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कोर्ट के आदेश पर तीन बैंकों के प्रबंधकों समेत सात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
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पीलीभीत। बिकी हुई जमीन पर कर्ज देने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर जहानाबाद पुलिस ने तीन बैंकों के प्रबंधकों समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। खमरिया पुल गांव निवासी कृष्ण कुमार की ओर से धोखाधड़ी और धमकाने की धाराओं में दर्ज कराई गई इस रिपोर्ट में इलाहाबाद, सिंडिकेट और इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधकों के अलावा इन तीनों बैंकों के अधिवक्ताओं और गांव डंडिया भिसौंड़ी निवासी हरीश कुमार को नामजद किया गया है।
खमरिया पुल निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि चार अगस्त, 2015 को उन्होंने भिसौंड़ी निवासी हरीश कुमार से 3.75 लाख रुपये में कृषि भूमि खरीदी थी। बैनामा के बाद उन्हें जमीन पर कब्जा भी मिल गया। कृष्णकुमार ने दाखिल-खारिज के लिए पत्रावली तहसीलदार सदर के न्यायालय में प्रस्तुत की तो इसमें आठ सितंबर, 2015 को तारीख लगी, लेकिन जानकारी के अभाव में कृष्णकुमार तारीख पर नहीं पहुंच सके। आरोप है कि इसके बाद हरीश कुमार ने इलाहाबाद बैंक से इस जमीन पर 17 अगस्त, 2015 को 1.10 लाख रुपये, 18 सितंबर 2015 को सिंडीकेट बैंक से 1.60 लाख रुपये, 18 नवंबर 2017 को इंडियन बैंक स्टेडियम रोड से तीन लाख रुपये का लोन ले लिया। आरोप है कि ऋण मंजूर कराने में तीनों बैंकों के अधिवक्ताओं की भी साठगांठ रही। दो दिसंबर, 2018 को जब कृष्णकुमार ने फर्द खतौनी निकलवाई तब उन्हें जमीन पर कर्ज लिए जाने का पता चला। इसका विरोध करने पर आरोपी उन्हें धमकी देने लगे। थाना पुलिस और अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर कृष्णकुमार कोर्ट में अर्जी दी। इंस्पेक्टर कमल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के आदेश पर जहानाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गहनता से जांच कराकर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
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- मनोज कुमार सोनकर, एसपी
इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है। अब तक इस तरह की कोई शिकायत भी मेरे पास नहीं आई है। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
- एमएम प्रसाद, एलडीएम
केस एक
जेल में बंद किसान के नाम पर निकला लोन
22 जुलाई को एसपी के समक्ष पेश होकर बरखेड़ा थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज रंपुरा निवासी छविनाथ ने शिकायत की थी। इसमें बताया था कि उनके पिता लालता प्रसाद 2001 से हत्या के मामले में आजीवन कारावास के कारण जेल में बंद है। वह कभी बाहर नहीं आए। इसके बावजूद पिता के नाम से 4.39 लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया। इसमें बैंककर्मियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए थे। इसकी जांच अभी जारी है।
केस दो :
फर्जी कागजात बनाकर लिया गया था 14 लाख का लोन
माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम केसरपुर ताल्लुके निवासी नगेंद्र सिंह की ओर से 2017 में बैंक अफसर और जालसाजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया था कि उसके दादा विचित्र सिंह की जमीन पर फर्जी कागजात बनवाकर 14 लाख रुपये का लोन कलीनगर पंजाब एंड सिंध बैंक से ले लिया था।
मृतक के नाम पर भी निकल गया था कर्ज
अगस्त 2018 में अमरिया थाने में उदयपुर गांव निवासी शाइस्ता बी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके पति फैय्याज की 14 मई 2015 को मौत हो गई थी। इसके बाद बैंक अफसरों से साठगांठ और जालसाजी कर मर चुके पति के नाम से 13 अप्रैल 2016 को अमरिया की बैंक ऑफ बड़ौदा से कुछ रिश्तेदारों ने लोन निकाल लिया था। इस मामले में भी बैंक अफसर समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई थी।
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खमरिया पुल निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि चार अगस्त, 2015 को उन्होंने भिसौंड़ी निवासी हरीश कुमार से 3.75 लाख रुपये में कृषि भूमि खरीदी थी। बैनामा के बाद उन्हें जमीन पर कब्जा भी मिल गया। कृष्णकुमार ने दाखिल-खारिज के लिए पत्रावली तहसीलदार सदर के न्यायालय में प्रस्तुत की तो इसमें आठ सितंबर, 2015 को तारीख लगी, लेकिन जानकारी के अभाव में कृष्णकुमार तारीख पर नहीं पहुंच सके। आरोप है कि इसके बाद हरीश कुमार ने इलाहाबाद बैंक से इस जमीन पर 17 अगस्त, 2015 को 1.10 लाख रुपये, 18 सितंबर 2015 को सिंडीकेट बैंक से 1.60 लाख रुपये, 18 नवंबर 2017 को इंडियन बैंक स्टेडियम रोड से तीन लाख रुपये का लोन ले लिया। आरोप है कि ऋण मंजूर कराने में तीनों बैंकों के अधिवक्ताओं की भी साठगांठ रही। दो दिसंबर, 2018 को जब कृष्णकुमार ने फर्द खतौनी निकलवाई तब उन्हें जमीन पर कर्ज लिए जाने का पता चला। इसका विरोध करने पर आरोपी उन्हें धमकी देने लगे। थाना पुलिस और अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर कृष्णकुमार कोर्ट में अर्जी दी। इंस्पेक्टर कमल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
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कोर्ट के आदेश पर जहानाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गहनता से जांच कराकर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार निष्पक्ष एवं सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
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- मनोज कुमार सोनकर, एसपी
इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है। अब तक इस तरह की कोई शिकायत भी मेरे पास नहीं आई है। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी।
- एमएम प्रसाद, एलडीएम
केस एक
जेल में बंद किसान के नाम पर निकला लोन
22 जुलाई को एसपी के समक्ष पेश होकर बरखेड़ा थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज रंपुरा निवासी छविनाथ ने शिकायत की थी। इसमें बताया था कि उनके पिता लालता प्रसाद 2001 से हत्या के मामले में आजीवन कारावास के कारण जेल में बंद है। वह कभी बाहर नहीं आए। इसके बावजूद पिता के नाम से 4.39 लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया। इसमें बैंककर्मियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए थे। इसकी जांच अभी जारी है।
केस दो :
फर्जी कागजात बनाकर लिया गया था 14 लाख का लोन
माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम केसरपुर ताल्लुके निवासी नगेंद्र सिंह की ओर से 2017 में बैंक अफसर और जालसाजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया था कि उसके दादा विचित्र सिंह की जमीन पर फर्जी कागजात बनवाकर 14 लाख रुपये का लोन कलीनगर पंजाब एंड सिंध बैंक से ले लिया था।
मृतक के नाम पर भी निकल गया था कर्ज
अगस्त 2018 में अमरिया थाने में उदयपुर गांव निवासी शाइस्ता बी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके पति फैय्याज की 14 मई 2015 को मौत हो गई थी। इसके बाद बैंक अफसरों से साठगांठ और जालसाजी कर मर चुके पति के नाम से 13 अप्रैल 2016 को अमरिया की बैंक ऑफ बड़ौदा से कुछ रिश्तेदारों ने लोन निकाल लिया था। इस मामले में भी बैंक अफसर समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई थी।