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फर्जी प्रमाण पत्र से बनी शिक्षिका, सेवा समाप्त
Bisalpur
Updated Sat, 03 Oct 2015 10:35 PM IST
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संयुक्त शिक्षा निदेशक ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वाली हरदोई की युवती की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और उसके विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
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राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुनिया महुआ के प्रधानाचार्य राजेश कुमार गंगवार ने बताया कि जिला हरदोई के गांव नरहाई निवासी रीतापाल ने लखनऊ विश्वविद्यालय से जारी दर्शाई गई बीए और बीएड की फर्जी अंक तालिकाओं के आधार पर माध्यमिक शिक्षा विभाग में नौकरी प्राप्त कर ली थी। उसकी नियुक्ति माह जुलाई 2015 में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुनिया महुआ में सामाजिक विषय की शिक्षिका के पद पर हो गई थी। विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेशों पर जब उसके अंक पत्रों का लखनऊ विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया गया, तो अंकपत्र फर्जी पाए गए, जिसकी रिपोर्ट बरेली मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) शिवप्रकाश द्विवेदी को सौंपी गई। जेडी ने रीता की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और बरेली के बारादरी थाने में रीता के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पोल खुलते ही रीता प्रधानाचार्य को बिना सूचना दिए चली गई।
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