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Pilibhit News: छुट्टा पशु दूसरे गांव में छोड़े जाने के मामले में जांच शुरू
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बीसलपुर के गांव पटनियां में गांव किशनी के ग्रामीणों द्वारा छोड़े गए छुट्टा पशु। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर। किशनी गांव के ग्रामीणों द्वारा छुट्टा पशुओं को गांव पटनियां में छोड़े जाने का मामला तूल पकड़ गया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली के गांव किशनी के कुछ ग्रामीण एक फरवरी को सरकारी कर्मचारी के कहने पर गांव से 70 छुट्टा पशुओं को 10 ट्रॉलियों से गांव सायर की गोशाला में ले गए थे। प्रभारी ने गोशाला में जगह न होने का हवाला देते हुए पशुओं को लेने से मना कर दिया था। इसके बाद किशनी के ग्रामीणों ने इन पशुओं को रात में गांव पटनिया में छोड़ दिया। पटनिया के लोगों ने दो फरवरी को चुर्रासकतपुर पुलिस चौकी प्रभारी कपिल कुमार से इस मामले की शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
चौकी प्रभारी ने बताया कि जांच में स्पष्ट हो गया है कि किशनी के कुछ ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं को पटनिया में छोड़ा है। उन्होंने बताया कि चौकी के दो सिपाहियों को पटनिया में पशु छोड़ने वाले किशनी के ग्रामीणों के नाम और पशु भरकर लाने वाले ट्रैक्टरों के मालिकों के नामों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये नाम मिलते ही इनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पटनिया प्रधान आशीष कुमार ने बताया कि गांव के कोटेदार बेबी सिंह ने तहसील कार्यालय में उपजिलाधिकारी आरके राजवंशी को इस मामले की लिखित शिकायत दी है।
इस बावत खंड विकास अधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि सभी गांवों में यह पता किया जा रहा है कि किस ग्रामीण ने कितने पशु छोड़े हैं। पता लगते ही उन ग्रामीणों से कहा जाएगा कि वे लोग अपने छोड़े हुए पशु अपनी पशुशालाओं में बांधे। उसके बाद जितने छुट्टा पशु रह जाएंगे, उन पशुओं को क्षेत्रीय गोशालाओं में पहुंचा दिया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी ने किशनी के ग्रामीणों द्वारा छुट्टा पशुओं को पटनिया में छोड़े जाने और किशनी के ग्रामीणों द्वारा सरकारी कर्मचारी से अभद्र व्यवहार करने के मामले में अनभिज्ञता जाहिर की।
फजीहत के बाद ड्यूटी पर नहीं आया कर्मचारी
ग्रामीणों से छुट्टा पशुओं को गोशाला ले जाने वाले सरकारी कर्मचारी से ग्रामीणों ने जमकर अभद्रता की थी। बताया जा रहा है कि गुस्साए ग्रामीणों ने उसका फोन भी छीन लिया था। कर्मचारी शनिवार को कार्यालय में ड्यूटी करने नहीं आया।
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कोतवाली के गांव किशनी के कुछ ग्रामीण एक फरवरी को सरकारी कर्मचारी के कहने पर गांव से 70 छुट्टा पशुओं को 10 ट्रॉलियों से गांव सायर की गोशाला में ले गए थे। प्रभारी ने गोशाला में जगह न होने का हवाला देते हुए पशुओं को लेने से मना कर दिया था। इसके बाद किशनी के ग्रामीणों ने इन पशुओं को रात में गांव पटनिया में छोड़ दिया। पटनिया के लोगों ने दो फरवरी को चुर्रासकतपुर पुलिस चौकी प्रभारी कपिल कुमार से इस मामले की शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
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चौकी प्रभारी ने बताया कि जांच में स्पष्ट हो गया है कि किशनी के कुछ ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं को पटनिया में छोड़ा है। उन्होंने बताया कि चौकी के दो सिपाहियों को पटनिया में पशु छोड़ने वाले किशनी के ग्रामीणों के नाम और पशु भरकर लाने वाले ट्रैक्टरों के मालिकों के नामों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये नाम मिलते ही इनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पटनिया प्रधान आशीष कुमार ने बताया कि गांव के कोटेदार बेबी सिंह ने तहसील कार्यालय में उपजिलाधिकारी आरके राजवंशी को इस मामले की लिखित शिकायत दी है।
इस बावत खंड विकास अधिकारी वेद प्रकाश ने बताया कि सभी गांवों में यह पता किया जा रहा है कि किस ग्रामीण ने कितने पशु छोड़े हैं। पता लगते ही उन ग्रामीणों से कहा जाएगा कि वे लोग अपने छोड़े हुए पशु अपनी पशुशालाओं में बांधे। उसके बाद जितने छुट्टा पशु रह जाएंगे, उन पशुओं को क्षेत्रीय गोशालाओं में पहुंचा दिया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी ने किशनी के ग्रामीणों द्वारा छुट्टा पशुओं को पटनिया में छोड़े जाने और किशनी के ग्रामीणों द्वारा सरकारी कर्मचारी से अभद्र व्यवहार करने के मामले में अनभिज्ञता जाहिर की।
फजीहत के बाद ड्यूटी पर नहीं आया कर्मचारी
ग्रामीणों से छुट्टा पशुओं को गोशाला ले जाने वाले सरकारी कर्मचारी से ग्रामीणों ने जमकर अभद्रता की थी। बताया जा रहा है कि गुस्साए ग्रामीणों ने उसका फोन भी छीन लिया था। कर्मचारी शनिवार को कार्यालय में ड्यूटी करने नहीं आया।