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सूदखोर से परेशान सफाई कर्मचारी ने फंदा लगाकर दी जान
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पीलीभीत। सूदखोर से परेशान जिला पंचायत के सफाई कर्मचारी ने फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। उसका शव डीएम आवास के पीछे प्लास्टिक की रस्सी से बने फंदे पर जामुन के पेड़ पर लटका मिला। मृतक के बहनोई ने एक सूदखोर पर कई दिनों से परेशान करने की वजह बताई है। पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराकर कार्रवाई में जुटी है।
मूल रुप से भोजीपुरा (बरेली) के गांव जन्नतजागीर के निवासी 35 वर्षीय संतोष सिंह पुत्र केसरी सिंह जिला पंचायत में सफाई कर्मचारी थे। उनकी तैनाती पीलीभीत में चल रही थी। पत्नी ममता सिंह और दो बच्चे शिवम (10), सोनाक्षी (7) के साथ कलक्ट्रेट कर्मचारी कॉलोनी में रहते थे। मंगलवार रात नौ बजे परिवार वाले खाना खाने के बाद सोने चले गए। इसके बाद किसी वक्त संतोष ने घर से निकल गए और मकान से कुछ दूरी पर डीएम आवास के पीछे बाग की तरफ जाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार सुबह उसका शव जामुन के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से बने फंदे पर लटका मिला। परिवार वाले तलाश करते हुए बाग की तरफ पहुंचे तो शव लटकता देख उनके होश उड़ गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी ने मौका मुआयना कर शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के बहनोई ने एक सूदखोर की प्रताड़ना से तंग आकर फंदा लगाकर जान देने का आरोप लगाया। कहा कि 20 माह पूर्व ब्याज पर संतोष ने जमुनी चौराहा के एक सूदखोर से डेढ़ लाख रुपये लिए थे। इसके एवज में तीन लाख चुकता करने के बाद भी सूदखोर और तीन लाख रुपये मांग रहा था। इसी से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात कही। पुलिस मामले में पड़ताल कर रही है। कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर का इंतजार है।
नौकरों से सूदखोर दिलवा रहा था नौकरी से हटवाने की धमकी
पीलीभीत। सफाई कर्मचारी संतोष सिंह के फंदा लगाकर जान देने के बाद परिवार वाले सूदखोर की प्रताड़ना को खुदकुशी की वजह बता रहे हैं। उनकी मानें तो सूदखोर ने ब्याज पर दी गई दोगुना रकम वसूलने के बाद भी संतोष का पीछा नहीं छोड़ा था।
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बहनोई चंद्रसेन ने बताया कि संतोष सिंह ने 20 माह पूर्व शहर के जमुनी चौराहा पर एक सूदखोर से डेढ़ लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। कितने प्रतिशत ब्याज पर रुपये लिए, इसकी जानकारी तो उनको नहीं है। इतना कहा कि डेढ़ लाख के एवज में अब तक संतोष तीन लाख रुपये चुकता कर चुका था। आठ दिन पहले ही वह बैंक से 75 हजार रुपये निकालकर सूदखोर को देकर आए थे। इसके बाद भी संतोष पर तीन लाख का कर्ज बाकी दर्शाया जा रहा था। सूदखोर के भेजे गए लोग घर आकर तीन लाख और देने का दबाव बना रहे थे। गाली गलौज कर परेशान किया जाता था। यहां तक कि कई बार संतोष को नौकरी से हटवाने की भी धमकी दी गई थी। ब्याज पर रुपये लेते वक्त सूदखोर को कुछ चेक हस्ताक्षर कर दिए गए थे। उनको भी वापस नहीं कर रहा था। ऐसे में आए दिन बेवजह का तकादा करने से संतोष तनाव में रहने लगा था। अब वही हुआ, जिसका परिवार वालों को डर था। संतोष ने परेशान होकर खुदकुशी कर ली।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
सूदखोर की प्रताड़ना से खुदकुशी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। बीते साल बीसलपुर के एक सफाईकर्मी ने भी सूदखोर की प्रताडना से तंग आकर जान दे दी थी। इसके अलावा शहर के एक व्यापारी के उत्तराखंड में खुदकुशी करने के पीछे भी सूदखोरों के होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद सूदखोरी करने वालों पर प्रशासन सख्ती नहीं कर सका है। बिना किसी लाइसेंस सूदखोर जरूरतमंदों को प्रताड़ित कर कमाई करने में जुटे हैं।
पैतृक गांव में कराया गया अंतिम संस्कार
सफाई कर्मचारी संतोष सिंह की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी ममता सिंह घटना का पता लगते ही बदहवाश हो गई। उसको परिजन और रिश्तेदारों ने संभाला। पुलिस भी परिवार वालों के विलाप को देख घटनास्थल पिरर ढांढस बंधाने में जुटी रही। मृतक के दो बच्चे 10 वर्षीय शिवम और सात साल की बेटी सोनाक्षी के सिर से पिता का साया उठ गया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर पैतृक गांव जन्नत जागीर चले गए। वहां शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बहनोई चंद्रसेन ने बताया कि इसी वजह से अभी तहरीर नहीं दी जा सकी है।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजा गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजन से तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। - रोहित मिश्र, एएसपी
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मूल रुप से भोजीपुरा (बरेली) के गांव जन्नतजागीर के निवासी 35 वर्षीय संतोष सिंह पुत्र केसरी सिंह जिला पंचायत में सफाई कर्मचारी थे। उनकी तैनाती पीलीभीत में चल रही थी। पत्नी ममता सिंह और दो बच्चे शिवम (10), सोनाक्षी (7) के साथ कलक्ट्रेट कर्मचारी कॉलोनी में रहते थे। मंगलवार रात नौ बजे परिवार वाले खाना खाने के बाद सोने चले गए। इसके बाद किसी वक्त संतोष ने घर से निकल गए और मकान से कुछ दूरी पर डीएम आवास के पीछे बाग की तरफ जाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार सुबह उसका शव जामुन के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से बने फंदे पर लटका मिला। परिवार वाले तलाश करते हुए बाग की तरफ पहुंचे तो शव लटकता देख उनके होश उड़ गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी ने मौका मुआयना कर शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के बहनोई ने एक सूदखोर की प्रताड़ना से तंग आकर फंदा लगाकर जान देने का आरोप लगाया। कहा कि 20 माह पूर्व ब्याज पर संतोष ने जमुनी चौराहा के एक सूदखोर से डेढ़ लाख रुपये लिए थे। इसके एवज में तीन लाख चुकता करने के बाद भी सूदखोर और तीन लाख रुपये मांग रहा था। इसी से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात कही। पुलिस मामले में पड़ताल कर रही है। कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर का इंतजार है।
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नौकरों से सूदखोर दिलवा रहा था नौकरी से हटवाने की धमकी
पीलीभीत। सफाई कर्मचारी संतोष सिंह के फंदा लगाकर जान देने के बाद परिवार वाले सूदखोर की प्रताड़ना को खुदकुशी की वजह बता रहे हैं। उनकी मानें तो सूदखोर ने ब्याज पर दी गई दोगुना रकम वसूलने के बाद भी संतोष का पीछा नहीं छोड़ा था।
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बहनोई चंद्रसेन ने बताया कि संतोष सिंह ने 20 माह पूर्व शहर के जमुनी चौराहा पर एक सूदखोर से डेढ़ लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। कितने प्रतिशत ब्याज पर रुपये लिए, इसकी जानकारी तो उनको नहीं है। इतना कहा कि डेढ़ लाख के एवज में अब तक संतोष तीन लाख रुपये चुकता कर चुका था। आठ दिन पहले ही वह बैंक से 75 हजार रुपये निकालकर सूदखोर को देकर आए थे। इसके बाद भी संतोष पर तीन लाख का कर्ज बाकी दर्शाया जा रहा था। सूदखोर के भेजे गए लोग घर आकर तीन लाख और देने का दबाव बना रहे थे। गाली गलौज कर परेशान किया जाता था। यहां तक कि कई बार संतोष को नौकरी से हटवाने की भी धमकी दी गई थी। ब्याज पर रुपये लेते वक्त सूदखोर को कुछ चेक हस्ताक्षर कर दिए गए थे। उनको भी वापस नहीं कर रहा था। ऐसे में आए दिन बेवजह का तकादा करने से संतोष तनाव में रहने लगा था। अब वही हुआ, जिसका परिवार वालों को डर था। संतोष ने परेशान होकर खुदकुशी कर ली।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
सूदखोर की प्रताड़ना से खुदकुशी के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। बीते साल बीसलपुर के एक सफाईकर्मी ने भी सूदखोर की प्रताडना से तंग आकर जान दे दी थी। इसके अलावा शहर के एक व्यापारी के उत्तराखंड में खुदकुशी करने के पीछे भी सूदखोरों के होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद सूदखोरी करने वालों पर प्रशासन सख्ती नहीं कर सका है। बिना किसी लाइसेंस सूदखोर जरूरतमंदों को प्रताड़ित कर कमाई करने में जुटे हैं।
पैतृक गांव में कराया गया अंतिम संस्कार
सफाई कर्मचारी संतोष सिंह की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पत्नी ममता सिंह घटना का पता लगते ही बदहवाश हो गई। उसको परिजन और रिश्तेदारों ने संभाला। पुलिस भी परिवार वालों के विलाप को देख घटनास्थल पिरर ढांढस बंधाने में जुटी रही। मृतक के दो बच्चे 10 वर्षीय शिवम और सात साल की बेटी सोनाक्षी के सिर से पिता का साया उठ गया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर पैतृक गांव जन्नत जागीर चले गए। वहां शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। बहनोई चंद्रसेन ने बताया कि इसी वजह से अभी तहरीर नहीं दी जा सकी है।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजा गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजन से तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। - रोहित मिश्र, एएसपी