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कोर्ट के आदेश के पांच साल बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
पीलीभीत।
Updated Mon, 15 Jun 2015 11:53 PM IST
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बलात्कार के समाज विरोधी गंभीर मामले में पूरनपुर पुलिस कोर्ट के आदेश के पांच साल बाद रिपोर्ट दर्ज की। यह कार्रवाई भी सीजेएम अहसान हुसैन की सख्ती के बाद हुई।
कस्बा पूरनपुर के मोहल्ला खानका निवासी यासीन खां पुत्र मुन्ने पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने कोर्ट में अर्जी दी गई। इसके अनुसार 15 जनवरी 2010 की रात्रि 10 बजे यासीन खां ने तमंचा लेकर घर में घुसकर बलात्कार किया।
तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कृष्ण ने छह अप्रैल 2010 को पूरनपुर कोतवाल को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए थे। आदेश की कापी पूरनपुर पुलिस को भी उसी समय उपलब्ध कराई गई थी लेकिन पुलिस ने अब तक यह मामला दर्ज नहीं किया। पीड़ित ने इस बीच दर्जनों चक्कर पुलिस के पास लगाए।
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हारकर पीड़ित ने पुन: कोर्ट की शरण ली। सीजेएम अहसान हुसैन को जब यह बताया गया कि आदेश के पांच साल बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है तो वह भौचक रह गए। उन्होंने एसपी को इस बाबत कड़ा पत्र लिखा। कोर्ट की सख्ती से पुलिस हरकत में आई और 11 जून 2015 को रात्रि 9.30 बजे रिपोर्ट दर्ज हुई।
रिपोर्ट की कापी अदालत में भी भेजी गई है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत इस मामले में पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना रही है।
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कस्बा पूरनपुर के मोहल्ला खानका निवासी यासीन खां पुत्र मुन्ने पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने कोर्ट में अर्जी दी गई। इसके अनुसार 15 जनवरी 2010 की रात्रि 10 बजे यासीन खां ने तमंचा लेकर घर में घुसकर बलात्कार किया।
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तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कृष्ण ने छह अप्रैल 2010 को पूरनपुर कोतवाल को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए थे। आदेश की कापी पूरनपुर पुलिस को भी उसी समय उपलब्ध कराई गई थी लेकिन पुलिस ने अब तक यह मामला दर्ज नहीं किया। पीड़ित ने इस बीच दर्जनों चक्कर पुलिस के पास लगाए।
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हारकर पीड़ित ने पुन: कोर्ट की शरण ली। सीजेएम अहसान हुसैन को जब यह बताया गया कि आदेश के पांच साल बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है तो वह भौचक रह गए। उन्होंने एसपी को इस बाबत कड़ा पत्र लिखा। कोर्ट की सख्ती से पुलिस हरकत में आई और 11 जून 2015 को रात्रि 9.30 बजे रिपोर्ट दर्ज हुई।
रिपोर्ट की कापी अदालत में भी भेजी गई है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत इस मामले में पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना रही है।