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हत्या कर फेंके गए शवों को नहीं मिल सकी पहचान
Updated Tue, 13 Mar 2018 07:39 PM IST
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हत्या कर फेंके गए शवों की नहीं हो सकी पहचान
खाकी नाकाम, हत्यारों को मिल रहा अभयदान
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। योगी सरकार अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों को सख्ती से काम करने की सीख दे रही है। इसके बावजूद अपराधी आसानी से खाकी की निगाह से बचकर निकल रहे हैं। खास कर हत्या के अज्ञात शवों से जुड़े मामलों को लेकर ये तस्वीर आम हो गई है। ऐसी घटनाओं में हत्यारों तक पहुंचना तो दूर पुलिस शिनाख्त कराने में कामयाब नहीं हो पा रही है। नतीजतन औपचारिक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई रिपोर्ट का अंत एफआर (फाइनल रिपोर्ट) तक सीमित हो कर रह गया है।
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केस एक:
12 सितंबर 2017 को पूरनपुर क्षेत्र स्थित हरदोई ब्रांच नहर में मटेहना कालोनी के पास अज्ञात युवती का शव मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। कई दिनों शिनाख्त का प्रयास किया गया, इसके बाद हत्या कर साक्ष्य छिपाने की धारा में दर्ज रिपोर्ट को पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। हालांकि कोतवाल योगेंद्र पाल शर्मा शिनाख्त के प्रयास जारी होने की बात कह रहे हैं।
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केस दो:
17 अक्तूबर 2017 को न्यूरिया के सड़ा गांव में गन्ने के खेत में एक 20 वर्षीय युवती का जला शव मिला था। इस मामले में भी पुलिस कार्रवाई जस की तस है। विवेचक भारत वर्मा का कहना है कि वह शिनाख्त का प्रयास कर रहे हैं। अभी कोई क्लू नहीं मिला है।
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केस तीन:
10 फरवरी 2018 को गजरौला के माला स्टेशन के पीछे जंगल में एक व्यक्ति का क्षतविक्षत शव फंदे पर पेड़ से लटका मिला था। उसकी भी शिनाख्त नहीं हो सकी है। एसओ वीके पटेल का कहना है कि मामले में विसरा जांच के लिए भेजा गया है। शव काफी पुराना होने की वजह से शिनाख्त नहीं हो सकी है।
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केस चार:
27 फरवरी 2018 को सेहरामऊ उत्तरी के मैलानी जंगल में 30 वर्षीय अज्ञात युवती का क्षतविक्षत शव मिला था। उसकी हत्या की गई थी। कार्रवाई के नाम पर मामले में सिर्फ रिपोर्ट दर्ज है। एसओ राजकुमार भारद्वाज शिनाख्त करने की दिशा में कार्रवाई जारी होने की बात कह साख बचा रहे हैं।
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अज्ञात शव मिलने पर स्थानीय थानों के अलावा आसपास के जनपदों में सूचना भेज गुमशुदा व अपहरण के मामलों से मिलान कर शिनाख्त के प्रयास किए जाते हैं। इसमें अधिकांशत: कामयाबी मिल भी जाती है। कई बार शव क्षतविक्षत होने या फिर दूर जनपद का होने पर पहचान नहीं हो पाती। शिनाख्त को लेकर लगातार प्रयास जारी रहता है।
कलानिधि नैथानी, एसपी
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हत्या कर फेंके गए शवों की नहीं हो सकी पहचान
खाकी नाकाम, हत्यारों को मिल रहा अभयदान
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। योगी सरकार अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों को सख्ती से काम करने की सीख दे रही है। इसके बावजूद अपराधी आसानी से खाकी की निगाह से बचकर निकल रहे हैं। खास कर हत्या के अज्ञात शवों से जुड़े मामलों को लेकर ये तस्वीर आम हो गई है। ऐसी घटनाओं में हत्यारों तक पहुंचना तो दूर पुलिस शिनाख्त कराने में कामयाब नहीं हो पा रही है। नतीजतन औपचारिक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई रिपोर्ट का अंत एफआर (फाइनल रिपोर्ट) तक सीमित हो कर रह गया है।
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केस एक:
12 सितंबर 2017 को पूरनपुर क्षेत्र स्थित हरदोई ब्रांच नहर में मटेहना कालोनी के पास अज्ञात युवती का शव मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। कई दिनों शिनाख्त का प्रयास किया गया, इसके बाद हत्या कर साक्ष्य छिपाने की धारा में दर्ज रिपोर्ट को पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। हालांकि कोतवाल योगेंद्र पाल शर्मा शिनाख्त के प्रयास जारी होने की बात कह रहे हैं।
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केस दो:
17 अक्तूबर 2017 को न्यूरिया के सड़ा गांव में गन्ने के खेत में एक 20 वर्षीय युवती का जला शव मिला था। इस मामले में भी पुलिस कार्रवाई जस की तस है। विवेचक भारत वर्मा का कहना है कि वह शिनाख्त का प्रयास कर रहे हैं। अभी कोई क्लू नहीं मिला है।
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केस तीन:
10 फरवरी 2018 को गजरौला के माला स्टेशन के पीछे जंगल में एक व्यक्ति का क्षतविक्षत शव फंदे पर पेड़ से लटका मिला था। उसकी भी शिनाख्त नहीं हो सकी है। एसओ वीके पटेल का कहना है कि मामले में विसरा जांच के लिए भेजा गया है। शव काफी पुराना होने की वजह से शिनाख्त नहीं हो सकी है।
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केस चार:
27 फरवरी 2018 को सेहरामऊ उत्तरी के मैलानी जंगल में 30 वर्षीय अज्ञात युवती का क्षतविक्षत शव मिला था। उसकी हत्या की गई थी। कार्रवाई के नाम पर मामले में सिर्फ रिपोर्ट दर्ज है। एसओ राजकुमार भारद्वाज शिनाख्त करने की दिशा में कार्रवाई जारी होने की बात कह साख बचा रहे हैं।
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अज्ञात शव मिलने पर स्थानीय थानों के अलावा आसपास के जनपदों में सूचना भेज गुमशुदा व अपहरण के मामलों से मिलान कर शिनाख्त के प्रयास किए जाते हैं। इसमें अधिकांशत: कामयाबी मिल भी जाती है। कई बार शव क्षतविक्षत होने या फिर दूर जनपद का होने पर पहचान नहीं हो पाती। शिनाख्त को लेकर लगातार प्रयास जारी रहता है।
कलानिधि नैथानी, एसपी