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दरोगा ने एफआर के खिलाफ खोला मोर्चा
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 14 Sep 2016 11:24 PM IST
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पांच महीने पहले मेला ड्यूटी के दौरान दरोगा से हाथापाई करने के मामले में अफसरों की ओर से लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को पीड़ित दरोगा ने चुनौती दी है। विवेचक और अफसरों पर विवेचना के दौरान साक्ष्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। एसपी के समक्ष पेश होकर दरोगा ने प्रकरण की दोबारा जांच कराने की मांग की है।
वर्तमान समय में बरेली जिले के बारादरी थाने में तैनात दरोगा धर्मेंद्र कुमार बुधवार को एसपी के सामने पेश हुए। एसपी को एक पत्र देकर दरोगा ने बताया कि अप्रैल माह में उसकी तैनाती पीलीभीत की शहर कोतवाली में थी। 15 अप्रैल 2016 को मां यशवंतरी देवी मंदिर में आयोजित नवरात्रि मेले में उसकी ड्यूटी थी। मंदिर में शोहदों पर वह शिकंजा कस रहा था। इस दौरान मंदिर कमेटी के कुछ लोगों ने अपने साथियों संग आकर उससे गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर सरेआम मारपीट की गई थी। इसका शहर कोतवाली में मंदिर के पुजारी आदि के खिलाफ धारा 353,332,504,506 आईपीसी के तहत केस भी दर्ज किया गया था। मामले में विवेचक और अन्य अफसरों ने 12 जून 2016 को फाइनल रिपोर्ट लगवा दी। आरोप है कि मुकदमे की विवेचना के दौरान तथ्यों को अनदेखा किया गया है। दरोगा ने मामले की दोबारा नए सिरे से जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है।
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वर्तमान समय में बरेली जिले के बारादरी थाने में तैनात दरोगा धर्मेंद्र कुमार बुधवार को एसपी के सामने पेश हुए। एसपी को एक पत्र देकर दरोगा ने बताया कि अप्रैल माह में उसकी तैनाती पीलीभीत की शहर कोतवाली में थी। 15 अप्रैल 2016 को मां यशवंतरी देवी मंदिर में आयोजित नवरात्रि मेले में उसकी ड्यूटी थी। मंदिर में शोहदों पर वह शिकंजा कस रहा था। इस दौरान मंदिर कमेटी के कुछ लोगों ने अपने साथियों संग आकर उससे गाली-गलौज की। इसका विरोध करने पर सरेआम मारपीट की गई थी। इसका शहर कोतवाली में मंदिर के पुजारी आदि के खिलाफ धारा 353,332,504,506 आईपीसी के तहत केस भी दर्ज किया गया था। मामले में विवेचक और अन्य अफसरों ने 12 जून 2016 को फाइनल रिपोर्ट लगवा दी। आरोप है कि मुकदमे की विवेचना के दौरान तथ्यों को अनदेखा किया गया है। दरोगा ने मामले की दोबारा नए सिरे से जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है।
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