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वृद्ध किसान की दिनदहाडे़ गोली मारकर हत्या

Thu, 18 Jul 2019 02:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2019 02:44 AM IST
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वृद्ध किसान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
पूरनपुर (पीलीभीत)। घर का सामान खरीदने साइकिल से पूरनपुर आ रहे वृद्ध किसान शंकरलाल पांडे (70) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एएसपी ने जानकारी जुटाई। परिवार के लोगों ने किसी रंजिश से इंकार किया। फिर भी पुलिस का मानना है कि संभव है संपत्ति के चक्कर में हत्या की गई हो।
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पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर निवासी शंकरलाल पांडे खेती करते थे। उनकी चार विवाहित बेटियां हैं। पत्नी की मौत के बाद से वह अकेले रहते थे। छोटी बेटी नीलम की ससुराल पड़ोस के गांव पिपरिया जयभद्र में है। वही उनकी देखरेख करती थी। इसके अलावा गांव में ही बड़ी बेटी सुनीता की भी ससुराल है। वह भी पिता की हाल-चाल लेती रहती थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे वह साइकिल से घरेलू सामान खरीदने के लिए पूरनपुर जाने को निकले। दो किलोमीटर दूर भगवंतापुर मार्ग पर टूटी पुलिया के पास पहुंचते ही उनकी सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई। ग्रामीणों से शंकरलाल के लहूलुहान सड़क पर पड़े होने की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में एएसपी रोहित मिश्र, सीओ कमल सिंह भी पुलिस बल के साथ आ गए। आनन-फानन में शंकरलाल पांडे को सीएचसी पूरनपुर भिजवाया गया, वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन हत्या का कोई कारण भी नहीं बता सके। भतीजे गोपीराम पांडे से मिली तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। इंस्पेक्टर आरके कश्यप के अनुसार संपत्ति के लिए हत्या हो सकती है। पूरी बात जांच के बाद सामने आएगी।
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वृद्ध के परिजन घटना को लेकर कुछ भी नहीं बता पा रहे हैं। मौका मुआयना कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कुछ बिंदुओं पर पुलिस की टीमें पड़ताल करने को लगाई गई हैं, ताकि हत्याकांड के खुलासे तक पहुंचा जा सके। अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जल्द वर्कआउट किया जाएगा।
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- रोहित मिश्र, एएसपी

पुलिस को शक- संपत्ति को लेकर तो नहीं हुई हत्या
पूरनपुर। पुलिस को शक है कि वृद्ध किसान शंकर लाल पांडेय की हत्या संपत्ति को लेकर की गई है। पुलिस इसी बिंदु को सामने रखकर जांच कर रही है। परिजन हत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों को तलाश रही है, ताकि घटना के बारे में कुछ क्लू हाथ लग सके।
वृद्ध किसान की चार बेटियों सुनीता, नन्ही देवी, ऊषा और नीलम की शादी हो चुकी है। बेटा कोई नहीं है। गांव वालों की माने तो शंकरलाल की अपनी पुत्रियों सहित परिवार के किसी सदस्य से ज्यादा नहीं बनती थी। उनकी पत्नी रामलली की करीब एक साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। तब से वह अकेले ही रह रहे थे। शंकर लाल पांडेय काफी कमजोर थे। उनका गांव के अलावा पूरनपुर के मोहल्ला चौक में भी एक मकान है। करीब छह एकड़ जमीन है। गांव से अक्सर साइकिल से नगर वाले घर पर आते रहते थे। बुधवार को भी वह साइकिल से घर से पूरनपुर आ रहे थे। तभी रास्ते में गोली मारकर उनकी हत्या की गई। हत्या किसने और क्यों की? इसका परिवार वाले कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि पुलिस संपत्ति को लेकर बुजुर्ग की हत्या होने का संदेह जता रही है। इंस्पेक्टर आरके कश्यप ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में संपत्ति को लेकर बुजुर्ग किसान की हत्या होना लग रहा है। इसमें किसी करीबी का हाथ होने की आशंका है।

घटना के बाद खेतों से गायब हो गए लोग
पूरनपुर। बुजुर्ग किसान की जिस रोड पर हत्या की गई, उस पर देररात तक आवागमन रहता है। घटना के वक्त धान के खेतों से कई लोग घास भी निकाल रहे थे। फायर की आवाज सुनकर और घटना की जानकारी मिलने पर आनन-फानन में सभी लोग खेतों से भाग गए।


परिवार और रिश्तेदारों से रहती थी दूरी
पूरनपुर। कहने को तो शंकर लाल की चार पुत्री-दामाद, नाती और भतीजों का भरा पूरा परिवार है, लेकिन उनकी सबसे दूरी रहती थी। शंकर लाल के बड़े भाई सियाराम का निधन हो चुका है। उनके पांच पुत्र हैं। शंकर लाल की गांव में ही ब्याही पुत्री सुनीता ने बताया कि पिछले कई माह से उसका पिता के घर आना जाना नहीं था। दूसरी बेटी ऊषा के पति पवन पांडेय बोले-वह करीब दो साल से विवाद के चलते ससुराल नहीं गए। शंकर लाल के भतीजे गोपीराम पांडेय ने बताया कि चाची की मौत से पहले उसके परिवार वालों की चाचा से बोलचाल नहीं थी। करीब साल भर पहले चाची की मौत के बाद उसका उनके घर आना जाना शुरू हुआ था, लेकिन उसकी चचेरी बहनों को यह नागवार लगता था।
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