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पुलिस ने हटाया गेहूं की फसल काटने पर लगा प्रतिबंध
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बीसलपुर। चुर्रासकतपुर चौकी पुलिस द्वारा गांव भगवंतपुर करोड़ में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल काटने पर लगाई गई रोक हटा दी गई है। अमर उजाला ने पुलिस की मनमानी को लेकर किसानों में पनप रहे गुस्से की रविवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो पुलिस बैकफुट पर आ गई। उसने किसानों को गेहूं काटने की अनुमति दे दी।
गांव भगवंतपुर करोड़ में देवहा नदी की जमीन पर दबंगों द्वारा बोए गए गेहूं की फसल काटने को लेकर 14 अप्रैल को दो पक्षों में विवाद हो गया था, इसका पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया। सीओ प्रवीन मलिक ने झगड़े को देखते हुए विवादित जमीन पर खड़े गेहूं की कटाई पर चुनाव तक प्रतिबंध लगा दिया था। सीओ ने ग्रामीणों से कहा था कि चुनाव के बाद राजस्व विभाग की टीम से फसल के स्वामित्व की जांच कराई जाएगी। इसके बाद पात्रों को पुलिस की मौजूदगी में फसल कटवा दी जाएगी। सीओ ने केवल विवादित जमीन पर खड़ी फसल काटने पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन चुर्रासकतपुर चौकी पुलिस ने गांव के सभी किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को काटने पर ही रोक लगा दी। इससे उनमें हड़कंप मच गया था। अधिकारियों से शिकायत के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने शनिवार को तहसील परिसर में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। अमर उजाला ने इस समाचार को रविवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इससे पुलिस बैकफुट पर आ गई। चुर्रासकतपुर चौकी पुलिस ने किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई पर अवैध रूप से लगाया प्रतिबंध हटा लिया है। चौकी पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल काट सकते हैं। केवल विवादित जमीन पर खड़ी फसल चुनाव के बाद ही काटने दी जाएगी।
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गांव भगवंतपुर करोड़ में देवहा नदी की जमीन पर दबंगों द्वारा बोए गए गेहूं की फसल काटने को लेकर 14 अप्रैल को दो पक्षों में विवाद हो गया था, इसका पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया। सीओ प्रवीन मलिक ने झगड़े को देखते हुए विवादित जमीन पर खड़े गेहूं की कटाई पर चुनाव तक प्रतिबंध लगा दिया था। सीओ ने ग्रामीणों से कहा था कि चुनाव के बाद राजस्व विभाग की टीम से फसल के स्वामित्व की जांच कराई जाएगी। इसके बाद पात्रों को पुलिस की मौजूदगी में फसल कटवा दी जाएगी। सीओ ने केवल विवादित जमीन पर खड़ी फसल काटने पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन चुर्रासकतपुर चौकी पुलिस ने गांव के सभी किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को काटने पर ही रोक लगा दी। इससे उनमें हड़कंप मच गया था। अधिकारियों से शिकायत के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने शनिवार को तहसील परिसर में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। अमर उजाला ने इस समाचार को रविवार के अंक में प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इससे पुलिस बैकफुट पर आ गई। चुर्रासकतपुर चौकी पुलिस ने किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई पर अवैध रूप से लगाया प्रतिबंध हटा लिया है। चौकी पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल काट सकते हैं। केवल विवादित जमीन पर खड़ी फसल चुनाव के बाद ही काटने दी जाएगी।
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