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हादसे के बाद भी नहीं चेते अफसर, गुस्साए ग्रामीणों का प्रदर्शन
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बीसलपुर (पीलीभीत)। बरात की बग्घी में करंट उतरने के बाद 14 लोगों के झुलसने के बावजूद पावर कॉरपोरेशन के अफसर नहीं चेते। सोमवार दूसरे दिन भी हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों को ठीक नहीं किया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को पॉवर कारपोरेशन अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इधर, एसडीएम ने पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की फटकार लगाई। एसडीएम का दावा है कि जल्द लाइन का सुधार कराया जाएगा।
दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में दो मार्च की रात हादसा हुआ था। बरात चढ़ने के दौरान हाईटेंशन लाइन से दूने पर बग्घी में करंट उतर आया था। करंट लगने से एक घोड़े की मौत हो गई थी, जबकि 14 लोग झुलस गए थे। दूल्हे ने बग्गी से कूदकर खुद को बचाया था। एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने मामला संज्ञान में आने पर एसडीओ प्रमोद गौतम और जेई कुलदीप कुमार को बिजली के झूलते तारों को ठीक करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश का भी पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। हादसे के बाद दूसरे दिन सोमवार को भी झूलते तार ठीक नहीं किए गए। इस पर गुस्साए ग्रामीणों ने एकत्र होकर पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इनमें प्रधानपति पुत्तूलाल, सूरजपाल, गोपाल, विवेक, वीरपाल, सोनपाल, रामभरोसे, मूूलचंद्र, विनोद समेत कई ग्रामीण हैं।
हादसे के बाद से ठप है सप्लाई
दो मार्च की रात हुए हादसे के बाद से मोहम्मदपुर गांव में बिजली सप्लाई ठप है। दरअसल, हादसे के बाद इसकी सूचना पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद दियोरियाकलां सब स्टेेशन के एसएसओ कमलेश शर्मा ने सुरक्षा के लिहाज से सप्लाई को बंद करा दिया था, जिसको सोमवार को भी शुरू नहीं किया जा सका है।
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मोहम्मदपुर गांव में अब तक बिजली के तारों का सुधार न कराने पर संबंधित विभाग के अफसरों से बातचीत की गई है। इसमें जर्जर और झूलते तारों को ठीक करने को कहा गया है।
- वंदना त्रिवेदी, एसडीएम
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दियोरियाकलां कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में दो मार्च की रात हादसा हुआ था। बरात चढ़ने के दौरान हाईटेंशन लाइन से दूने पर बग्घी में करंट उतर आया था। करंट लगने से एक घोड़े की मौत हो गई थी, जबकि 14 लोग झुलस गए थे। दूल्हे ने बग्गी से कूदकर खुद को बचाया था। एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने मामला संज्ञान में आने पर एसडीओ प्रमोद गौतम और जेई कुलदीप कुमार को बिजली के झूलते तारों को ठीक करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश का भी पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ा। हादसे के बाद दूसरे दिन सोमवार को भी झूलते तार ठीक नहीं किए गए। इस पर गुस्साए ग्रामीणों ने एकत्र होकर पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इनमें प्रधानपति पुत्तूलाल, सूरजपाल, गोपाल, विवेक, वीरपाल, सोनपाल, रामभरोसे, मूूलचंद्र, विनोद समेत कई ग्रामीण हैं।
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हादसे के बाद से ठप है सप्लाई
दो मार्च की रात हुए हादसे के बाद से मोहम्मदपुर गांव में बिजली सप्लाई ठप है। दरअसल, हादसे के बाद इसकी सूचना पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद दियोरियाकलां सब स्टेेशन के एसएसओ कमलेश शर्मा ने सुरक्षा के लिहाज से सप्लाई को बंद करा दिया था, जिसको सोमवार को भी शुरू नहीं किया जा सका है।
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मोहम्मदपुर गांव में अब तक बिजली के तारों का सुधार न कराने पर संबंधित विभाग के अफसरों से बातचीत की गई है। इसमें जर्जर और झूलते तारों को ठीक करने को कहा गया है।
- वंदना त्रिवेदी, एसडीएम