फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   crime

साहब गुस्साए तो रिटायर्ड सचिव को बचाने वाले ही रिपोर्ट दर्ज कराने आगे आए

Thu, 05 Sep 2019 02:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2019 02:28 AM IST
विज्ञापन
crime
पीलीभीत। निलंबन के दौरान अपने रसूख का इस्तेमाल कर बेटे और अपने संबंधियों के नाम चेक काटकर लाखों का भुगतान करने वाले रिटायर्ड सचिव राजवंदन मिश्रा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। घोटाले का आरोप सिद्ध होने के बाद भी सचिव पर कार्रवाई नहीं करने का खेल पिछले दिनों उजागर होने पर डीएम ने सख्ती दिखाई तो आखिर डीपीआरओ ने सचिव के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
विज्ञापन

बता दें, जिला पंचायतीराज विभाग में पिछले दिनों घोटाले से संबंधित मामलों में प्रधानों और सचिवों पर कार्रवाई के नाम पर अभिलेखों में चल रहा खेल डीपीआरओ कार्यालय के निरीक्षण में पकड़े जाने पर डीएम वैभव श्रीवास्तव का पारा उस वक्त चढ़ गया था जब रिटायर्ड सचिव राजवंदन मिश्रा की फाइल उनके पास पहुंची। जांच में पता चला पूरनपुर की ग्राम पंचायत शिवनगर में तैनाती के दौरान बीते साल सचिव राजवंदन मिश्रा ने लाखों का घोटाला किया। इतना ही नहीं निलंबन अवधि में भी साठगांठ कर बेटे गौरव, रोजगार सेवक धर्मवीर समेत कई लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से 10 लाख से अधिक के चेक काट दिए। गजरौला, पूरनपुर में तैनाती के दौरान प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, मनरेगा से कराए जाने वाले कार्यों में घोटाला पकड़े जाने पर सचिव को करीब तीन बार निलंबित किया गया, लेकिन प्रभावी कार्रवाई करने के बजाए डीपीआरओ निलंबित करने के कुछ दिन बाद ही सचिव को बहाल करते चले गए। चर्चा यह भी कि सचिव ने अपने राजनीतिक रसूख का जमकर फायदा उठाया। जांच अधिकारियों को घोटाले पर पर्दा डालने के लिए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने और निलंबन अवधि में रिटायरमेंट होने तक किसी भी तरह की रिकवरी नहीं करने की हकीकत से वाकिफ होने पर डीएम का पारा चढ़ गया। स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही डीपीआरओ को तत्काल एफआईआर कराने के निर्देश दिए, लेकिन यहां भी रिटायर्ड सचिव को बचाने की कोशिश की गई। इसकी जानकारी लगने पर डीएम ने सख्त तेवर दिखाए तो आनन-फानन में डीपीआरओ प्रमोद कुमार यादव ने रिटायर्ड सचिव राजवंदन मिश्रा पर कानूनी शिकंजा कसने को गजरौला थाने में एफआईआर करा दी।
विज्ञापन


रिटायर्ड सचिव राजवंदन मिश्रा के खिलाफ तो एफआईआर काफी समय पहले ही डीपीआरओ को करा देनी चाहिए थी। निरीक्षण के दौरान अभिलखों को विस्तार से चेक किया। इसमें तमाम अनियमितताएं मिलीं। इसी आधार पर सचिव के खिलाफ एफआईआर कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- वैभव श्रीवास्तव, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed