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मदरसे में पशुओं के कटे शव और औजार पकड़े, दो गिरफ्तार
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अवैध तरीके से पशुओं की हत्या की सूचना पर पुलिस ने रविवार सुबह करीब चार बजे शहर के मदरसे में छापा मारकर यहां बिना अनुमति पशुओं की हत्या करते हुए दो कसाइयों को धर दबोचा। जबकि एक कसाई भाग निकला। मदरसे में पुलिस को दो पशुओं के अधकटे शव, मांस और औजार बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीनों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि शहर के मोहल्ला भूरे खां में मौलाना जरताब रजा खां के मदरसे में कुछ लोग अवैध तरीके से पशुओं की हत्या रहे हैं। कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी, खकरा चौकी प्रभारी उपेंद्र कुमार ने पुलिस बल के साथ मदरसे में छापा मारा तो वहां तीन कसाई पशुओं की हत्या करते मिल गए। पुलिस के पहुंचते ही एक कसाई शाकिर उर्फ गोतरिया निवासी मोहल्ला भूरे खां भाग निकाला। मोहल्ले का वसीम कुरैशी और वेलों वाले चौराहा निवासी मोहम्मद असलम को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस को मौके से दो पशु अधकटे, मांस और औजार बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों को लेकर पुलिस कोतवाली आ गई। आला अधिकारियों को कार्रवाई से अवगत कराया गया। पशु चिकित्सक को बुलाकर मांस का परीक्षण कराया गया। फिर उनको दफन करा दिया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई है।
मदरसा संचालक को बचाया
मोहल्ला भूरे खां में रविवार सुबह अवैध तरीक से पशु हत्या को लेकर मदरसे में की गई छापामार कार्रवाई की चर्चा कुछ ही देर में पूरे शहर में फैल गई। पुलिस इस मामले में सख्ती बरतने के दावे करती रही। अफसरों की ओर से कहा गया कि ये सब मदरसा संचालक द्वारा कराया जा रहा है। उनको भी आरोपी बनाया जाएगा। बाद में जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा और इस पर फिर से मंथन शुरू हो गया। घंटों मंथन के बाद पुलिस कार्रवाई की दिशा बदल गई। पशु कटवाने वाले बच निकले और मजदूरी लेकर काटने आए मजदूरों पर कानूनी शिकंजा कस गया। कोतवाली पुलिस ने अवैध तरीके से पशु काटने पर तीन कसाइयों पर एफआईआर दर्ज कर ली। इसमें मदरसा संचालक को शामिल नहीं किया गया, जबकि मजदूरों ने कहा कि उनको पशु काटने के लिए पैसे देकर बुलाया गया था। फिलहाल इन सबको लेकर पुलिस अधिकारी चुप्पी साध गए हैं।
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मदरसा संचालक बोले- अवैध धंधेबाजों से पुलिस की साठगांठ
मदरसा संचालक मौलाना जरताब रजा खां ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मदरसे में गलत तरीके से कार्रवाई की गई है। दरगाह में उर्स के अलावा भी फाता के लिए जबिया होता है। इसकी लिखित सूचना हमारी तरफ से हर साल प्रशासन को दी जाती रही है। कभी कोई ऐतराज नहीं जताया गया। फाता के लिए जाबिया हो रही थी। यह मांस कहीं बिक्री को जाने वाला नहीं था। मदरसा संचालक ने कहा कि मोहल्ले के कई घरों में अवैध तरीके से पशु हत्या कर मांस बिक्री का धंधा चल रहा है। उनसे पुलिस की साठगांठ है, इसलिए कार्रवाई नहीं होती। चौकी इंचार्ज खकरा को ये सब दिखाई नहीं देता। हमें प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। हमारे पास प्रशासन को पूर्व में सूचना देने से जुड़े कागजात हैं।
आरोपी बोले- हम तो 300 रुपये मजदूरी पर आए थे
पकड़े गए आरोपियों का कहना है कि वह तो सिर्फ पशुओं को काटने के लिए बुलाया गया था। उनको मौलाना जरताब रजा खां ने बुलाया था। इसके लिए 300 रुपये उनको मिलने थे। पहले कभी यहां पर पशु काटने के लिए नहीं आए थे।
कोतवाली पुलिस ने सूचना के आधार पर छापा मारा था। काटे जा रहे पशु गोवंशीय नहीं हैं। तीन के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें एक आरोपी फरार है। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि शहर के मोहल्ला भूरे खां में मौलाना जरताब रजा खां के मदरसे में कुछ लोग अवैध तरीके से पशुओं की हत्या रहे हैं। कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी, खकरा चौकी प्रभारी उपेंद्र कुमार ने पुलिस बल के साथ मदरसे में छापा मारा तो वहां तीन कसाई पशुओं की हत्या करते मिल गए। पुलिस के पहुंचते ही एक कसाई शाकिर उर्फ गोतरिया निवासी मोहल्ला भूरे खां भाग निकाला। मोहल्ले का वसीम कुरैशी और वेलों वाले चौराहा निवासी मोहम्मद असलम को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस को मौके से दो पशु अधकटे, मांस और औजार बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों को लेकर पुलिस कोतवाली आ गई। आला अधिकारियों को कार्रवाई से अवगत कराया गया। पशु चिकित्सक को बुलाकर मांस का परीक्षण कराया गया। फिर उनको दफन करा दिया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई है।
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मदरसा संचालक को बचाया
मोहल्ला भूरे खां में रविवार सुबह अवैध तरीक से पशु हत्या को लेकर मदरसे में की गई छापामार कार्रवाई की चर्चा कुछ ही देर में पूरे शहर में फैल गई। पुलिस इस मामले में सख्ती बरतने के दावे करती रही। अफसरों की ओर से कहा गया कि ये सब मदरसा संचालक द्वारा कराया जा रहा है। उनको भी आरोपी बनाया जाएगा। बाद में जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा और इस पर फिर से मंथन शुरू हो गया। घंटों मंथन के बाद पुलिस कार्रवाई की दिशा बदल गई। पशु कटवाने वाले बच निकले और मजदूरी लेकर काटने आए मजदूरों पर कानूनी शिकंजा कस गया। कोतवाली पुलिस ने अवैध तरीके से पशु काटने पर तीन कसाइयों पर एफआईआर दर्ज कर ली। इसमें मदरसा संचालक को शामिल नहीं किया गया, जबकि मजदूरों ने कहा कि उनको पशु काटने के लिए पैसे देकर बुलाया गया था। फिलहाल इन सबको लेकर पुलिस अधिकारी चुप्पी साध गए हैं।
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मदरसा संचालक बोले- अवैध धंधेबाजों से पुलिस की साठगांठ
मदरसा संचालक मौलाना जरताब रजा खां ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मदरसे में गलत तरीके से कार्रवाई की गई है। दरगाह में उर्स के अलावा भी फाता के लिए जबिया होता है। इसकी लिखित सूचना हमारी तरफ से हर साल प्रशासन को दी जाती रही है। कभी कोई ऐतराज नहीं जताया गया। फाता के लिए जाबिया हो रही थी। यह मांस कहीं बिक्री को जाने वाला नहीं था। मदरसा संचालक ने कहा कि मोहल्ले के कई घरों में अवैध तरीके से पशु हत्या कर मांस बिक्री का धंधा चल रहा है। उनसे पुलिस की साठगांठ है, इसलिए कार्रवाई नहीं होती। चौकी इंचार्ज खकरा को ये सब दिखाई नहीं देता। हमें प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। हमारे पास प्रशासन को पूर्व में सूचना देने से जुड़े कागजात हैं।
आरोपी बोले- हम तो 300 रुपये मजदूरी पर आए थे
पकड़े गए आरोपियों का कहना है कि वह तो सिर्फ पशुओं को काटने के लिए बुलाया गया था। उनको मौलाना जरताब रजा खां ने बुलाया था। इसके लिए 300 रुपये उनको मिलने थे। पहले कभी यहां पर पशु काटने के लिए नहीं आए थे।
कोतवाली पुलिस ने सूचना के आधार पर छापा मारा था। काटे जा रहे पशु गोवंशीय नहीं हैं। तीन के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें एक आरोपी फरार है। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी