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वन विभाग ने पूरे दिन चलाया धरकपड़ अभियान
पीलीभीत/माधोटांडा।
Updated Sat, 24 Jan 2015 12:29 AM IST
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बाघ की खाल मामले में वन विभाग ने बृहस्पतिवार को पकड़े गए दो संदिग्धों से पूछताछ के बाद शुक्रवार को पूरे दिन धरपकड़ अभियान चलाया। विभाग ने कई गांव में छापेमारी कर एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन पूरे दिन चली कार्रवाई के बाद भी वन विभाग घटना का खुलासा नहीं कर सका है।
एक सप्ताह पूर्व नेपाल पुलिस ने बाघ की खाल सहित गभिया के दुलाल को पकड़ा था। दुलाल से पूछताछ के बाद वन विभाग को अब भय सता रहा है कि कहीं मारा गया बाघ टाइगर रिजर्व क्षेत्र का तो नहीं है। बाघ की हत्या की बदनामी से बचने के लिए अब वन विभाग की टीम इसके खुलासे में जुटी हुई है। शुक्रवार को मुस्तफाबाद व गभिया से दो व्यक्तियों को उठाया था। शुक्रवार को लखनऊ और दिल्ली की टीम ने यहां पहुंचकर दोनों से बातचीत की। पूछताछ में और संदिग्धों के नाम सामने आने पर वन विभाग ने पुलिस की सहायता से सुबह माधोटांडा थाना क्षेत्र के गुलाबटांडा में छापा मारकर चिरौंजीलाल एवं उसके पिता गोविंद को कब्जे मेें लिया। दोनों खाल की तस्करी मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं। इसके कुछ देर बाद रमनगरा के बाढ़ शरणालय में रह रहे नेताई को पकड़ा गया। इन आरोपियों से बातचीत के आधार पर शाम को मैनाकोट के कुछ लोगों को उठाया गया है लेकिन उनके नाम की जानकारी नहीं हो सकी है। सूत्रों के अनुसार अब तक एक दर्जन से अधिक लोग इस मामले में पकड़े जा चुके हैं। महोफ वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कार्रवाई चल रही है। सही स्थिति सामने आने पर ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
एक सप्ताह पूर्व नेपाल पुलिस ने बाघ की खाल सहित गभिया के दुलाल को पकड़ा था। दुलाल से पूछताछ के बाद वन विभाग को अब भय सता रहा है कि कहीं मारा गया बाघ टाइगर रिजर्व क्षेत्र का तो नहीं है। बाघ की हत्या की बदनामी से बचने के लिए अब वन विभाग की टीम इसके खुलासे में जुटी हुई है। शुक्रवार को मुस्तफाबाद व गभिया से दो व्यक्तियों को उठाया था। शुक्रवार को लखनऊ और दिल्ली की टीम ने यहां पहुंचकर दोनों से बातचीत की। पूछताछ में और संदिग्धों के नाम सामने आने पर वन विभाग ने पुलिस की सहायता से सुबह माधोटांडा थाना क्षेत्र के गुलाबटांडा में छापा मारकर चिरौंजीलाल एवं उसके पिता गोविंद को कब्जे मेें लिया। दोनों खाल की तस्करी मामले में पहले भी जेल जा चुके हैं। इसके कुछ देर बाद रमनगरा के बाढ़ शरणालय में रह रहे नेताई को पकड़ा गया। इन आरोपियों से बातचीत के आधार पर शाम को मैनाकोट के कुछ लोगों को उठाया गया है लेकिन उनके नाम की जानकारी नहीं हो सकी है। सूत्रों के अनुसार अब तक एक दर्जन से अधिक लोग इस मामले में पकड़े जा चुके हैं। महोफ वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कार्रवाई चल रही है। सही स्थिति सामने आने पर ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
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