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चार माह बाद कश्मीर के ईंट भट्टे से छूटकर आए ग्रामीण
ब्ययूराो, अमर उजाला पीलीभ्ाीत
Updated Tue, 18 Oct 2016 11:13 PM IST
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छूटकर अाआए मजदूर
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कोतवाली क्षेत्र के गांव अखौली के 11 लोग जम्मू कश्मीर के भट्टे से चार माह बाद छूटकर सकुशल घर आ गए हैं। इन लोगों को देखने वालों का तांता लगा हुआ है।
गांव अखौली के 11 लोग 27 जुलाई 2016 को जम्मू कश्मीर के जिला श्रीनगर के ग्राम बुलबुल नौगांव के एक ईंट भट्टे पर काम करने गए थे। आरोप है कि बीसलपुर नगर के मोहल्ला ग्यासपुर के तीन लोग इन ग्रामीणों को 800 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर सेब तुड़वाने का लालच देकर धोखे से ईंट भट्टे पर ले गए और वहां मजदूरी पर लगा दिया। इन लोगों ने मोबाइल फोन पर अपने घर वालों को पूरे मामले की जानकारी दी। उसके बाद इनके घर वालों ने एसपी मुनिराज जी को इस संबंध में संयुक्त तहरीर दी। तहरीर पर गांव के ब्रजेश कुमार, कृष्ण औतार, झम्मनलाल, लक्ष्मण प्रसाद, साधूराम, रामबहादुर और नत्थूलाल के हस्ताक्षर थे। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने 24 सितंबर को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। रिपोर्ट में मोहल्ला ग्यासपुर की रूबी, उसके भाई नबीशेर और पुत्र सोनू को नामजद किया गया था। पुलिस ने रूबी को 27 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाकी दोनों नामजद आरोपी अभी फरार हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने भट्टे पर काम रहे लोगों को विरोध करने पर आतंकियों से मरवाने की धमकी भी दी थी। इस बीच भट्टे पर काम रहे लोगों ने भट्टा मालिक से घर जाने को कहा लेकिन भट्टा मालिक ने यह कहकर उन्हें घर नहीं जाने दिया कि वह 10 अक्तूबर तक उन लोगों से काम कराने का भुगतान उनके ठेकेदारों को दे दिया गया है। श्रमिकों ने जब घर जाने का ज्यादा दबाव बनाया, तभी भट्टा मालिक ने उनका काफी उत्पीडन भी किया। 10 अक्तूबर को भट्टा बंद होते ही भट्टा मालिक ने इन्हें रिहा कर दिया। रिहा होते ही ये लोग वहां से चल दिए और 13 अक्तूबर को घर आ गए। भाजयुमो के जिला महामंत्री डॉ. सुरेंद्र गंगवार ने उनके घर पहुंचकर उनके हाल चाल पूछे और उनकी पूरी मदद करने का आश्वासन दिया। उनका हाल चाल जानने के लिए घरों पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
ये लोग गए थे जम्मू कश्मीर-
रचित, सर्वेश, जयप्रकाश, देव प्रकाश, रामपाल, अमित, नन्हूलाल, रवि कुमार, सोनू, महेश और विश्राम।
पुलिस ने अभी तक नहीं लिए बयान
जम्मू कश्मीर से गांव अखौली के 11 लोग 13 अक्तूबर को वापस आ गए थे। इस मामले की पैरवी कर रहे अखौली के ब्रजेश कुमार ने उसी दिन प्रभारी कोतवाल केपी सिंह और सीओ बीपी सिंह इन लोगों के लौट आने की सूचना दे दी लेकिन पुलिस ने अभी तक इन लोगों के बयान लेने की जहमत नहीं उठाई है।
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गांव अखौली के 11 लोग 27 जुलाई 2016 को जम्मू कश्मीर के जिला श्रीनगर के ग्राम बुलबुल नौगांव के एक ईंट भट्टे पर काम करने गए थे। आरोप है कि बीसलपुर नगर के मोहल्ला ग्यासपुर के तीन लोग इन ग्रामीणों को 800 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर सेब तुड़वाने का लालच देकर धोखे से ईंट भट्टे पर ले गए और वहां मजदूरी पर लगा दिया। इन लोगों ने मोबाइल फोन पर अपने घर वालों को पूरे मामले की जानकारी दी। उसके बाद इनके घर वालों ने एसपी मुनिराज जी को इस संबंध में संयुक्त तहरीर दी। तहरीर पर गांव के ब्रजेश कुमार, कृष्ण औतार, झम्मनलाल, लक्ष्मण प्रसाद, साधूराम, रामबहादुर और नत्थूलाल के हस्ताक्षर थे। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने 24 सितंबर को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। रिपोर्ट में मोहल्ला ग्यासपुर की रूबी, उसके भाई नबीशेर और पुत्र सोनू को नामजद किया गया था। पुलिस ने रूबी को 27 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाकी दोनों नामजद आरोपी अभी फरार हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने भट्टे पर काम रहे लोगों को विरोध करने पर आतंकियों से मरवाने की धमकी भी दी थी। इस बीच भट्टे पर काम रहे लोगों ने भट्टा मालिक से घर जाने को कहा लेकिन भट्टा मालिक ने यह कहकर उन्हें घर नहीं जाने दिया कि वह 10 अक्तूबर तक उन लोगों से काम कराने का भुगतान उनके ठेकेदारों को दे दिया गया है। श्रमिकों ने जब घर जाने का ज्यादा दबाव बनाया, तभी भट्टा मालिक ने उनका काफी उत्पीडन भी किया। 10 अक्तूबर को भट्टा बंद होते ही भट्टा मालिक ने इन्हें रिहा कर दिया। रिहा होते ही ये लोग वहां से चल दिए और 13 अक्तूबर को घर आ गए। भाजयुमो के जिला महामंत्री डॉ. सुरेंद्र गंगवार ने उनके घर पहुंचकर उनके हाल चाल पूछे और उनकी पूरी मदद करने का आश्वासन दिया। उनका हाल चाल जानने के लिए घरों पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
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ये लोग गए थे जम्मू कश्मीर-
रचित, सर्वेश, जयप्रकाश, देव प्रकाश, रामपाल, अमित, नन्हूलाल, रवि कुमार, सोनू, महेश और विश्राम।
पुलिस ने अभी तक नहीं लिए बयान
जम्मू कश्मीर से गांव अखौली के 11 लोग 13 अक्तूबर को वापस आ गए थे। इस मामले की पैरवी कर रहे अखौली के ब्रजेश कुमार ने उसी दिन प्रभारी कोतवाल केपी सिंह और सीओ बीपी सिंह इन लोगों के लौट आने की सूचना दे दी लेकिन पुलिस ने अभी तक इन लोगों के बयान लेने की जहमत नहीं उठाई है।
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