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कमिश्नर ने टीम के साथ ली बाघ की जानकारी

Sun, 30 Jul 2017 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत। Updated Sun, 30 Jul 2017 10:29 PM IST
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Information about Lee Tiger with the Commissioner
टाइगर - फोटो : अमर उजाला
कचहरी के निकट किया घटना स्थल का निरीक्षण      
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शहर के निकट बाघ निकलने की सूचना मिलने पर पीलीभीत पहुंचे कमिश्नर ने वनाधिकारियों से इसकी जानकारी ली और कचहरी के निकट घटना स्थल पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ आए लोगों ने पिंजरे के सामने खड़े होकर सेल्फी भी ली।      
कमिश्नर पीवी जागनमोहन रविवार को एक निजी कार्यक्रम में पीलीभीत पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने डीएम के कैंप कार्यालय पर दोनों डीएफओ को तलब कर बाघ की गतिविधियों और इससे बचाव एवं पकड़ने के लिए किए गए उपायों की जानकारी की। दोनों डीएफओ से वार्ता के बाद वह परिवार के साथ कचहरी के निकट उस स्थान पर पहुंचे जहां बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए थे। सबसे हैरानी की बात यह है कि जहां बाघ ने एक दिन पूर्व वनकर्मियों पर हमले का प्रयास किया था और बाघ के अभी भी छिपे होने की संभावना है उस स्थान पर कमिश्नर एवं उनका परिवार घूमता रहा। इतना ही नहीं बाघ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे को भी परिवार ने देखा और फोटो खिंचवाई। ऐसे खतरानाक स्थान पर जहां आम आदमी को जाने पर वन विभाग रोक देता है वहीं कमिश्नर की सुरक्षा की परवाह किए बिना उन्हें वहां घूमाता रहा। इस बाबत जानकारी करने पर डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि कमिश्नर ने घटना स्थल का निरीक्षण किया था। घटना स्थल की हर  गतिविधि की फोटो व वीडियाग्राफी विभाग के माध्यम से कराई जा रही है। विशेष रूप से कोई फोटोग्राफी नहीं कराई गई है।      
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पीसीसीएफ ने किया जंगल का निरीक्षण
पीलीभीत। दो दिवसीय दौरे पर आए प्रमुख वनसंरक्षक (बाघ परियोजन) एके द्विवेदी ने जंगल का भ्रमण कर बाघ के हमले के घटना स्थालों का निरीक्षण किया। साथ ही हरीपुर रेंज कर निरीक्षण कर अन्य रेंजों से इसका अंतर जाना। दोपहर को वह लखनऊ रवाना हो गए।      
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प्रमुख वन संरक्षक दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को पीलीभीत आए थे। रविवार को सुबह उन्होंने वनसंरक्षक वीके सिंह के साथ हरीपुर रेंज का दौरा किया। वन संरक्षक ने उन्हें बताया हरीपुर रेंज में वुडलैंड ज्यादा है जबकि माला और महोफ में अपेक्षाकृत ग्रासलैंड और बुडलैंड दोनों है। इसलिए इन दोनों रेजों वन्यजीवों की संख्या अन्य रेंजों से अधिक है। इसके बाद उन्होंने पिछले दिनों जंगल के अंदर बाघ के हमले में मारे गए ताराचद्र, ननकी देवी, केवलराम आदि के घटना स्थलों का निरीक्षण किया। दोपहर को वह लखनऊ रवाना हो गए।      

  
गैंडा परियोजना जल्द शुरू होने की उम्मीद      
वनसंरक्षक वीके सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पिछले दिनों लखनऊ में हुई बैठक में उन्होंने टाइगर रिजर्व में गैडा परियोजना शुरू कराने का पुन: प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व में लग्गा भग्गा से लेकर सुरई रेंज की सीमा तक पर्याप्त स्थान है जिसमें गैंडे रखे जा सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीलीभीत में भी यह योजना जल्द शुरू हो सकती है।    
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