{"_id":"5d6ab9f68ebc3e93a553c4da","slug":"crime-pilibhit-news-bly3743106110","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिपाही के वीडियो बनाने पर ग्रामीण भड़के, पुलिस पर हमला, सात घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिपाही के वीडियो बनाने पर ग्रामीण भड़के, पुलिस पर हमला, सात घायल
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पूरनपुर (पीलीभीत)। बच्चा चोर की अफवाह का पुलिस भी शिकार हो गई। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के सौंधा गांव में बच्चा चोर को खेत में घेरने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कांबिंग के बाद ग्रामीणों को अफवाह को लेकर समझाने की कोशिश की। इसी दौरान एक सिपाही के वीडियो बनाने पर ग्रामीण भड़क गए और पुलिस पर हमला कर दिया। यूपी 100 की गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर दी। हमले में दरोगा समेत सात पुलिस कर्मी घायल हो गए। बाद में फोर्स लेकर पहुंचे अधिकारियों ने सख्ती कर भीड़ को खदेड़ा। प्रधान समेत दस नामजद और 70 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इधर, जिला महिला अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में मेडिकल कराने पहुंची मानसिक मंदित महिला को भीड़ ने बच्चा चोर कहकर घेर लिया। पुलिस बमुश्किल उसे भीड़ से निकालकर ले जा सकी। पूरनपुर में भी बच्चा चोर आने की अफवाह फैली रही।
सौंधा गांव की घटना शुक्रवार रात दस बजे के बाद की है। यूपी 100 पर सोनपाल शर्मा नाम के व्यक्ति ने सूचना दी कि गांववालों ने एक बच्चा चोर को गन्ने के खेत में घेर रखा है। इस पर सुल्तानपुर चौकी प्रभारी महेश सिंह और यूपी 100 पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी गांव पहुंच गए। ग्रामीणों के साथ गन्ने का खेत खंगाला गया, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इस पर पुलिस ने ग्रामीणों को बच्चा चोर की अफवाह न फैलाने की हिदायत देकर डीजीपी के आदेश की जानकारी देनी शुरू कर दी। कुछ पुलिसकर्मी वीडियोग्राफी करने लगे। इस पर ग्रामीणों की भीड़ पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ी। यूपी 100 पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। ग्रामीणों की मारपीट में दरोगा महेश सिंह, हेड कांस्टेबल रामप्रकाश, अखिल सिंह, कांस्टेबल दिनेश सिंह, सचिन कुमार, यूपी 100 के सिपाही अरविंद सिंह और प्रेमपाल घायल हो गए। बताते हैं कि ग्रामीणों की तरफ से पांच राउंड फायरिंग की गई, जबकि पुलिस ने भी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए एक फायर किया। बाद में कई थानों की पुलिस भी पहुंच गई। फिर ताबड़तोड़ दबिश देकर प्रधान अनूप सिंह समेत दस ग्रामीणों को धर दबोचा गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी मनोज कुमार सोनकर समेत अफसरों ने भी गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बलवा, जानलेवा हमले, सरकारी कार्य में बाधा समेत संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर पकड़े गए आरोपियों का शनिवार को चालान कर दिया गया।
बच्चा चोर को लेकर मिली सूचना पर पुलिस गई थी। अफवाह निकलने पर जब समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। एफआईआर दर्ज कर नामजद ग्राम प्रधान समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। मामले में सख्त कार्रवाई होगी। बच्चा चोर को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। लोग इस पर ध्यान न दें और जागरूकता का परिचय दें।
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- मनोज कुमार सोनकर, एसपी
विधायक और प्रधान संगठन ने पुलिस की कार्रवाई को बताया एकतरफा
पूरनपुर/जोगराजपुर। बच्चा चोर के शोर के बीच सौंधा गांव में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले को लेेकर एक तरफ जिला प्रशासन जहां सख्त रुख अपनाए है, वहीं पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और प्रधान संगठन ने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा करार दिया है। प्रधान समेत ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट को निरस्त न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग उठाई है।
शुक्रवार रात हुई घटना की सूचना मिलने के बाद शनिवार को विधायक बाबूराम पासवान और प्रधान संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा। ग्रामीणों से बातचीत की गई। हालांकि ज्यादातर पुरुष गांव में नहीं थे। उन्होंने अधिकारियों से भी कार्रवाई के बाबत जानकारी ली, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हुए। सभी ने पुलिस की ओर से दर्ज की गई संगीन धाराओं में एफआईआर और प्रधान समेत दस लोगों को जेल भेजने की कार्रवाई को पूरी तरह से गलत करार दिया। इस पर नाराजगी भी जताई। यह भी कहा कि पुलिस ने बाद में ग्रामीणों पर कहर ढाया है। घरों में घुसकर तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने के भी आरोप लगाए।
सौंधा में दिखी दहशत
करीब दो हजार आबादी वाले गांव सौंधा में शुक्रवार शाम तक सब कुछ ठीक था। देर शाम से बच्चा चोर का शोर शुरू हुआ। कुछ ग्रामीणों का दावा था कि उनको कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए हैं। इस पर सोनपाल शर्मा ने यूपी 100 पर सूचना दे दी। बाद में विवाद हो गया और पुलिस की पिटाई के बाद धरपकड़ भी हुई। गांव के अधिकतर पुरुष घरों पर नहीं थे। महिलाएं और बुजुर्ग जरूर दिखे, लेकिन वह घरों में दुबक कर चुप्पी साधे रहे। गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
प्रधान ने कहा, पुलिस ने की मारपीट की शुरुआत
जेल भेेजे गए प्रधान अनूप सिंह का कहना है कि विवाद की शुरुआत पुलिस ने की। कहा, शुक्रवार रात वह घर पर थे। अफवाह बताते हुए पुलिस ग्रामीणों की सूचना को झुठलाने लगी। वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया। इसका जब लोगों ने विरोध किया तो पुलिस की ओर से मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद ग्रामीण उग्र हुए थे। कुछ पुलिसकर्मियों के नशे में होने का भी आरोप लगाया। यह भी कहा कि उनको तो पुलिस ने बात करने के बहाने घर से बुला लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया। गांव सौंधा में शुक्रवार रात डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी मनोज कुमार सोनकर करीब एक घंटे तक रहे और घटना की जानकारी जुटाई।
इन पर हुई पुलिस कार्रवाई
प्रधान अनूप सिंह, उनके भाई अंकित सिंह, गांव निवासी प्रेमशंकर, मनोज कुमार, यशपाल उर्फ कल्लू, पंकज सिंह, दीपक सिंह, सुधीर सिंह, जंगबहादुर सिंह, अशरफी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। करीब 70 अज्ञात भी आरोपी बनाए गए हैं। अब ग्रामीणों को अज्ञात में खुद का नाम खुलने का भी डर सता रहा है। जिसको लेकर अधिकतर पुरुष गांव से निकल गए हैं।
पुलिस पर कई बार हो चुके हैं हमले
पुलिस पर हमला करने की घटना जिले में नई नहीं है। पांच दिन पहले ही शहर के मोहल्ला भूरे खां में पॉलिथीन पकड़ने नगर पालिका की टीम के साथ गई कोतवाली पुलिस पर हमला हुआ था। एक माह पूर्व हजारा क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध हालात में हुई मौत के बाद शव पोस्टमार्टम को लाते वक्त पुलिस पर हमला किया गया था। शराब को लेकर दी गई दबिश में भी बिलसंडा क्षेत्र में बीते माह पुलिस टीम की पिटाई की गई थी। इसके अलावा भी लगातार हमले सामने आते रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी को छह टीमें लगाई गई थीं।
ग्रामीणों पर दर्ज एफआईआर वापस हो या फिर पुलिस की ओर से बरपाए गए कहर की रिपोर्ट ग्रामीणों की तरफ से दर्ज की जाए। ग्रामीणों को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
- बाबूराम पासवान, विधायक
बच्चा चोर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रधान अनूप सिंह के परिजन और ग्रामीणों पर अत्याचार किया है। इसकी निंदा की जाती है। मामले की सीबीसीआईडी जांच होनी चाहिए। प्रधान को न्याय न मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- आशुतोष दीक्षित, जिलाध्यक्ष, प्रधान संगठन
पूरनपुर में भी उड़ी अफवाह, अफरातफरी
पीलीभीत /पूरनपुर। शनिवार को आशा ज्योति केंद्र में रह रही एक मानसिक मंदित महिला का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए होमगार्ड और महिला सिपाही जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां मानसिक मंदित को देख वहां मौजूद भीड़ बच्चा चोर का शोर मचाते हुए महिला की तरफ दौड़ पड़ी। साथ आए पुलिसकर्मियों ने रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन भीड़ हंगामा करने पर उतारू हो गई। इस पर वह महिला को बमुश्किल वापस आशा ज्योति केंद्र कार्यालय ले गए। इसकी सूचना मिलने पर ठेका चौकी से पुलिस पहुंची और जानकारी की। उधर, पूरनपुर में काले रंग की स्कार्पियों में सवार लोगों द्वारा आठ बच्चों को अगवा कर ले जाने का शोर मच गया। पुलिस ने गांव जेठापुर, गोपालपुर, सिरसा, सिरसा जंगल तक स्कार्पियों की तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। दरोगा अभय कुमार पांडेय ने बताया कि सूचना करीब 11 बजे गांव वक्तापुर के एक व्यक्ति ने दी थी। सूचना देने वाले से बात की गई तो एक-एक कर कई नाम सामने आ गए। जिससे पूरी तरह से मामला अफवाह साबित हुआ है।
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सौंधा गांव की घटना शुक्रवार रात दस बजे के बाद की है। यूपी 100 पर सोनपाल शर्मा नाम के व्यक्ति ने सूचना दी कि गांववालों ने एक बच्चा चोर को गन्ने के खेत में घेर रखा है। इस पर सुल्तानपुर चौकी प्रभारी महेश सिंह और यूपी 100 पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी गांव पहुंच गए। ग्रामीणों के साथ गन्ने का खेत खंगाला गया, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इस पर पुलिस ने ग्रामीणों को बच्चा चोर की अफवाह न फैलाने की हिदायत देकर डीजीपी के आदेश की जानकारी देनी शुरू कर दी। कुछ पुलिसकर्मी वीडियोग्राफी करने लगे। इस पर ग्रामीणों की भीड़ पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ी। यूपी 100 पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। ग्रामीणों की मारपीट में दरोगा महेश सिंह, हेड कांस्टेबल रामप्रकाश, अखिल सिंह, कांस्टेबल दिनेश सिंह, सचिन कुमार, यूपी 100 के सिपाही अरविंद सिंह और प्रेमपाल घायल हो गए। बताते हैं कि ग्रामीणों की तरफ से पांच राउंड फायरिंग की गई, जबकि पुलिस ने भी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए एक फायर किया। बाद में कई थानों की पुलिस भी पहुंच गई। फिर ताबड़तोड़ दबिश देकर प्रधान अनूप सिंह समेत दस ग्रामीणों को धर दबोचा गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी मनोज कुमार सोनकर समेत अफसरों ने भी गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बलवा, जानलेवा हमले, सरकारी कार्य में बाधा समेत संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर पकड़े गए आरोपियों का शनिवार को चालान कर दिया गया।
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बच्चा चोर को लेकर मिली सूचना पर पुलिस गई थी। अफवाह निकलने पर जब समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। एफआईआर दर्ज कर नामजद ग्राम प्रधान समेत 10 लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। मामले में सख्त कार्रवाई होगी। बच्चा चोर को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है। लोग इस पर ध्यान न दें और जागरूकता का परिचय दें।
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- मनोज कुमार सोनकर, एसपी
विधायक और प्रधान संगठन ने पुलिस की कार्रवाई को बताया एकतरफा
पूरनपुर/जोगराजपुर। बच्चा चोर के शोर के बीच सौंधा गांव में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले को लेेकर एक तरफ जिला प्रशासन जहां सख्त रुख अपनाए है, वहीं पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और प्रधान संगठन ने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा करार दिया है। प्रधान समेत ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट को निरस्त न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग उठाई है।
शुक्रवार रात हुई घटना की सूचना मिलने के बाद शनिवार को विधायक बाबूराम पासवान और प्रधान संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा। ग्रामीणों से बातचीत की गई। हालांकि ज्यादातर पुरुष गांव में नहीं थे। उन्होंने अधिकारियों से भी कार्रवाई के बाबत जानकारी ली, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हुए। सभी ने पुलिस की ओर से दर्ज की गई संगीन धाराओं में एफआईआर और प्रधान समेत दस लोगों को जेल भेजने की कार्रवाई को पूरी तरह से गलत करार दिया। इस पर नाराजगी भी जताई। यह भी कहा कि पुलिस ने बाद में ग्रामीणों पर कहर ढाया है। घरों में घुसकर तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने के भी आरोप लगाए।
सौंधा में दिखी दहशत
करीब दो हजार आबादी वाले गांव सौंधा में शुक्रवार शाम तक सब कुछ ठीक था। देर शाम से बच्चा चोर का शोर शुरू हुआ। कुछ ग्रामीणों का दावा था कि उनको कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए हैं। इस पर सोनपाल शर्मा ने यूपी 100 पर सूचना दे दी। बाद में विवाद हो गया और पुलिस की पिटाई के बाद धरपकड़ भी हुई। गांव के अधिकतर पुरुष घरों पर नहीं थे। महिलाएं और बुजुर्ग जरूर दिखे, लेकिन वह घरों में दुबक कर चुप्पी साधे रहे। गलियों में सन्नाटा पसरा रहा।
प्रधान ने कहा, पुलिस ने की मारपीट की शुरुआत
जेल भेेजे गए प्रधान अनूप सिंह का कहना है कि विवाद की शुरुआत पुलिस ने की। कहा, शुक्रवार रात वह घर पर थे। अफवाह बताते हुए पुलिस ग्रामीणों की सूचना को झुठलाने लगी। वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया। इसका जब लोगों ने विरोध किया तो पुलिस की ओर से मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद ग्रामीण उग्र हुए थे। कुछ पुलिसकर्मियों के नशे में होने का भी आरोप लगाया। यह भी कहा कि उनको तो पुलिस ने बात करने के बहाने घर से बुला लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया। गांव सौंधा में शुक्रवार रात डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी मनोज कुमार सोनकर करीब एक घंटे तक रहे और घटना की जानकारी जुटाई।
इन पर हुई पुलिस कार्रवाई
प्रधान अनूप सिंह, उनके भाई अंकित सिंह, गांव निवासी प्रेमशंकर, मनोज कुमार, यशपाल उर्फ कल्लू, पंकज सिंह, दीपक सिंह, सुधीर सिंह, जंगबहादुर सिंह, अशरफी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। करीब 70 अज्ञात भी आरोपी बनाए गए हैं। अब ग्रामीणों को अज्ञात में खुद का नाम खुलने का भी डर सता रहा है। जिसको लेकर अधिकतर पुरुष गांव से निकल गए हैं।
पुलिस पर कई बार हो चुके हैं हमले
पुलिस पर हमला करने की घटना जिले में नई नहीं है। पांच दिन पहले ही शहर के मोहल्ला भूरे खां में पॉलिथीन पकड़ने नगर पालिका की टीम के साथ गई कोतवाली पुलिस पर हमला हुआ था। एक माह पूर्व हजारा क्षेत्र में एक महिला की संदिग्ध हालात में हुई मौत के बाद शव पोस्टमार्टम को लाते वक्त पुलिस पर हमला किया गया था। शराब को लेकर दी गई दबिश में भी बिलसंडा क्षेत्र में बीते माह पुलिस टीम की पिटाई की गई थी। इसके अलावा भी लगातार हमले सामने आते रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी को छह टीमें लगाई गई थीं।
ग्रामीणों पर दर्ज एफआईआर वापस हो या फिर पुलिस की ओर से बरपाए गए कहर की रिपोर्ट ग्रामीणों की तरफ से दर्ज की जाए। ग्रामीणों को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
- बाबूराम पासवान, विधायक
बच्चा चोर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रधान अनूप सिंह के परिजन और ग्रामीणों पर अत्याचार किया है। इसकी निंदा की जाती है। मामले की सीबीसीआईडी जांच होनी चाहिए। प्रधान को न्याय न मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- आशुतोष दीक्षित, जिलाध्यक्ष, प्रधान संगठन
पूरनपुर में भी उड़ी अफवाह, अफरातफरी
पीलीभीत /पूरनपुर। शनिवार को आशा ज्योति केंद्र में रह रही एक मानसिक मंदित महिला का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए होमगार्ड और महिला सिपाही जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां मानसिक मंदित को देख वहां मौजूद भीड़ बच्चा चोर का शोर मचाते हुए महिला की तरफ दौड़ पड़ी। साथ आए पुलिसकर्मियों ने रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन भीड़ हंगामा करने पर उतारू हो गई। इस पर वह महिला को बमुश्किल वापस आशा ज्योति केंद्र कार्यालय ले गए। इसकी सूचना मिलने पर ठेका चौकी से पुलिस पहुंची और जानकारी की। उधर, पूरनपुर में काले रंग की स्कार्पियों में सवार लोगों द्वारा आठ बच्चों को अगवा कर ले जाने का शोर मच गया। पुलिस ने गांव जेठापुर, गोपालपुर, सिरसा, सिरसा जंगल तक स्कार्पियों की तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। दरोगा अभय कुमार पांडेय ने बताया कि सूचना करीब 11 बजे गांव वक्तापुर के एक व्यक्ति ने दी थी। सूचना देने वाले से बात की गई तो एक-एक कर कई नाम सामने आ गए। जिससे पूरी तरह से मामला अफवाह साबित हुआ है।