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पूर्व पालिकाध्यक्ष टीटी की हाईकोर्ट से जमानत मंजूर
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:19 AM IST
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पूर्व पालिकाध्यक्ष टीटी की हाईकोर्ट से जमानत
गबन के मामले में पौने दो माह से जेल में थे बंद
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। उच्च न्यायालय ने पांच लाख बावन हजार सात सौ बाइस रुपये के गबन के मामले में पौने दो माह से जिला कारागार में बंद नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल उर्फ टीटी की जमानत मंजूर कर ली है।
नगर पालिका परिषद पीलीभीत के अध्यक्ष रहने के दौरान राजीव अग्रवाल उर्फ टीटी की शिकायत के बाद जांच कराई गई थी। जिसमें पाया गया कि वर्ष 2003-04 में उन्होंने यह गबन नगर पालिका के विभिन्न ठेकों, टेलीफोन बिल आदि के जरिए किया। उनकी पॉवर भी सीज की गई। बाद में जांच में आरोप साबित नहीं हुए और शासन ने उनकी पॉवर बहाल कर दी थी। थाना सुनगढ़ी में वर्ष 2004 में दर्ज धोखाधड़ी व गबन के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में भेज दिया गया था। राजीव अग्रवाल ने 23 अक्तूबर 2018 को सत्र न्यायालय में सरेंडर कर दिया था। जहां सेे उनकी जमानत खारिज हो गई थी। इसके बाद उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने पूर्व पालिकाध्यक्ष की जमानत मंजूर कर ली है।
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गबन के मामले में पौने दो माह से जेल में थे बंद
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। उच्च न्यायालय ने पांच लाख बावन हजार सात सौ बाइस रुपये के गबन के मामले में पौने दो माह से जिला कारागार में बंद नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल उर्फ टीटी की जमानत मंजूर कर ली है।
नगर पालिका परिषद पीलीभीत के अध्यक्ष रहने के दौरान राजीव अग्रवाल उर्फ टीटी की शिकायत के बाद जांच कराई गई थी। जिसमें पाया गया कि वर्ष 2003-04 में उन्होंने यह गबन नगर पालिका के विभिन्न ठेकों, टेलीफोन बिल आदि के जरिए किया। उनकी पॉवर भी सीज की गई। बाद में जांच में आरोप साबित नहीं हुए और शासन ने उनकी पॉवर बहाल कर दी थी। थाना सुनगढ़ी में वर्ष 2004 में दर्ज धोखाधड़ी व गबन के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में भेज दिया गया था। राजीव अग्रवाल ने 23 अक्तूबर 2018 को सत्र न्यायालय में सरेंडर कर दिया था। जहां सेे उनकी जमानत खारिज हो गई थी। इसके बाद उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने पूर्व पालिकाध्यक्ष की जमानत मंजूर कर ली है।
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