फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Lack of sugarcane payment due to non-payment

गन्ने का बकाया भुगतान न होने पर जान दी

Sun, 06 Aug 2017 11:50 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
पीलीभ्ाीत ब्यूराो Updated Sun, 06 Aug 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
नेहरूनगर गांव के किसान निरंजन यादव ने गन्ने का बकाया भुगतान न होने के कारण ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। एक दिन पहले जब पलिया (लखीमपुर खीरी) इलाके में अतरिया रेलवे क्रासिंग पर जब उनका कटा हुआ शव मिला था तो यह मामला हादसे या सामान्य रूप से खुदकुशी का माना जा रहा था।
विज्ञापन

रविवार को परिवार वालों के साथ ही नेहरूनगर के ग्राम प्रधान ने निरंजन सिंह के परिवार के आर्थिक संकट से जूझने और गन्ने का बकाया भुगतान न होने से उसके परेशान होने की पुष्टि की। पिता की मौत के बाद निरंजन यादव ने अपने हिस्से में आई करीब एक एकड़ भूमि पर बोई फसल का गन्ना संपूर्णानगर चीनी मिल को सप्लाई किया था। करीब 20 हजार रुपये का उसका भुगतान मिल पर बाकी था लेकिन मिल से 14 मार्च के बाद से गन्ने का भुगतान अब तक न हो पाने के कारण निरंजन का परिवार घोर आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था।
विज्ञापन

निरंजन की पत्नी मंशा देवी ने बताया कि छह वर्षीय पुत्र दीपक पढ़ने के लिए किताबों की जिद कर रहा था। घर की चारा मशीन भी खराब हो गई थी। खाने का सामान भी लगभग खत्म हो चुका था। चार अगस्त को निरंजन गन्ने के बकाया भुगतान की जानकारी लेने बैंक की पासबुक साथ लेकर निकले थे। उन्होंने कहा था कि भुगतान की रकम खाते में आने पर बाजार से किताबें और चारा मशीन का सामान लेकर लौटूंगा। शाम तक घर न पहुंचने पर उनकी खोजबीन की गई। पांच अगस्त को निरंजन का शव पलिया (खीरी) में अतरिया क्रॉसिंग के निकट रेल ट्रैक पर मिला। कुछ दूरी पर उनकी बाइक खड़ी थी। लखीमपुर खीरी में पोस्टमार्टम के बाद परिवार वाले उनका शव लेकर शनिवार देर शाम गांव पहुंचे। रविवार को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed