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भैराकलां के प्रधान पर एफआईआर के आदेश
Updated Fri, 08 Dec 2017 06:48 PM IST
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94,757 रुपये के गबन की आधी धनराशि भी करनी होगी जमा
पीलीभीत। भैराकलां प्रधान के जेल जाने के बाद प्रशासन द्वारा नियुक्त कार्यवाहक प्रधान ने सचिव से मिलकर विकास कार्यों में गड़बड़ी की। जांच रिपोर्ट में आरोप सही मिलने पर डीएम ने प्रधान के खिलाफ एफआईआर कराने और जांच में पाए गए 94,757 रुपये के गबन की आधी धनराशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सचिव को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
माधोटांडा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भैराकलां में करीब दो साल पहले प्रधान गुरप्रीत सिंह गोपी को पुलिस ने हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। इसके बाद ग्राम पंचायत कार्यों के संचालन के लिए गांव के ही जगतार सिंह को कार्यवाहक प्रधान नियुक्त किया था, लेकिन कार्यवाहक प्रधान ने भी पंचायत सचिव राकेश कुमार के साथ मिलकर विकास कार्यों में गड़बड़ी शुरू कर दी। इस पर गांव के ही किशनलाल ने डीएम से शिकायत कर जांच कराने की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार ने मामले की जांच की। जिसमें ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर 94,757 रुपये का गबन पाया। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया पूरी किए बिना निर्माण सामग्री मंगाने और ग्राम पंचायत की फर्जी बैठक दर्शाने का दोषी पाया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम शीतल वर्मा ने कार्यवाहक प्रधान जगतार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। प्रधान के जवाब देने और इसका परीक्षण होने के दौरान पंचायत सचिव को अनंतिम रूप से बहाल भी कर दिया गया। इधर, कार्यवाहक प्रधान के स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने पर डीएम ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और गबन की आधी धनराशि वसूलने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा इस मामले में कुछ दिन पूर्व अनंतिम रूप से बहाल हुए पंचायत सचिव राकेश कुमार को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि डीएम के आदेश पर एडीओ पंचायत को एफआईआर कराने के निर्देश दे दिए हैं।
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पीलीभीत। भैराकलां प्रधान के जेल जाने के बाद प्रशासन द्वारा नियुक्त कार्यवाहक प्रधान ने सचिव से मिलकर विकास कार्यों में गड़बड़ी की। जांच रिपोर्ट में आरोप सही मिलने पर डीएम ने प्रधान के खिलाफ एफआईआर कराने और जांच में पाए गए 94,757 रुपये के गबन की आधी धनराशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सचिव को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
माधोटांडा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भैराकलां में करीब दो साल पहले प्रधान गुरप्रीत सिंह गोपी को पुलिस ने हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। इसके बाद ग्राम पंचायत कार्यों के संचालन के लिए गांव के ही जगतार सिंह को कार्यवाहक प्रधान नियुक्त किया था, लेकिन कार्यवाहक प्रधान ने भी पंचायत सचिव राकेश कुमार के साथ मिलकर विकास कार्यों में गड़बड़ी शुरू कर दी। इस पर गांव के ही किशनलाल ने डीएम से शिकायत कर जांच कराने की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार ने मामले की जांच की। जिसमें ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर 94,757 रुपये का गबन पाया। इसके अलावा टेंडर प्रक्रिया पूरी किए बिना निर्माण सामग्री मंगाने और ग्राम पंचायत की फर्जी बैठक दर्शाने का दोषी पाया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम शीतल वर्मा ने कार्यवाहक प्रधान जगतार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। प्रधान के जवाब देने और इसका परीक्षण होने के दौरान पंचायत सचिव को अनंतिम रूप से बहाल भी कर दिया गया। इधर, कार्यवाहक प्रधान के स्पष्टीकरण से संतुष्ट न होने पर डीएम ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और गबन की आधी धनराशि वसूलने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा इस मामले में कुछ दिन पूर्व अनंतिम रूप से बहाल हुए पंचायत सचिव राकेश कुमार को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि डीएम के आदेश पर एडीओ पंचायत को एफआईआर कराने के निर्देश दे दिए हैं।
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