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Pilibhit News: बगैर परमिट जा रही बस सीज, पीड़ित यात्रियों ने लगाया जाम
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पीलीभीत। बगैर परमिट और टैक्स दिए जालंधर से बहराइच यात्रियों को ले जा रही बस को एआरटीओ ने गजरौला में चेकिंग के दौरान पकड़ लिया। बस से जब यात्रियों को उतारना शुरू किया गया तो एआरटीओ भी यह देखकर दंग रह गए कि बस में 180 यात्री थे। एआरटीओ ने बस को सीज कर दिया। जिसको विरोध में पीड़ित यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें अन्य बसों से भिजवाने की व्यवस्था की गई, जिस पर वे शांत हुए।
शनिवार को एक प्राइवेट बस सुबह सात बजे जालंधर से बहराइच के लिए जा रही थी। बस में 180 यात्री सवार थे। होली के चलते घर लौट रहे यात्रियों के पास काफी सामान था। अपराह्न करीब तीन बजे बस गजरौला से गुजर रही थी। तभी एआरटीओ वीरेंद्र कुमार ने बस को रुकवा लिया। कागजों की जांच की गई तो पता चला कि आठ माह से बस का टैक्स ही जमा नहीं है। बस का परमिट भी नहीं था। इसपर एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बस को सीज कर दिया। बस में सवार यात्रियों को रोडवेज स्टैंड पर लाकर छोड़ दिया गया। एकाएक 180 यात्रियों के सामान के साथ पहुंचने पर डिपो के कर्मचारी चकरा गए। करीब आधा घंटे तक अन्य बसों की सुविधा न मिलने से यात्रियों में रोष पनपने लगा। इस पर यात्री रोडवेज के सामने वाले मार्ग पर आकर बैठ गए और हंगामा करने लगे। एआरटीओ के समझाने पर पांच मिनट बाद वे हट गए। बाद में उन्हें अन्य बसों से गंतव्य तक भिजवाने की व्यवस्था की गई।
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तीन बसों से भिजवाए गए यात्री
एआरटीओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि यात्रियों ने किराया देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि उनके पास किराये के लिए रुपये नहीं हैं। इस पर उन्होंने यात्रियों को छोड़ने के लिए रोडवेज के एआरएम व आरएम से बात की। लेकिन वे बगैर किराये के बस भेजने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर से तीन बसें की। तीन बसों में इन 180 लोगों को बैठाकर बहराइच भेजा गया।
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बिना परमिट के बस का संचालन किया जा रहा है। जिस पर सीज किया गया। बस में करीब 180 यात्री सवार थे। तीन प्राइवेट बसों की व्यवस्था कर यात्रियों को भेजा गया। - वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ
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शनिवार को एक प्राइवेट बस सुबह सात बजे जालंधर से बहराइच के लिए जा रही थी। बस में 180 यात्री सवार थे। होली के चलते घर लौट रहे यात्रियों के पास काफी सामान था। अपराह्न करीब तीन बजे बस गजरौला से गुजर रही थी। तभी एआरटीओ वीरेंद्र कुमार ने बस को रुकवा लिया। कागजों की जांच की गई तो पता चला कि आठ माह से बस का टैक्स ही जमा नहीं है। बस का परमिट भी नहीं था। इसपर एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बस को सीज कर दिया। बस में सवार यात्रियों को रोडवेज स्टैंड पर लाकर छोड़ दिया गया। एकाएक 180 यात्रियों के सामान के साथ पहुंचने पर डिपो के कर्मचारी चकरा गए। करीब आधा घंटे तक अन्य बसों की सुविधा न मिलने से यात्रियों में रोष पनपने लगा। इस पर यात्री रोडवेज के सामने वाले मार्ग पर आकर बैठ गए और हंगामा करने लगे। एआरटीओ के समझाने पर पांच मिनट बाद वे हट गए। बाद में उन्हें अन्य बसों से गंतव्य तक भिजवाने की व्यवस्था की गई।
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तीन बसों से भिजवाए गए यात्री
एआरटीओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि यात्रियों ने किराया देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि उनके पास किराये के लिए रुपये नहीं हैं। इस पर उन्होंने यात्रियों को छोड़ने के लिए रोडवेज के एआरएम व आरएम से बात की। लेकिन वे बगैर किराये के बस भेजने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर से तीन बसें की। तीन बसों में इन 180 लोगों को बैठाकर बहराइच भेजा गया।
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बिना परमिट के बस का संचालन किया जा रहा है। जिस पर सीज किया गया। बस में करीब 180 यात्री सवार थे। तीन प्राइवेट बसों की व्यवस्था कर यात्रियों को भेजा गया। - वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ