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सहेलियों, शिक्षकों और करीबियों के मोबाइल नंबरों की हुई सर्विलांस
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पीलीभीत। बदले जमाने में मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री बड़े से बड़े राज को खोल देती है। अपराध के अनसुलझे केस भी सुलझ जाते हैं। इसी वजह से बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर पुलिस की तीन टीमें सर्विलांस में लगाई गई हैं। बिटिया के करीबियों, शिक्षकों और सहेलियों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगाए गए हैं। बिटिया से दरिंदगी के केस को भी मंडल की पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया। शासन स्तर से भी हर रोज जानकारी मांगी जा रही है।
पीलीभीत के इतिहास में दुष्कर्म के बाद छात्रा की हत्या का यह पहला ऐसा केस है, जिसके खुलासे की जिम्मेदारी दो आईपीएस अधिकारियों को सौंपी गई है। शाहजहांपुर और पीलीभीत के एसपी लगाए गए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र हर रोज खुद पर्यवेक्षण कर रहे हैं। आईजी रमित शर्मा जिले में कैंप कर रहे हैं। घटना से जुड़े हर पहलू पर छानबीन की जा रही है। जहां छात्रा की लाश मिली उस स्थान वाले गांव के पास जो टॉवर है, उससे कनेक्ट होने वाले मोबाइल नंबरों की संख्या हजार से भी ऊपर है पर पुलिस ने इनमें से ऐसे कुछ नंबरों को ट्रेस किया है जो छात्रा के साथ हुए घटनाक्रम से किसी न किसी रूप से जुड़ते हैं। इसमें छात्रा की एक-दो सहेलियों, छात्रा के गांव के निवासी, एक सहपाठी छात्र और कुछ शिक्षकों और करीबियों के मोबाइल नंबर भी हैं। घटना वाले दिन यानी शनिवार को किसकी किससे बात हुई। कितनी देर बात हुई। घटना वाले दिन छात्रा के परिजनों में पिता और भाई के मोबाइल नंबर पर किसकी-किसकी कॉल ज्यादा आई है। पुलिस इसे भी अपनी जांच में शामिल किए है।
छात्रा के पास नहीं था मोबाइल, पिता के फोन से करती थी कॉल
पुलिस की अब तक की जांच में यही बात सामने आई है कि छात्रा के पास कोई अपना मोबाइल फोन नहीं था। छात्रा के पिता का पुलिस की जांच के दौरान यही कहना था कि जब छात्रा को किसी सहेली से बात करनी होती थी तब वह उनके ही मोबाइल फोन से सुबह-सुबह बात करती थी। पुलिस को इस बात का यकीन नहीं था। इसलिए पुलिस ने छात्रा के कमरे की जांच की और दोस्तों से इस बात की जानकारी ली है कि क्या वाकई में उसके पास अपना मोबाइल नंबर नहीं था। इस स्थिति में पुलिस उन नंबरों पर सर्विलांस कर रही है, जिनकी कॉल पिता के नंबर पर आती थी।
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पीलीभीत के इतिहास में दुष्कर्म के बाद छात्रा की हत्या का यह पहला ऐसा केस है, जिसके खुलासे की जिम्मेदारी दो आईपीएस अधिकारियों को सौंपी गई है। शाहजहांपुर और पीलीभीत के एसपी लगाए गए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चंद्र हर रोज खुद पर्यवेक्षण कर रहे हैं। आईजी रमित शर्मा जिले में कैंप कर रहे हैं। घटना से जुड़े हर पहलू पर छानबीन की जा रही है। जहां छात्रा की लाश मिली उस स्थान वाले गांव के पास जो टॉवर है, उससे कनेक्ट होने वाले मोबाइल नंबरों की संख्या हजार से भी ऊपर है पर पुलिस ने इनमें से ऐसे कुछ नंबरों को ट्रेस किया है जो छात्रा के साथ हुए घटनाक्रम से किसी न किसी रूप से जुड़ते हैं। इसमें छात्रा की एक-दो सहेलियों, छात्रा के गांव के निवासी, एक सहपाठी छात्र और कुछ शिक्षकों और करीबियों के मोबाइल नंबर भी हैं। घटना वाले दिन यानी शनिवार को किसकी किससे बात हुई। कितनी देर बात हुई। घटना वाले दिन छात्रा के परिजनों में पिता और भाई के मोबाइल नंबर पर किसकी-किसकी कॉल ज्यादा आई है। पुलिस इसे भी अपनी जांच में शामिल किए है।
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छात्रा के पास नहीं था मोबाइल, पिता के फोन से करती थी कॉल
पुलिस की अब तक की जांच में यही बात सामने आई है कि छात्रा के पास कोई अपना मोबाइल फोन नहीं था। छात्रा के पिता का पुलिस की जांच के दौरान यही कहना था कि जब छात्रा को किसी सहेली से बात करनी होती थी तब वह उनके ही मोबाइल फोन से सुबह-सुबह बात करती थी। पुलिस को इस बात का यकीन नहीं था। इसलिए पुलिस ने छात्रा के कमरे की जांच की और दोस्तों से इस बात की जानकारी ली है कि क्या वाकई में उसके पास अपना मोबाइल नंबर नहीं था। इस स्थिति में पुलिस उन नंबरों पर सर्विलांस कर रही है, जिनकी कॉल पिता के नंबर पर आती थी।
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