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नशे ने जीवन लिया लील: नशीले पदार्थों की ओवरडोज में चली गई युवक की जान, इस बुरी आदत को छोड़ने का किया था प्रयास
Sun, 14 Aug 2022 12:37 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2022 12:37 AM IST
सार
न्यूरिया थाना क्षेत्र के टांडा विजैसी गांव के रहने वाले बलवंत सिंह के पुत्र संदीप सिंह और मनप्रीत सिंह शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गत्ता फैक्टरी के पास अपने दो दोस्तों के साथ नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे। घटनास्थल पर इंजेक्शन और कैप्सूल मिले। नशे की ओवरडोज होने से संदीप सिंह की हालत बिगड़ गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
पीलीभीत के न्यूरिया थाना क्षेत्र के टांडा विजैसी गांव के एक युवक की नशे की ओवरडोज में जान चली गई। न्यूरिया थाना क्षेत्र के टांडा विजैसी गांव के रहने वाले बलवंत सिंह के पुत्र संदीप सिंह और मनप्रीत सिंह शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गत्ता फैक्टरी के पास अपने दो दोस्तों के साथ नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे। घटनास्थल पर इंजेक्शन और कैप्सूल मिले। नशे की ओवरडोज होने से संदीप सिंह की हालत बिगड़ गई। मनप्रीत सिंह ने अपने परिवार के लोगों को इसकी सूचना दी। परिवार वाले संदीप को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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नशीले पदार्थों की एक्सपर्ट कर रहे जांच
शहर कोतवाल हरीशवर्धन सिंह घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे तो पुलिस को मौके से कुछ कैप्सूल और इंजेक्शन बरामद हुए। इसके बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी मौके पर पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। ये भी जानकरी जुटाई जा रही है कि मादक पदार्थ कहां से आए। कोतवाल ने बताया कि संदीप सिंह और मनप्रीत सिंह सगे भाई हैं। वह गांव के पास रेलवे स्टेशन से सटे जंगल में नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे। नशे के ओवडरोज में संदीप की मौत हुई। बाकी जानकारी पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी।
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दो महीने पहले ही नशा मुक्ति केंद्र से आया था संदीप
संदीप और उसका भाई मनप्रीत दोनों ही नशे के आदी हैं। परिवार के लोगों के मुताबिक संदीप को को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। दो महीने पहले ही वहां से वह चला आया लेकिन नशा करने की आदत नहीं छूटी। वह लगातार नशा ले रहा था।
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नेपाल और उत्तराखंड से आते हैं नशीले पदार्थ
पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद जिले में नशीले पदार्थों को खपाया जा रहा है। पुलिस की माने तो कुछ लोगों पर उत्तराखंड और जिले में मुकदमे भी दर्ज किए गए। जिले में सबसे ज्यादा नशीले पदार्थ उत्तराखंड और नेपाल से आते हैं। पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से युवाओं को नशीले पदार्थ परोसे जा रहे हैं। मेडिकल स्टोरों से नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो मझोला में सबसे ज्यादा मादक पदाथों का सेवन किया जाता है।