{"_id":"58adc0204f1c1b8716b232e1","slug":"enraged-people-bareilly-to-haridwar-highway-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुस्साए लोगों ने बरेली-हरिद्वार हाईवे किया जाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गुस्साए लोगों ने बरेली-हरिद्वार हाईवे किया जाम
अमर उजाला ब्यूरो अमरिया/ पीलीभीत।
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हत्यारोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग
पुलिस-प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
अमरिया में मंगलवार को छह साल के बच्चे की हत्या के बाद से दूसरे दिन भी लोगों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। बुधवार दोपहर कस्बे की महिलाओं और पुरुषों ने बरेली हरिद्वार हाइवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने घटना के लिए पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। बाद में उन्होंने एसडीएम पुष्पा देवरार को ज्ञापन सौंपते हुए हत्यारोपी नजीम को फांसी की सजा दिए जाने और जिले में नशे के कारोबार बंद कराने की मांगी की।
मंगलवार को दिन दहाड़े कसबा निवासी नईम कुरैशी के पुत्र मोसिन (6) की पड़ोस के ही युवक नजीम मियां ने नृशंस हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए थे और खाल भी उतार दी थी। पुलिस ने आरोपी युवक को मंगलवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। उधर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद रात में ही गमगीन माहौल में कस्बे के कब्रिस्तान में मृत को दफन किया गया।
लोगों के चेहरे पर आक्रोश दूसरे दिन भी देखा गया। प्रदर्शन करते हुए लोगों ने चरस, स्मैक के अलावा मेडिकल स्टोर पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मिलीभगत से नशे के इंजेक्शन बेचने का आरोप लगाया। एसडीएम पुष्पा देवरार ने जल्द टीम बनाकर छापेमारी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस मौके पर इमरान कादरी, कट्टर सिंह, संजय, नाजिम, सिकंदर, हामिद खां, रमेश, मोईन, प्रदीप, परमीत गुप्ता, मोहम्मद तारिक, नीरज पांडे, राशिद, असगर अली, अखलाक, असलम जावेद, जमा मलिक आदि थे।
विज्ञापन
सुरक्षा के चलते रात में भेजा जेल
पीलीभीत। आरोपी नजीम की गिरफ्तारी मंगलवार दोपहर को ही हो चुकी थी। इसके बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर भीड़ की शक्ल में दिखाई दे रहा था। ऐसे में पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए थे, जिसके चलते पहले आरोपी को अमरिया थाने से हटाकर पीलीभीत भेज दिया गया। रात में वह खुद को कुछ न कर लेे या दिन में कोर्ट ले जाते वक्त कानून व्यवस्था के लिए समस्या न खड़ी हो जाए। इसकी आशंका पर पुलिस के आला अधिकारियों ने आरोपी को मंगलवार की रात में ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की गुजारिश न्यायिक अधिकारियों से की। इसे न्यायिक अधिकारियों ने स्वीकार लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश पंकज उपाध्याय के समक्ष पेश किया। जहां अदालत के आदेश पर हत्यारोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश होने पर उसे रात में ही जेल भेज दिया।
24 घंटे बाद भी हत्या की वजह साफ नहीं
छह वर्षीय मासूम मोनिस की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस आरोपी से लंबी पूछताछ के बाद भी वजह का पता लगाने में असफल रही है। परिवार, समाज और पुलिस के मन में घटना के बाद से उठ रहे सवालों के जवाब न मिलने से नृशंस हत्याकांड एक पहेली बनकर रह गया है।
पुलिस के पूछने पर मुस्कुराता रहा आरोपी
आरोपी नजीम पूछताछ के दौरान घटना को लेकर कुछ भी नहीं बोला। कभी गुमराह करता तो कभी बच्चे को पूछता रहा। कई बार बेवजह की बात कह हंसता रहा। जिससे वह मानसिक और कभी बेहद चालाक किस्म का अपराधी लगता। हंसकर बच्चे के बारे में पूछता, फिर चुप हो जाता। जिससे अफसर भी आरोपी के आगे बेबस दिखे।
मकान पर ताला, आरोपी के परिवार वाले गायब
लोगों में आक्रोश देख आरोपी का पूरा परिवार घटना के बाद से मकान को मकान को ताला लगाकर कहीं चले गए है। दूसरे दिन बुधवार को भी कोई भी दिखाई नहीं दिया। आरोपी की मानसिक स्थिति का पता करने के लिए पुलिस को भी परिवार के वापस आने का इंतजार है।
रिमांड पर लेकर दुबारा पूछताछ करेगी पुलिस
घटना के पीछे फिलहाल पुलिस अभी कुकर्म में असफल होने पर हत्या किए जाने की बात ही मानकर कार्रवाई कर रही है। शव के टुकड़े करने को लेकर क्या कारण रहे, इसका पता लगाने को उसको रिमांड पर लेकर दुबारा पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा एसपीओ व चिकित्सकों से भी इसको लेकर पुलिस अधिकारी बातचीत कर रहे है। इसके अलावा एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि न्यायिक कार्रवाई को लेकर जिला जज से भी संपर्क किया जाएगा। जिसमें जल्द चार्जशीट दाखिल कर एक माह के भीतर ट्रायल पर लेेने की बात होगी।
सोशल साइट्स पर छाया अमरिया कांड
वैसे तो मासूम बच्चों की पहले भी कई बार हत्याएं की जा चुकी है। दरिंदगी के भी कई मामले जिले में सामने आ चुके है, लेकिन हत्या के बाद खाल उतार कई टुकड़े करने की वीभत्स घटना जिले के अलावा आसपास भी नहीं सुनी गई। घटना के बाद से ही मासूम के शव के फोटो वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हो गए और हर तरफ आरोपी को सख्त सजा देने की मांग सड़कों से लेकर सोशल साइट्स तक दिखी।
गांव में मातमी सन्नाटा, सहम गए नन्हे कदम
अमरिया। बुधवार को गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। घरों में चूल्हे नहीं जले। हर चेहरे पर आक्रोश दिखाई दिया। घटना की दहशत लोगों में इस कदर रही कि बुधवार को अमरिया व आसपास के क्षेत्र में बच्चों को घर से निकालने में लोग घबराते रहे। स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या भी कम रही। इसके अलावा गलियों में भी जहां बच्चे अक्सर खेलते दिखा करते थे, वहां सन्नाटा पसरा दिखा।
नशे के धंधे के खिलाफ उमड़ा जनक्रोश
सिर्फ रणनीत बनाने में ही बीता पहला दिन
वीभत्स हत्याकांड के बाद जिले में नशे के कारोबार पर कार्रवाई की मांग जोरशोर से उठने लगी। बुधवार को अमरिया ही नहीं जिले के कई इलाकों में नशे के कारोबार को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पुलिस की साठगांठ को लेकर भी लोग खुलकर बोले।
लोगों ने बताया कि स्मैक का नशा करने वाले शहर से लेकर देहात की गलियों में घूम रहे है। जिनको अक्सर पब्लिक द्वारा छिटपुट चोरी की वारदात करते मौके से पकड़ा जाता है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हो पाती। पुलिस कस्टडी में नशेड़ी खुद को कुछ कर न ले, इसके डर से पुलिस भी कार्रवाई से पीछे हट जाती है। अमरिया की वारदात के बाद लोगों को ऐसे नशे के आदी युवकों से अपने बच्चों की जान का डर सताने लगा है। सवाल यह भी है कि इन पर कार्रवाई कैसे की जा सकेगी।
बढ़ते आक्रोश को देख महकमा सख्ती के दावे तो कर रहा है, लेकिन घटना के बाद का पहला दिन रणनीति बनाने में ही गुजार दिया गया, कोई छापेमारी नहीं की गई। नेपाल व उत्तराखंड सीमा से सटा होने के कारण जिला मादक पदार्थ का कारोबार व उसकी तस्करी करने वालों के लिए पिछले काफी समय से मुफीद बना हुआ है। पुलिस से साठगांठ भी जगजाहिर है। मंगलवार की घटना के बाद अधिकारियों ने सख्ती के दावे तो किए, लेकिन कार्रवाई की शुरुआत बुधवार को भी नहीं की जा सकी। अधिकारी मंथन करने में ही लगे रहे और दिन बीत गया। न तो कोई चिन्हितीकरण किया गया, न ही छापेमारी। सिर्फ दिशानिर्देशों के बीच ही खाकी की सख्ती सिमटती दिखाई दी। पुराने रिकार्ड की छटनी करने की भी जहमत नहीं उठाई गई।
नशा बिका तो, एसओ पर कार्रवाई तय: एसपी
पूछताछ के दौरान आरोपी कुछ नहीं बोल रहा था। जिससे वजह स्पष्ट हो सके। उसको रात में ही जेल भेज दिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति या फिर पहले कभी कुकर्म की वारदात करने को लेकर भी छानबीन की जा रही है। नशे की रोकथाम को सख्त कदम उठाए जाएंगे। सर्किल अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए है। जिस थाना क्षेत्र में नशा बिकता पकड़ा, तो उसके एसओ पर कार्रवाई तय है।
देवरंजन वर्मा, एसपी
पुलिस-प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
अमरिया में मंगलवार को छह साल के बच्चे की हत्या के बाद से दूसरे दिन भी लोगों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। बुधवार दोपहर कस्बे की महिलाओं और पुरुषों ने बरेली हरिद्वार हाइवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने घटना के लिए पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। बाद में उन्होंने एसडीएम पुष्पा देवरार को ज्ञापन सौंपते हुए हत्यारोपी नजीम को फांसी की सजा दिए जाने और जिले में नशे के कारोबार बंद कराने की मांगी की।
मंगलवार को दिन दहाड़े कसबा निवासी नईम कुरैशी के पुत्र मोसिन (6) की पड़ोस के ही युवक नजीम मियां ने नृशंस हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए थे और खाल भी उतार दी थी। पुलिस ने आरोपी युवक को मंगलवार को ही गिरफ्तार कर लिया था। उधर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद रात में ही गमगीन माहौल में कस्बे के कब्रिस्तान में मृत को दफन किया गया।
विज्ञापन
लोगों के चेहरे पर आक्रोश दूसरे दिन भी देखा गया। प्रदर्शन करते हुए लोगों ने चरस, स्मैक के अलावा मेडिकल स्टोर पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मिलीभगत से नशे के इंजेक्शन बेचने का आरोप लगाया। एसडीएम पुष्पा देवरार ने जल्द टीम बनाकर छापेमारी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस मौके पर इमरान कादरी, कट्टर सिंह, संजय, नाजिम, सिकंदर, हामिद खां, रमेश, मोईन, प्रदीप, परमीत गुप्ता, मोहम्मद तारिक, नीरज पांडे, राशिद, असगर अली, अखलाक, असलम जावेद, जमा मलिक आदि थे।
विज्ञापन
सुरक्षा के चलते रात में भेजा जेल
पीलीभीत। आरोपी नजीम की गिरफ्तारी मंगलवार दोपहर को ही हो चुकी थी। इसके बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर भीड़ की शक्ल में दिखाई दे रहा था। ऐसे में पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए थे, जिसके चलते पहले आरोपी को अमरिया थाने से हटाकर पीलीभीत भेज दिया गया। रात में वह खुद को कुछ न कर लेे या दिन में कोर्ट ले जाते वक्त कानून व्यवस्था के लिए समस्या न खड़ी हो जाए। इसकी आशंका पर पुलिस के आला अधिकारियों ने आरोपी को मंगलवार की रात में ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की गुजारिश न्यायिक अधिकारियों से की। इसे न्यायिक अधिकारियों ने स्वीकार लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश पंकज उपाध्याय के समक्ष पेश किया। जहां अदालत के आदेश पर हत्यारोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश होने पर उसे रात में ही जेल भेज दिया।
24 घंटे बाद भी हत्या की वजह साफ नहीं
छह वर्षीय मासूम मोनिस की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस आरोपी से लंबी पूछताछ के बाद भी वजह का पता लगाने में असफल रही है। परिवार, समाज और पुलिस के मन में घटना के बाद से उठ रहे सवालों के जवाब न मिलने से नृशंस हत्याकांड एक पहेली बनकर रह गया है।
पुलिस के पूछने पर मुस्कुराता रहा आरोपी
आरोपी नजीम पूछताछ के दौरान घटना को लेकर कुछ भी नहीं बोला। कभी गुमराह करता तो कभी बच्चे को पूछता रहा। कई बार बेवजह की बात कह हंसता रहा। जिससे वह मानसिक और कभी बेहद चालाक किस्म का अपराधी लगता। हंसकर बच्चे के बारे में पूछता, फिर चुप हो जाता। जिससे अफसर भी आरोपी के आगे बेबस दिखे।
मकान पर ताला, आरोपी के परिवार वाले गायब
लोगों में आक्रोश देख आरोपी का पूरा परिवार घटना के बाद से मकान को मकान को ताला लगाकर कहीं चले गए है। दूसरे दिन बुधवार को भी कोई भी दिखाई नहीं दिया। आरोपी की मानसिक स्थिति का पता करने के लिए पुलिस को भी परिवार के वापस आने का इंतजार है।
रिमांड पर लेकर दुबारा पूछताछ करेगी पुलिस
घटना के पीछे फिलहाल पुलिस अभी कुकर्म में असफल होने पर हत्या किए जाने की बात ही मानकर कार्रवाई कर रही है। शव के टुकड़े करने को लेकर क्या कारण रहे, इसका पता लगाने को उसको रिमांड पर लेकर दुबारा पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा एसपीओ व चिकित्सकों से भी इसको लेकर पुलिस अधिकारी बातचीत कर रहे है। इसके अलावा एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि न्यायिक कार्रवाई को लेकर जिला जज से भी संपर्क किया जाएगा। जिसमें जल्द चार्जशीट दाखिल कर एक माह के भीतर ट्रायल पर लेेने की बात होगी।
सोशल साइट्स पर छाया अमरिया कांड
वैसे तो मासूम बच्चों की पहले भी कई बार हत्याएं की जा चुकी है। दरिंदगी के भी कई मामले जिले में सामने आ चुके है, लेकिन हत्या के बाद खाल उतार कई टुकड़े करने की वीभत्स घटना जिले के अलावा आसपास भी नहीं सुनी गई। घटना के बाद से ही मासूम के शव के फोटो वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हो गए और हर तरफ आरोपी को सख्त सजा देने की मांग सड़कों से लेकर सोशल साइट्स तक दिखी।
गांव में मातमी सन्नाटा, सहम गए नन्हे कदम
अमरिया। बुधवार को गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। घरों में चूल्हे नहीं जले। हर चेहरे पर आक्रोश दिखाई दिया। घटना की दहशत लोगों में इस कदर रही कि बुधवार को अमरिया व आसपास के क्षेत्र में बच्चों को घर से निकालने में लोग घबराते रहे। स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या भी कम रही। इसके अलावा गलियों में भी जहां बच्चे अक्सर खेलते दिखा करते थे, वहां सन्नाटा पसरा दिखा।
नशे के धंधे के खिलाफ उमड़ा जनक्रोश
सिर्फ रणनीत बनाने में ही बीता पहला दिन
वीभत्स हत्याकांड के बाद जिले में नशे के कारोबार पर कार्रवाई की मांग जोरशोर से उठने लगी। बुधवार को अमरिया ही नहीं जिले के कई इलाकों में नशे के कारोबार को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पुलिस की साठगांठ को लेकर भी लोग खुलकर बोले।
लोगों ने बताया कि स्मैक का नशा करने वाले शहर से लेकर देहात की गलियों में घूम रहे है। जिनको अक्सर पब्लिक द्वारा छिटपुट चोरी की वारदात करते मौके से पकड़ा जाता है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हो पाती। पुलिस कस्टडी में नशेड़ी खुद को कुछ कर न ले, इसके डर से पुलिस भी कार्रवाई से पीछे हट जाती है। अमरिया की वारदात के बाद लोगों को ऐसे नशे के आदी युवकों से अपने बच्चों की जान का डर सताने लगा है। सवाल यह भी है कि इन पर कार्रवाई कैसे की जा सकेगी।
बढ़ते आक्रोश को देख महकमा सख्ती के दावे तो कर रहा है, लेकिन घटना के बाद का पहला दिन रणनीति बनाने में ही गुजार दिया गया, कोई छापेमारी नहीं की गई। नेपाल व उत्तराखंड सीमा से सटा होने के कारण जिला मादक पदार्थ का कारोबार व उसकी तस्करी करने वालों के लिए पिछले काफी समय से मुफीद बना हुआ है। पुलिस से साठगांठ भी जगजाहिर है। मंगलवार की घटना के बाद अधिकारियों ने सख्ती के दावे तो किए, लेकिन कार्रवाई की शुरुआत बुधवार को भी नहीं की जा सकी। अधिकारी मंथन करने में ही लगे रहे और दिन बीत गया। न तो कोई चिन्हितीकरण किया गया, न ही छापेमारी। सिर्फ दिशानिर्देशों के बीच ही खाकी की सख्ती सिमटती दिखाई दी। पुराने रिकार्ड की छटनी करने की भी जहमत नहीं उठाई गई।
नशा बिका तो, एसओ पर कार्रवाई तय: एसपी
पूछताछ के दौरान आरोपी कुछ नहीं बोल रहा था। जिससे वजह स्पष्ट हो सके। उसको रात में ही जेल भेज दिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति या फिर पहले कभी कुकर्म की वारदात करने को लेकर भी छानबीन की जा रही है। नशे की रोकथाम को सख्त कदम उठाए जाएंगे। सर्किल अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए है। जिस थाना क्षेत्र में नशा बिकता पकड़ा, तो उसके एसओ पर कार्रवाई तय है।
देवरंजन वर्मा, एसपी