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सर्च टीम को मिले बाघ के पदचिन्ह, फोटो भी आए
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:48 PM IST
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पीलीभीत।
बेहरी गांव के क्षेत्र में कई दिन गायब रहने के बाद बाघ के पदचिह्न मिले हैं साथ ही क्षेत्र में लगे कैमरों में भी फोटो आए हैं। इससे बाघ की इस क्षेत्र में मौजूदगी होने की पुष्टि हुई है लेकिन यह कौन सा बाघ है, इसकी जांच के लिए पूर्व में आए फोटो से मिलान किया जाएगा।
वनकटी के जंगल से निकलकर देवहा नदी पार बेहरी गांव के निकट पहुंचे बाघ ने सात, आठ और 10 अगस्त को तीन लोगों की जान ने ली थी। इस बाघ को पकड़ने के लिए वनकर्मियों के साथ विशेषज्ञों की टीमें लगाई गई थीं लेकिन सफलता नहीं मिली। एक माह से अधिक समय से चल रहे अभियान मे पिछले करीब 15 दिनों में बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली थी, इससे माना जा रहा था कि बाघ क्षेत्र छोड़ गया है। वन विभाग ने भी अपना अभियान धीमा कर हाथियों को हटा लिया, साथ ही कई विशेषज्ञ भी अभियान से हट गए लेकिन वन संरक्षक ने बाघ के हटने के सबूत मिलने तक अभियान जारी रखने के निर्देश दिए थे। रविवार को सुबह सर्च अभियान टीम को बेहरी और हिमकनपुर गांव के आसपास खेत एवं नदी की तलहटी में बाघ के पदचिह्न मिले हैं। पदचिह्न मिलने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि पदचिह्न मिलने से बाघ के क्षेत्र में होने की पुष्टि हुई है लेकिन यह बाघ वहीं है अथवा अक्सर अमरिया से यहां तक चहल कदमी करने वाला बाघ है, इसकी जांच के लिए क्षेत्र में लगे कैमरों में आए फोटो को सोमवार से मिलान कराकर देखा जाएगा।
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बेहरी गांव के क्षेत्र में कई दिन गायब रहने के बाद बाघ के पदचिह्न मिले हैं साथ ही क्षेत्र में लगे कैमरों में भी फोटो आए हैं। इससे बाघ की इस क्षेत्र में मौजूदगी होने की पुष्टि हुई है लेकिन यह कौन सा बाघ है, इसकी जांच के लिए पूर्व में आए फोटो से मिलान किया जाएगा।
वनकटी के जंगल से निकलकर देवहा नदी पार बेहरी गांव के निकट पहुंचे बाघ ने सात, आठ और 10 अगस्त को तीन लोगों की जान ने ली थी। इस बाघ को पकड़ने के लिए वनकर्मियों के साथ विशेषज्ञों की टीमें लगाई गई थीं लेकिन सफलता नहीं मिली। एक माह से अधिक समय से चल रहे अभियान मे पिछले करीब 15 दिनों में बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली थी, इससे माना जा रहा था कि बाघ क्षेत्र छोड़ गया है। वन विभाग ने भी अपना अभियान धीमा कर हाथियों को हटा लिया, साथ ही कई विशेषज्ञ भी अभियान से हट गए लेकिन वन संरक्षक ने बाघ के हटने के सबूत मिलने तक अभियान जारी रखने के निर्देश दिए थे। रविवार को सुबह सर्च अभियान टीम को बेहरी और हिमकनपुर गांव के आसपास खेत एवं नदी की तलहटी में बाघ के पदचिह्न मिले हैं। पदचिह्न मिलने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि पदचिह्न मिलने से बाघ के क्षेत्र में होने की पुष्टि हुई है लेकिन यह बाघ वहीं है अथवा अक्सर अमरिया से यहां तक चहल कदमी करने वाला बाघ है, इसकी जांच के लिए क्षेत्र में लगे कैमरों में आए फोटो को सोमवार से मिलान कराकर देखा जाएगा।
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