फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   crime

जिंदगी के लिए जूझ रहा है छेड़खानी पीड़िता का पिता

Thu, 12 May 2022 12:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 12:57 AM IST
विज्ञापन
crime
तेजाब हमले का आरोपी रामकृष्ण। - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। आरोपी से समझौता न करने पर छेड़खानी पीड़िता के पिता और मां पर रविवार रात तेजाब फेंका गया था। मां की मौत हो चुकी है, पिता अब भी जिंदगी के लिए जूझ रहा है। इधर, घटना के सातवें आरोपी रामकृष्ण को पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

गजरौला थाना क्षेत्र के एक गांव में 23 अप्रैल को किशोरी से छेड़खानी की गई थी। छेड़खानी की पहले तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं लिखी। जब पीड़िता ने 6 मई को रिपोर्ट दर्ज कराई तो आरोपी ने समझौते का दबाव बनाया। समझौता न करने पर रविवार की रात पीड़िता के माता-पिता पर आरोपी और उसके सहयोगियों ने तेजाब से हमला किया गया। हमले में गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता की मां की मंगलवार को दिन में 11 बजे उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मंगलवार को देर रात उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पीड़िता के ताऊ ने बताया कि उसके सगे भाई जिंदगी के लिए मेडिकल कॉलेज में जूझ रहे हैं।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि छह आरोपी इस घटना में छह आरोपी मंगलवार को जेल भेजे जा चुके हैं। छेड़खानी पीड़िता पर तेजाब फेंकने वाले सातवें आरोपी रामकृष्ण को बुधवार को जेल भेजा गया है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस अब चार्जशीट दाखिल करने के लिए साक्ष्य जुटा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम ने तेजाब की दुकानों का किया सत्यापन
पीलीभीत। गजरौला में तेजाब के हमले में महिला की मौत के बाद डीएम पुलकित खरे और एसपी दिनेश कुमार पी दुकानों का लगातार सत्यापन करा रहे हैं। वहीं उनके अधीनस्थ खानापूरी करने में जुटे हुए है। एसडीएम सदर ने बुधवार को नौगवा पकड़िया में सिर्फ खानापूरी के लिए दुकानों का सत्यापन कर फर्ज निभा दिया।

सदर तहसील के एसडीएम योगेश कुमार गौड़ दोपहर में सुनगढ़ी पुलिस के साथ शहर से सटे गांव नौगवा पकड़िया में तेजाब की दुकानों का सत्यापन करने गए थे। मगर कुछ ही देर में दुकानों का लौट गए। कुछ किराना दुकानदारों से जानकारी की गई, तो उन लोगों ने बताया कि उनके यहां कोई अधिकारी नहीं आया। खात बात यह रही कि जिन दुकानों का एसडीएम ने सत्यापन किया, उन पर उनको कोई खामी नहीं मिली। इस संबंध में जब एसडीएम के सीयूजी नंबर पर फोन कर जानकारी लेनी चाही, तो कई बार रिंग जाती रही, मगर फोन रिसीव नहीं हो सका।संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed