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न्याय की आस: पीलीभीत में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने एसपी कार्यालय में खाया विषैला पदार्थ, आत्मदाह की भी कोशिश

Thu, 24 Nov 2022 06:00 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 24 Nov 2022 06:00 AM IST
सार

महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के समय एसपी कार्यालय में नहीं थे।

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Misdeed victim attempted suicide due to non arrest of accused in Pilibhit
पुलिस लाइन में पीड़िता को पकड़कर अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पीलीभीत में पुलिस के आरोपियों को गिरफ्तार न करने पर शाहजहांपुर की रहने वाली सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने बुधवार को दिन में 11 बजे एसपी कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया, और छह साल की बेटी के साथ अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के समय एसपी कार्यालय में नहीं थे।

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महिला ने बताया कि वह शाहजहांपुर के कटरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली है। उसकी शादी 2008 में क्षेत्र के ही एक युवक से हुई थी। शादी के बाद मां-बाप की मौत हो गई। पति ने महिला की 10 बीघा जमीन बिकवा कर करीब 15 लाख रुपये हड़प लिए और जनवरी 2020 में उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद महिला बरेली के भुता थानाक्षेत्र के एक गांव के फार्म हाउस पर मजदूरी करने लगी। फार्म हाउस मालिक पर बीसलपुर के एक गांव के युवक के रुपये आ रहे थे। युवक ने फार्म हाउस मालिक से कहा कि अगर रुपये नहीं दे पा रहे हो तो महिला को उसे दे दो।
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आरोप है कि फार्म हाउस मालिक के मना करने पर अगस्त 2020 में युवक तीन साथियों की मदद से उसे नशीला पदार्थ देकर अपहृत कर अपने गांव में ले गया। पुत्री भी साथ थी। यहां उसके साथ चारों ने दुष्कर्म किया। बाद में युवक ने महिला को हरियाणा ले जाकर पलवल में साढ़े तीन लाख में एक अधेड़ को बेच दिया। वहां से फरवरी 2021 में वह किसी तरह से बचकर भाग निकली। यहां आने पर पुलिस को तहरीर दी लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। तमाम अधिकारियों के यहां चक्कर लगाए। बाद में अदालत के आदेश पर मई 2021 में आरोपियों के खिलाफ बीसलपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई लेकिन छह महीने के बाद पुलिस ने मामला फर्जी बताते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी। आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।

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इसके बाद से महिला लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अधिकारियों के यहां चक्कर काट रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बुधवार दिन में 11 बजे वह बेटी के साथ एसपी कार्यालय पहुंची। यहां उसने कार्यालय परिसर में विषैला पदार्थ खा लिया। उसके बाद थैले से एक बोतल निकाली जिसमें पेट्रोल भरा था। महिला ने जैसे ही पेट्रोल अपने और बेटी के ऊपर छिड़का वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। दौड़कर उन्होंने महिला को पकड़ लिया। घटना के समय एसपी कार्यालय में नहीं थे। सीओ सदर सतीश शुक्ला कक्ष से बाहर निकले और महिला से पूछताछ की। इसके बाद उसे जिला अस्पताल भेजा। यहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

जांच कराई जा रही है। दिखवाया जा रहा है कि मामला क्या है। पीड़िता के बयानों के आधार पर जांच करवाकर निष्पक्ष कार्रवाई कराई जाएगी। - दिनेश कुमार पी, एसपी

पीड़ित महिला ने कहा- नहीं मिल रहा न्याय, कहां जाऊं
पुलिस कार्यालय परिसर में विषैला पदार्थ खाने और पेट्रोल छिड़कर कर आत्मदाह का प्रयास करने वाली महिला का दर्द शायद ही पुलिस महसूस कर सके। महिला का कहना है कि छह साल की बेटी है। मां-बाप की मौत हो चुकी है। पति ने मायके की जमीन बिकवाकर लाखों रुपये हड़प लिए और घर से निकाल दिया। अब उसके पास दो वक्त की रोटी का भी जरिया नहीं है। तन पर पहनने के लिए कपड़े हैं न खाने के लिए रोटी, रहने को घर तक नहीं है। खुद का सहारा नहीं, ऐसे में मासूम बेटी को कैसे पालेगी। पुलिस से भी न्याय नहीं मिल रहा। ऐसी जिंदगी से तो मौत भली। यही सोचकर आत्महत्या का प्रयास किया।

पीड़िता के मां-पिता की हो चुकी है मौत
पीड़िता के मां-बाप की मौत हो चुकी है। पति ने घर से निकाल दिया है। किसी तरह मुंह बोले भाई के यहां गुजर-बसर करने पहुंची तो वहां से हैवान उसे उठाकर ले गए। अपहरण कर दुष्कर्म किया। हरियाणा में उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया। वह चाहकर भी कुछ नहीं कर सकी। हरियाणा में जिस अधेड़ के यहां उसे बेचा गया था वहां एक लड़का भी काम करता था। उसने 1500 रुपये देकर किसी तरह उसे वहां से निकाला। तब वह यहां आ सकी।

महिला ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोपी
महिला का आरोप है कि आरोपियों के फार्म हाउस हैं। करोड़ों की जमीन है उनके पास। पुलिस उनकी सुन रही है इसलिए उसकी मदद नहीं हो पा रही है। उसे झूठा साबित किया जा रहा है। विवेचना के दौरान तो पुलिस ने उससे आरोपियों के सामने काफी अभद्र व्यवहार किया। महिला का कहना है कि आखिर वह जाए तो जाए कहां। न जीने का सहारा है और पुलिस से न्याय की कोई उम्मीद नहीं। इसलिए यह कदम उठाया है।

तमाम अफसरों से मिली नहीं हुई कार्रवाई
पीड़िता ने बताया कि वह पीलीभीत से लेकर बरेली तक कई अफसरों से मिल चुकी है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मामले को झूठा बताकर खत्म करने वाले दरोगा से किसी ने पूछताछ नहीं की। उसकी सुनी तक नहीं जाती। एक जगह से दूसरी जगह भेज दिया जाता है। अब वह चक्कर लगाते-लगाते थक गई है। उस पर इतने रुपये तक नहीं कि कहीं आ-जा सके।

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