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विधायक और उनके समर्थकों ने नहीं की थी डीएम के गनर से मारपीट
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पीलीभीत। बरखेड़ा से भाजपा विधायक किशनलाल राजपूत के भांजे ऋषभ को अगवाकर उससे डीएम के गनर रहे मोहित गुर्जर और उसके साथियों द्वारा की गई मारपीट, लूट के मामले की जांच सीओ सिटी धर्मसिंह मार्छाल ने पूरी कर ली है। मोहित के भाई प्रमीत कुमार ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी कि घटना के समय विधायक और उनके समर्थकों ने मोहित की जूतों से पिटाई की थी। सीओ ने अपनी जांच में इस आरोप को झूठा करार दिया है।
एसपी को भेजी जांच रिपोर्ट में सीओ ने कहा है कि डीएम के गनर मोहित का एक मोटर साइकिल को लेकर झगड़ा चल रहा था। मोहित ने यह मोटर साइकिल मोहल्ला सुनगढ़ी के राहुल से खरीदी थी, जिसे 49 हजार रुपये में मोहित ने अपने साथी गोविंद को बेच दिया था। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि यह मोटर साइकिल चोरी की है। जब मोहित पर यह मोटर साइकिल वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया तो मोहित 12 सितंबर की रात करीब नौ बजे राहुल निरंजनकुंज कॉलोनी निवासी पुनीत गंगवार और सुभाषनगर निवासी डोडो उर्फ सनी के साथ मंडी के पिछले गेट पर सुनगढ़ी निवासी अंकित और ऋषभ से मिला। यहां मोटर साइकिल के 50 हजार रुपये लौटाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। इसमें दोनों पक्षों के लोगों के चोटें आईं थीं।
जांच रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इसी दौरान ऋषभ ने यह आरोप लगाया कि मोहित और उसके दोस्तों ने उससे सोने की चेन, घड़ी, 22 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया है। इस पर मोहित और उसके 14 साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इंस्पेक्टर नरेश पाल सिंह ने जब विवेचना की तो डकैती, अपहरण और हत्या के प्रयास के साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा इनसे संबंधित धाराओं को अभियोग से हटा दिया गया। सीओ का कहना है कि गनर मोहित के भाई प्रमीत का यह आरोप गलत है कि बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने उसके भाई की जूतों से पिटाई की और उनके समर्थकों ने भी मारपीट की। फिलहाल इस मामले में धारा 147, 323, 342 की विवेचना इंस्पेक्टर नरेशपाल सिंह कर रहे है। अगर इस अभियोग की विवेचना कहीं अयत्र स्थानांतरित की जाती है तो स्थाई पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।
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एसपी को भेजी जांच रिपोर्ट में सीओ ने कहा है कि डीएम के गनर मोहित का एक मोटर साइकिल को लेकर झगड़ा चल रहा था। मोहित ने यह मोटर साइकिल मोहल्ला सुनगढ़ी के राहुल से खरीदी थी, जिसे 49 हजार रुपये में मोहित ने अपने साथी गोविंद को बेच दिया था। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि यह मोटर साइकिल चोरी की है। जब मोहित पर यह मोटर साइकिल वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया तो मोहित 12 सितंबर की रात करीब नौ बजे राहुल निरंजनकुंज कॉलोनी निवासी पुनीत गंगवार और सुभाषनगर निवासी डोडो उर्फ सनी के साथ मंडी के पिछले गेट पर सुनगढ़ी निवासी अंकित और ऋषभ से मिला। यहां मोटर साइकिल के 50 हजार रुपये लौटाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। इसमें दोनों पक्षों के लोगों के चोटें आईं थीं।
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जांच रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इसी दौरान ऋषभ ने यह आरोप लगाया कि मोहित और उसके दोस्तों ने उससे सोने की चेन, घड़ी, 22 हजार रुपये और मोबाइल लूट लिया है। इस पर मोहित और उसके 14 साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इंस्पेक्टर नरेश पाल सिंह ने जब विवेचना की तो डकैती, अपहरण और हत्या के प्रयास के साक्ष्य नहीं मिले। लिहाजा इनसे संबंधित धाराओं को अभियोग से हटा दिया गया। सीओ का कहना है कि गनर मोहित के भाई प्रमीत का यह आरोप गलत है कि बरखेड़ा विधायक किशनलाल राजपूत ने उसके भाई की जूतों से पिटाई की और उनके समर्थकों ने भी मारपीट की। फिलहाल इस मामले में धारा 147, 323, 342 की विवेचना इंस्पेक्टर नरेशपाल सिंह कर रहे है। अगर इस अभियोग की विवेचना कहीं अयत्र स्थानांतरित की जाती है तो स्थाई पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।
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