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अवैध कटान मामले में शासन की गंभीरता से पीटीआर के वन अफसर सकते में आए

Mon, 12 Jul 2021 12:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 12:21 AM IST
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पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में अवैध कटान मामले में जल्द ही जांच शुरू होने वाली है। इसको लेकर अपर मुख्य सचिव वन ने भी सिफारिश कर दी है। औपचारिक आदेश मिलने के बाद विशेष जांच टीम किसी भी दिन यहां आ सकती है। इधर, दो दिन पहले एक शातिर तस्कर की गिरफ्तारी दिखाकर वाहवाही लूटने वाले वन अफसर अब जांच की बात सुनकर सकते में आ गए हैं। ऐसे में अब किसी न किसी वन अफसर पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व पांच रेंजों में बंटा हुआ है। पीटीआर बनने के बाद वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के बड़े दावे किया जा रहे हैं, मगर धरातल पर देखा जाए तो न तो पीटीआर में पेड़ों का अवैध कटान रुका और न ही वन्यजीवों की मौतों का सिलसिला थम सका। स्थानीय वनकर्मियों की मिलीभगत से लकड़ी तस्कर कोई न कोई जुगत लगाकर पीटीआर में अवैध तरीके से प्रवेश कर कटान की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। यह सब कुछ तब है, जब प्रत्येक रेंज में नियमित गश्त होने का दावा किया जा रहा है। अवैध कटान मामले में शासन को भी संकेत मिले हैं। शासन के मिले इनपुट में महोफ के एक वन अफसर पर बड़ी गड़बड़ियां करने की बात सामने आ रही है। जबकि अवैध कटान मामले में गहनता से जांच की जाए तो महोफ के अलावा हरीपुर, दियूरिया और बराही के जंगलों में अवैध कटान के मामले भी पकड़ में आ सकते हैं। यह दीगर बात है कि वन विभाग इसमें कम पेड़ होना दर्शाकर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को दबा देता है। बड़े अफसरों पर कार्रवाई महज स्पष्टीकरण तक ही सीमित रहती है। यही वजह है कि पीटीआर के आंकड़ों पर गत वर्ष जंगल में मात्र 41 पेड़ कटना पाए गए। इन मामले में 13 आरोपियों पर कार्रवाई की गई। जबकि विभागीय कार्रवाई के नाम पर मात्र एक बीट प्रभारी और एक सेक्शन प्रभारी को आरोपपत्र दिया गया। इधर, करीब 10 दिन पूर्व शासन की ओर से दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अवैध कटान और शिकार मामले में एसआईटी जांच करने की बात कही गई थी। इसके बाद ही वन अफसर चौकन्ना दिखने की पूरी कोशिश में लग गए हैं। महोफ रेंज के वनकर्मियों ने जहां दो दिन पूर्व एक बड़े गिरोह के एक तस्कर को पकड़ा, वहीं कुछ दुधवा टाइगर रिजर्व की टीम जनपद में आकर लकड़ी तस्करों पर शिकंजा कस चुकी है, मगर दोनों टाइगर रिजर्व में अवैध कटान और शिकार मामले में अपर मुख्य सचिव वन मनोज कुमार द्वारा जांच को लेकर की गई सिफारिश के बाद वन अफसर सकते हैं। इसको लेकर बाकायदा टीम भी बन चुकी है। महज औपचारिक आदेश होना शेष है। ऐसे में यह टीम अब किसी भी दिन यहां आकर जांच शुरू कर सकती है।
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शिकारियों की धरपकड़ पर डब्ल्यूसीसीबी से मिल चुकी सराहना
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अवैध कटान और शिकार मामले में शासन द्वारा एसटीएफ जांच होने जा रही है। वहीं गत वर्ष वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो की अतिरिक्त निदेशक तिलोत्तमा वर्मा से पीटीआर में शिकारियों की धरपकड़, बेहतर मानसून गश्त और वन अपराधियों का डाटा फीड करने के मामले में सराहना कर बधाई पत्र भेज चुकी हैं। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि डब्ल्यूसीसीबी की ओर से गत वर्ष अक्तूबर में बेहतर गश्त, शिकारियों की धरपकड़ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन अपराधियों का डाटा फीड करने के मामले में बधाई पत्र भेजा गया था। पीटीआर प्रशासन वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयासरत है।
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पूरा मामला दुधवा टाइगर रिजर्व का प्रतीत हो रहा है। उसमें महोफ रेंज का नाम भी आ रहा है। फिलहाल इस संबंध में मुझे अन्य कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई अधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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