{"_id":"5cd4654abdec22074909f3ea","slug":"101557423434-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायट प्रकरण: अब डीएम करेंगे मामले का निस्तारण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
डायट प्रकरण: अब डीएम करेंगे मामले का निस्तारण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। डायट प्राचार्य से की गई गाली गलौज, मारपीट और उनके कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले का वैधानिक निस्तारण अब डीएम करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय से इस संबंध में डीएम को निर्देश दिया गया है।
27 अप्रैल को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य पीआर गुप्ता से कुछ प्रशिक्षुओं ने गाली गलौज और मारपीट की थी। उनके कार्यालय में तोड़फोड़ भी की गई थी। प्रशिक्षु प्रैक्टिकल में कम नंबर देने का आरोप लगा रहे थे। इसकी 40-50 छात्रों के खिलाफ तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। दो दिन बाद बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने इस मामले में समझौता करा दिया था। हालांकि प्राचार्य का कहना है कि समझौता जबरन कराया गया। उन्होंने चार दिन पहले इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। रिपोर्ट दर्ज न करने को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने एसपी मनोज सोनकर का जवाब तलब किया था। अब इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम वैभव श्रीवास्तव को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्राचार्य से फोन पर पुलिस कार्रवाई के बारे में भी पूछा। प्राचार्य के पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होने की बात कहने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम को प्राचार्य की शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
27 अप्रैल को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्राचार्य पीआर गुप्ता से कुछ प्रशिक्षुओं ने गाली गलौज और मारपीट की थी। उनके कार्यालय में तोड़फोड़ भी की गई थी। प्रशिक्षु प्रैक्टिकल में कम नंबर देने का आरोप लगा रहे थे। इसकी 40-50 छात्रों के खिलाफ तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। दो दिन बाद बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने इस मामले में समझौता करा दिया था। हालांकि प्राचार्य का कहना है कि समझौता जबरन कराया गया। उन्होंने चार दिन पहले इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। रिपोर्ट दर्ज न करने को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने एसपी मनोज सोनकर का जवाब तलब किया था। अब इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम वैभव श्रीवास्तव को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्राचार्य से फोन पर पुलिस कार्रवाई के बारे में भी पूछा। प्राचार्य के पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होने की बात कहने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम को प्राचार्य की शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन