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मृत बच्चा पैदा होने पर सीएचसी में काटा हंगामा
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पीलीभीत। सीएचसी में प्रसव के दौरान मृत बच्चा होने पर प्रसूता के साथ आए लोगों ने जमकर हंगामा किया। स्टाफ के लोगों का कहना था कि बच्चा गर्भ में ही सड़ गया था। इस पर हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि प्रसव के लिए लाने पर सब कुछ ठीक बताया गया था।
सेहरामऊ उत्तरी के गांव सुल्तानपुर निवासी अखिलेश की पत्नी राजेश्वरी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार शाम सीएचसी लाया गया था। राजेश्वरी का मायका कोतवाली क्षेत्र के गांव नवदिया टांडा छत्रपति में है। राजेश्वरी के पिता बांकेलाल और अन्य लोग भी राजेश्वरी के साथ सीएचसी पहुंचे। राजेश्वरी को प्रसव के लिए भर्ती किया गया। आधी रात को प्रसव के बाद राजेश्वरी के परिवारवालों को बच्चा मरा पैदा होने की जानकारी दी गई। इस पर राजेश्वरी के परिवारवाले भड़क गए। जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि जब राजेश्वरी को प्रसव के लिए सीएचसी लाया गया था, तब सब कुछ ठीक बताया गया था। कुछ घंटे में ही गर्भ में बच्चा कैसे सड़ गया। हंगामा कर रहे लोग प्रसव में लापरवाही होने का आरोप लगा रहे थे। बांकेलाल का आरोप है कि प्रसव के नाम पर पहले उनसे पांच हजार रुपये की मांग भी की गई।
राजेश्वरी को गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया था। जांच में बच्चे में धड़कन नहीं होना पाया गया। स्टाफ ने पहले तो राजेश्वरी को पीलीभीत ले जाने की सलाह दी, लेकिन परिवार के लोग ले जाने को तैयार नहीं हुए। बच्चा गर्भ में ही मर चुका था। - डॉॅ. छत्रपाल सिंह, एमओआईसी।
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सेहरामऊ उत्तरी के गांव सुल्तानपुर निवासी अखिलेश की पत्नी राजेश्वरी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार शाम सीएचसी लाया गया था। राजेश्वरी का मायका कोतवाली क्षेत्र के गांव नवदिया टांडा छत्रपति में है। राजेश्वरी के पिता बांकेलाल और अन्य लोग भी राजेश्वरी के साथ सीएचसी पहुंचे। राजेश्वरी को प्रसव के लिए भर्ती किया गया। आधी रात को प्रसव के बाद राजेश्वरी के परिवारवालों को बच्चा मरा पैदा होने की जानकारी दी गई। इस पर राजेश्वरी के परिवारवाले भड़क गए। जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि जब राजेश्वरी को प्रसव के लिए सीएचसी लाया गया था, तब सब कुछ ठीक बताया गया था। कुछ घंटे में ही गर्भ में बच्चा कैसे सड़ गया। हंगामा कर रहे लोग प्रसव में लापरवाही होने का आरोप लगा रहे थे। बांकेलाल का आरोप है कि प्रसव के नाम पर पहले उनसे पांच हजार रुपये की मांग भी की गई।
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राजेश्वरी को गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया था। जांच में बच्चे में धड़कन नहीं होना पाया गया। स्टाफ ने पहले तो राजेश्वरी को पीलीभीत ले जाने की सलाह दी, लेकिन परिवार के लोग ले जाने को तैयार नहीं हुए। बच्चा गर्भ में ही मर चुका था। - डॉॅ. छत्रपाल सिंह, एमओआईसी।
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