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संविदा पर नौकरी लगवाने के नाम पर रिटायर्ड दरोगा से ठगे चार लाख

Fri, 05 Apr 2019 11:20 PM IST
Prashant Singh Prashant Singh
Updated Fri, 05 Apr 2019 11:20 PM IST
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संविदा पर नौकरी लगवाने के नाम पर रिटायर्ड दरोगा से ठगे चार लाख
पीलीभीत। पावर कॉरपोरेशन में संविदा पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर तीन जालसाजों ने रिटायर्ड दरोगा से चार लाख रुपये ठग लिए। भरोसे में लेेने के लिए पीड़ित के बेटे और एक अन्य रिश्तेदार का फर्जी आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र समेत कई अभिलेख बनाकर दे डाले। नियुक्ति स्थल भी तय कर दिया। बाद में ठगी खुलने पर आरोपी रुपये लौटाने की बात कहकर टालमटोल करते रहे, लेकिन अब तक कोई रकम नहीं लौटाई। अब शिकायत मिलने पर बरखेड़ा पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के छत्रपति शिवाजी कॉलोनी निवासी रिटायर्ड दरोगा रूपराम सागर ने बरखेड़ा थाने में दी गई तहरीर में बताया कि उनके बेटे जितेंद्र उर्फ बंटी का दोस्त न्यूरिया थाना क्षेत्र के जंगरौली आशा गांव निवासी देवेंद्र कुमार दिसंबर 2017 में उनके घर आया। उसके साथ बार नवादा जहानाबाद निवासी दिलीप कुमार गंगवार और बरखेड़ा क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी रोहताश कुमार भी थे। आरोपियों ने कहा कि वह पावर कॉरपोरेशन में ग्रामीण क्षेत्रों पर लगवाए जा रहे मीटरों के काम में लगे हुए हैं। वह उनके बेटे की संविदा पर नौकरी लगवा देंगे। प्रति माह 15 हजार रुपये वेतन मिलने का झांसा दिया। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने बेटे बंटी और अपने साले बाल कृष्ण के बेटे विपन कुमार की नौकरी की बात कही। इस पर आरोपियों ने तीन लाख रुपये 20 दिसंबर 2017 को ले लिए। जनवरी 2018 में नियुक्ति पत्र, परिचय पत्र समेत कुछ फर्जी कागजात भी पीड़ित को दे दिए और कहा कि दोनों की संविदा पर नौकरी लग गई है। उनको बरखेड़ा के पौटाकलां इलाके में काम करना होगा। ज्वाइनिंग के लिए कुछ दिन रूकने को कहा। फरवरी 2018 में रोहताश दुबारा घर आया और बाकी के एक लाख रुपये भी ले गया। उसने कहा कि बकाया न मिलने के चलते नौकरी में कुछ विलंब हो रहा है। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित ने आरोपियों के फोन पर संपर्क करना चाहा, इस पर नंबर बंद आया। तकादा करने पर आरोपियों ने चार लाख का चेक दे दिया, जोकि बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। इसके बाद से आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। एक अक्तूबर 2018 को आरोपियों ने बीस दिन में लिए गए रुपये लौटाने की बात कही। इसके बाद भी अब तक कोई रुपया नहीं लौटाया गया है। इंस्पेक्टर बरखेड़ा एसके उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूट रचित अभिलेख तैयार कर इस्तेमाल करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना की जांच कराई जा रही है।
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