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खेत की सिंचाई कर रहे किसान को बाघ ने बनाया निवाला
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 28 Nov 2016 10:22 PM IST
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खेत की सिंचाई कर रहे किसान को बाघ ने बनाया निवाला
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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गेहूं बुवाई की तैयारी के लिए खेत की सिंचाई कर रहे एक किसान पर बाघ ने हमला कर दिया। वह उसे पड़ोस के गन्ने के खेत में खींच कर ले गया। सूचना पर पहुंची वन व पुलिस टीम ने बमुश्किल शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। खेत में मौजूद बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने चारों ओर से जाल लगा दिया है। बेहोश कर उसे पकड़ने के लिए दुधवा से हाथी और प्रशिक्षित स्टाफ की टीम को बुलाया लिया गया है। देर शाम तक बाघ को पकड़ने की जद्दोजेहद में वन महकमा जुटा रहा। प्रभारी डीएम अजयकांत सैनी ने मृत किसान के परिवार को पांच लाख रुपये वन विभाग की ओर से और पांच लाख रुपये किसान दुर्घटना बीमा के रूप में देने की घोषणा की है। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत है।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया संतोष निवासी 52 वर्षीय किसान बाबूराम रविवार शाम गेहूं बुवाई के लिए खेत में सिंचाई कर रहे थे। ओस से बचने के लिए वह अपने खेत में ही डनलप के ऊपर गन्ने की पताई डालकर उसे झोपड़ी का आकार दे उसी के नीचे बैठे थे। इसी दौरान सुबह करीब चार बजे खेत में घूम रहे बाघ ने उस पर हमला कर मार डाला और पड़ोस में गन्ने के खेत में खींच ले गया। बाबूराम का बड़ा बेटा नीरज और छोटा बेटा धीरज सुबह करीब पांच बजे चाय लेकर खेत पर पहुंचा तो उन्हें बाबूराम दिखाई नहीं दिए। डनलप से कुछ दूरी पर उनका मफलर पड़ा था और मौके पर खून भी था। बाघ के पगमार्ग भी दिखाई दिए। जमीन पर घिसटने के भी कुछ निशान थे, जो गन्ने के खेत तक गए थे। यह देखते ही बाबूराम के पुत्र घटना को समझ गए। शोर कर उन्होंने गांव वालों को सूचना दी। कुछ ही देर में बाघ के हमले की खबर फैल गई। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंच गई। साथ ही एडीएम अजयकांत सैनी, एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव, एसडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन, डीएफओ कैलाश प्रकाश, आदर्श कुमार, कई रेंजर एवं वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को नियंत्रित कर वन व पुलिस कर्मियों ने गन्ने के खेत में घुसने का प्रयास किया। खेत में बैठे बाघ की गुर्राहट सुनकर लोग हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में काफी शोर शराबा करने के बाद बाघ अपनी जगह से कुछ दूर हटा। इसके बाद वनकर्मियों ने पटाखे दागे और फायरिंग कर बाघ का ध्यान बंटाने के बाद बाबूराम के शव को खेत से बाहर निकाला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने शव घरवालों को दिखाने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर पुलिस को वाहन से शव उतारना पड़ा। बाद में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत है। टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि गन्ने के खेत में मौजूद बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा से हाथी और बाघ को बेहोश करने वाली टीम बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि अगर इसमे सफलता मिलती है तो पकड़े गए बाघ को उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद लखनऊ प्राणि उद्यान्न भेजा जाएगा।
...कहीं इकट्ठा होने के बाद उग्र न हो जाए भीड़, इस लिए बरता एहतियात
जमुनिया/पीलीभीत। पांच दिन पूर्व मल्लपुर गांव में बाघ आने के बाद पुलिस और लोगों के बीच हुई भिड़ंत को संज्ञान में लेकर सोमवार को पुलिस महकमा बाघ को लेकर खासा अलर्ट दिखाई दिया। पिपरिया संतोष गांव में बाघ के होने का पता लगते ही भीड़ को जमा होने से रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए। एडीएम, एएसपी भी पुलिस बल के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पहुंच गए।
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सोमवार सुबह तड़के माधौटांडा के गांव पिपरिया संतोष में बाघ के हमले में किसान बाबूराम की मौत होने की जानकारी पुलिस को मिली। यह भी पता लगा कि हमला करने के बाद बाघ पास के एक गन्ने के खेत में छिप गया है। इधर वन विभाग की टीम बाघ को पकडने के प्रयास में रही। वहीं इससे कुछ दिन पहले मल्लपुर गांव में हुई पब्लिक -पुलिस की भिड़ंत को संज्ञान में लेकर पुलि अलर्ट रही। शुरू में पुलिस ने भीड़ को जमा होने नहीं दिया, ताकि बाघ को पकडने के लिए की जाने वाली कार्रवाई बाधित न हो सके। एसडीएम पूरनपुर श्रद्धा शांडिल्यायन, सीओ जगत राम जोशी, माधौटांडा प्रभारी एसओ पहले ही मौके पर थे। इधर एसपी सभाराज के निर्देश पर एएसपी डा.रामसुरेश यादव, पुलिस व पीएसी के साथ पिपरिया संतोष गांव पहुंच गए। एडीएम अजयकांत सैनी भी पहुंचे और ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। कार्य में बाधा न आए, इसके लिए ज्यादा भीड़ खेत के आसपास जमा नहीं होने दी गई। एसपी सभाराज ने बताया कि पूर्व की घटना में भीड़ ने बिना कोई कारण पुलिस पर पथराव कर दिया था। इसी को देखते हुए पिपरिया संतोष गांव में एडीएम, एएसपी को फोर्स के साथ भेज दिया गया। वन विभाग की ओर से बाघ की मौजूदगी वाले खेत में जाल लगाए जाने के बाद ही भीड़ को खेत के कुछ करीब जाने दिया गया।
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माधोटांडा थाना क्षेत्र के गांव पिपरिया संतोष निवासी 52 वर्षीय किसान बाबूराम रविवार शाम गेहूं बुवाई के लिए खेत में सिंचाई कर रहे थे। ओस से बचने के लिए वह अपने खेत में ही डनलप के ऊपर गन्ने की पताई डालकर उसे झोपड़ी का आकार दे उसी के नीचे बैठे थे। इसी दौरान सुबह करीब चार बजे खेत में घूम रहे बाघ ने उस पर हमला कर मार डाला और पड़ोस में गन्ने के खेत में खींच ले गया। बाबूराम का बड़ा बेटा नीरज और छोटा बेटा धीरज सुबह करीब पांच बजे चाय लेकर खेत पर पहुंचा तो उन्हें बाबूराम दिखाई नहीं दिए। डनलप से कुछ दूरी पर उनका मफलर पड़ा था और मौके पर खून भी था। बाघ के पगमार्ग भी दिखाई दिए। जमीन पर घिसटने के भी कुछ निशान थे, जो गन्ने के खेत तक गए थे। यह देखते ही बाबूराम के पुत्र घटना को समझ गए। शोर कर उन्होंने गांव वालों को सूचना दी। कुछ ही देर में बाघ के हमले की खबर फैल गई। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम पहुंच गई। साथ ही एडीएम अजयकांत सैनी, एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव, एसडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन, डीएफओ कैलाश प्रकाश, आदर्श कुमार, कई रेंजर एवं वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को नियंत्रित कर वन व पुलिस कर्मियों ने गन्ने के खेत में घुसने का प्रयास किया। खेत में बैठे बाघ की गुर्राहट सुनकर लोग हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में काफी शोर शराबा करने के बाद बाघ अपनी जगह से कुछ दूर हटा। इसके बाद वनकर्मियों ने पटाखे दागे और फायरिंग कर बाघ का ध्यान बंटाने के बाद बाबूराम के शव को खेत से बाहर निकाला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने शव घरवालों को दिखाने की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। इस पर पुलिस को वाहन से शव उतारना पड़ा। बाद में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत है। टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि गन्ने के खेत में मौजूद बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा से हाथी और बाघ को बेहोश करने वाली टीम बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि अगर इसमे सफलता मिलती है तो पकड़े गए बाघ को उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद लखनऊ प्राणि उद्यान्न भेजा जाएगा।
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...कहीं इकट्ठा होने के बाद उग्र न हो जाए भीड़, इस लिए बरता एहतियात
जमुनिया/पीलीभीत। पांच दिन पूर्व मल्लपुर गांव में बाघ आने के बाद पुलिस और लोगों के बीच हुई भिड़ंत को संज्ञान में लेकर सोमवार को पुलिस महकमा बाघ को लेकर खासा अलर्ट दिखाई दिया। पिपरिया संतोष गांव में बाघ के होने का पता लगते ही भीड़ को जमा होने से रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए। एडीएम, एएसपी भी पुलिस बल के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पहुंच गए।
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सोमवार सुबह तड़के माधौटांडा के गांव पिपरिया संतोष में बाघ के हमले में किसान बाबूराम की मौत होने की जानकारी पुलिस को मिली। यह भी पता लगा कि हमला करने के बाद बाघ पास के एक गन्ने के खेत में छिप गया है। इधर वन विभाग की टीम बाघ को पकडने के प्रयास में रही। वहीं इससे कुछ दिन पहले मल्लपुर गांव में हुई पब्लिक -पुलिस की भिड़ंत को संज्ञान में लेकर पुलि अलर्ट रही। शुरू में पुलिस ने भीड़ को जमा होने नहीं दिया, ताकि बाघ को पकडने के लिए की जाने वाली कार्रवाई बाधित न हो सके। एसडीएम पूरनपुर श्रद्धा शांडिल्यायन, सीओ जगत राम जोशी, माधौटांडा प्रभारी एसओ पहले ही मौके पर थे। इधर एसपी सभाराज के निर्देश पर एएसपी डा.रामसुरेश यादव, पुलिस व पीएसी के साथ पिपरिया संतोष गांव पहुंच गए। एडीएम अजयकांत सैनी भी पहुंचे और ग्रामीणों से सहयोग की अपील की। कार्य में बाधा न आए, इसके लिए ज्यादा भीड़ खेत के आसपास जमा नहीं होने दी गई। एसपी सभाराज ने बताया कि पूर्व की घटना में भीड़ ने बिना कोई कारण पुलिस पर पथराव कर दिया था। इसी को देखते हुए पिपरिया संतोष गांव में एडीएम, एएसपी को फोर्स के साथ भेज दिया गया। वन विभाग की ओर से बाघ की मौजूदगी वाले खेत में जाल लगाए जाने के बाद ही भीड़ को खेत के कुछ करीब जाने दिया गया।