{"_id":"597345014f1c1b5e148b4b63","slug":"71500726529-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला, पुलिस ने टरकाया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला, पुलिस ने टरकाया
Updated Sat, 22 Jul 2017 05:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहानाबाद (पीलीभीत)। मरीज को देखकर घर लौट रही महिला प्रधान पर जानलेवा हमला किया गया। रंजिश के चलते दबंगों ने उसको रास्ते में रोककर मारपीट की। इसके बाद असलहा दिखाकर मारने की धमकी दी। पीड़ित के शोर मचाने पर आसपास के लोग जमा हो गए। जिस पर आरोपी भाग निकले। पुलिस पर अनसुना करने का आरोप लगाते हुए महिला ने अफसरों से न्याय की गुहार लगाई है।
जहानाबाद क्षेत्र के ग्राम सिरसी निवासी प्रधान तबस्सुम बेगम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गांव के कुछ दबंगों से उनकी रंजिश है। वह आए दिन उसके साथ मारपीट या फिर झूठी शिकायतें किया करते हैं। शुक्रवार देर शाम गांव में एक मरीज को देखकर वह घर आ रही थीं। इस बीच रास्ते में आरोपियों ने महिला को रोक गाली गलौच शुरू कर दी। आरोप है कि एक आरोपी बंदूक लेकर आया और जान से मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर आसपास के कई लोग आ गए। जिनको देखकर आरोपी भाग गए। इसकी शिकायत रात में ही जहानाबाद पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने बिना जांच किए ही घटना को संदिग्ध बताकर टालमटोल शुरू कर दी। दी गई तहरीर पर दूसरे दिन भी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जिस पर पीड़िता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए है। एसएचओ रविंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
जहानाबाद क्षेत्र के ग्राम सिरसी निवासी प्रधान तबस्सुम बेगम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गांव के कुछ दबंगों से उनकी रंजिश है। वह आए दिन उसके साथ मारपीट या फिर झूठी शिकायतें किया करते हैं। शुक्रवार देर शाम गांव में एक मरीज को देखकर वह घर आ रही थीं। इस बीच रास्ते में आरोपियों ने महिला को रोक गाली गलौच शुरू कर दी। आरोप है कि एक आरोपी बंदूक लेकर आया और जान से मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर आसपास के कई लोग आ गए। जिनको देखकर आरोपी भाग गए। इसकी शिकायत रात में ही जहानाबाद पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने बिना जांच किए ही घटना को संदिग्ध बताकर टालमटोल शुरू कर दी। दी गई तहरीर पर दूसरे दिन भी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जिस पर पीड़िता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए है। एसएचओ रविंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन