर निवासी सखावत खां तीन भाईयों में सबसे छोटे थे। उनसे बड़े फैजुल्ला खां व शराफत खां है। 18 नवंबर को गांव के ही कुछ लोगों ने फैजुल्ला खां के पुत्र यूनुस की गांव के ही कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। परिवार वालों ने बताया कि इस घटना को सखावत खां ने अपनी आंखों से देखा था। सखावत खां की पत्नी नुमाइशा बेगम ने बताया कि तब यूनुस को गोली लगने से खड़ंजे पर पड़ा खून व तड़पते देखकर वो सुधबुध खो बैठे थे। वो अपने दो बेटे व तीन बेटी होने के बाद भी यूनुस को बहुत प्यार करते थे। जिसके सदमे में उन्होंने उस दिन से खाना पीना भी छोड़ दिया। सोमवार को यूनुस का तीजा था जिससे घर वालों ने सखावत को खाने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। सभी लोग खाना खा पीकर लेटने चले गए। रात लगभग दस बजे उन्होंने जोर-जोर चिल्ला कर कहा कि मैं भूरा (यूनुस) के पास जा रहा हूं तुम लोग अपना ख्याल रखना। इतना कहने के बाद उन्होंने दम छोड़ दिया। सखावत खां अपने पीछे पुत्र अफसर, रेहान व तीन पुत्री नूर बी, फूल बी, इरा बी छोड़ गए हैं।
विज्ञापन