फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   crime

विधायक और उनके समर्थकों ने नहीं की थी डीएम के गनर से मारपीट

Tue, 01 Oct 2019 10:05 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2019 10:05 PM IST
विज्ञापन
crime
पीलीभीत। बरखेड़ा से भाजपा विधायक किशनलाल राजपूत के भांजे ऋषभ को अगवाकर उससे डीएम के गनर रहे मोहित गुर्जर और उसके साथियों द्वारा की गई मारपीट, लूट के मामले की जांच सीओ सिटी धर्मसिंह मार्छाल ने पूरी कर ली है। मोहित के भाई प्रमीत कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी कि घटना के समय विधायक और उनके समर्थकों ने मोहित की जूतों से पिटाई की थी। सीओ ने अपनी जांच में इस आरोप को झूठा करार दिया है।
विज्ञापन

एसपी को भेजी जांच रिपोर्ट में सीओ ने कहा है कि डीएम के गनर मोहित का एक मोटर साइकिल को लेकर झगड़ा चल रहा था। मोहित ने यह मोटर साइकिल मोहल्ला सुनगढ़ी के राहुल से खरीदी थी, जिसे 49 हजार रुपये में मोहित ने अपने साथी गोविंद को बेच दिया था। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि यह मोटर साइकिल चोरी की है। जब मोहित पर यह मोटर साइकिल वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया तो मोहित 12 सितंबर की रात करीब नौ बजे राहुल निरंजनकुंज कॉलोनी निवासी पुनीत गंगवार और सुभाषनगर निवासी डोडो उर्फ सनी के साथ मंडी के पिछले गेट पर सुनगढ़ी निवासी अंकित और ऋषभ से मिला। यहां मोटर साइकिल के 50 हजार रुपये लौटाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। इसमें दोनों पक्षों के लोगों के चोटें आईं थीं।
विज्ञापन

जांच रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इसी दौरान ऋषभ ने यह आरोप लगाया कि मोहित और उसके दोस्तों ने उससे सोने की चेन, घड़ी, 22 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया है। इस पर मोहित और उसके 14 साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इंस्पेक्टर नरेश पाल सिंह ने जब विवेचना की तो डकैती, अपहरण और हत्या के प्रयास के साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा इनसे संबंधित धाराओं को अभियोग से हटा दिया गया। सीओ का कहना है कि गनर मोहित के भाई प्रमीत का यह आरोप गलत है कि बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने उसके भाई की जूतों से पिटाई की और उनके समर्थकों ने भी मारपीट की। फिलहाल इस मामले में धारा 147, 323, 342 की विवेचना इंस्पेक्टर नरेशपाल सिंह कर रहे है। अगर इस अभियोग की विवेचना कहीं अयत्र स्थानांतरित की जाती है तो स्थाई पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed