{"_id":"617ae96ed7b0f2013d2f406c","slug":"crime-pilibhit-news-bly464460051","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर एटीएस ने की पड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर एटीएस ने की पड़ताल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। व्हाट्सएप ग्रुप पर तीन लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की छानबीन को लेकर बृहस्पतिवार रात एटीएस टीम (आतंकवाद निरोधक दस्ता) पीलीभीत पहुंची। यहां संदिग्ध युवकों की गहनता से पड़ताल की। छह घंटे की छानबीन के बाद टीम लखीमपुर के लिए रवाना हो गई।
सोशल मीडिया पर पुलिस की निगाह है। कुछ नंबरों की निगरानी की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा से जुड़ी दूसरी एजेंसियां भी सक्रिय हैं। सक्रियता के चलते एक व्हाट्सअप ग्रुप में संदिग्ध गतिविधि होने की एटीएस टीम को जानकारी हुई। छानबीन में पता चला कि ग्रुप पर पीलीभीत के कुछ लोग शामिल हैं। जिले का बॉर्डर नेपाल देश की सीमा से जुड़ा होने के कारण जानकारी जुटाने के लिए एटीएस टीम पहुंच गई। पीलीभीत पहुंचने के बाद टीम ने अधिकारियों से जानकारी जुटाई। पड़ताल में पता चला कि जो लोग ग्रुप में हैं। वह थाना हजारा क्षेत्र के हैं और नेपाल बॉर्डर से वह क्षेत्र सटा हुआ है। इसके बाद उन लोगों के बारे में और जानकारी जुटाई। छह घंटे छानबीन करने के बाद टीम लखीमपुर के लिए रवाना हो गई।
मामले की कोई जानकारी नहीं है। टीम ने उनसे संपर्क भी नहीं किया है।
- दिनेश कुमार पी, एसपी
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर पुलिस की निगाह है। कुछ नंबरों की निगरानी की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा से जुड़ी दूसरी एजेंसियां भी सक्रिय हैं। सक्रियता के चलते एक व्हाट्सअप ग्रुप में संदिग्ध गतिविधि होने की एटीएस टीम को जानकारी हुई। छानबीन में पता चला कि ग्रुप पर पीलीभीत के कुछ लोग शामिल हैं। जिले का बॉर्डर नेपाल देश की सीमा से जुड़ा होने के कारण जानकारी जुटाने के लिए एटीएस टीम पहुंच गई। पीलीभीत पहुंचने के बाद टीम ने अधिकारियों से जानकारी जुटाई। पड़ताल में पता चला कि जो लोग ग्रुप में हैं। वह थाना हजारा क्षेत्र के हैं और नेपाल बॉर्डर से वह क्षेत्र सटा हुआ है। इसके बाद उन लोगों के बारे में और जानकारी जुटाई। छह घंटे छानबीन करने के बाद टीम लखीमपुर के लिए रवाना हो गई।
विज्ञापन
मामले की कोई जानकारी नहीं है। टीम ने उनसे संपर्क भी नहीं किया है।
- दिनेश कुमार पी, एसपी