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हत्या के प्रयास में तीन को सात-सात साल की सजा
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पीलीभीत। हत्या के प्रयास के मामले में विशेष न्यायाधीश राजीव सिंह ने तीन लोगों को दोषी पाते हुए सात-सात साल के कारावास और 12500 के अर्थदंड से प्रत्येक को दंडित किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया गया।
बिलसंडा निवासी श्रीनिवास ने 20 अप्रैल 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि घटना के दिन सुबह गांव के लच्छे ने अपनी बकरी उसके खेत में छोड़ दी। बकरियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया। इसका विरोध करने पर लच्छे, रामपाल, नंदराम, बादशाह, राम खिलवान, भूरा ने गाली गलौज करते हुए उसकी पिटाई की। शोर सुनकर भाई प्रेमपाल बचाने आया, तो उसकी भी पिटाई की। इससे वह घायल हो गया और इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना में लच्छे, रामपाल व नंदराम को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने बादशाह, रामखिलावन व भूरा को अभियुक्त के रूप मे तलब किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कई गवाह पेश किए गए। वहीं आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद नंदराम, लच्छे व रामपाल को दोषी पाते हुए दंडित किया। जबकि बादशाह, रामखिलावन व भूरा को दोष मुक्त किया।
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बिलसंडा निवासी श्रीनिवास ने 20 अप्रैल 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि घटना के दिन सुबह गांव के लच्छे ने अपनी बकरी उसके खेत में छोड़ दी। बकरियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया। इसका विरोध करने पर लच्छे, रामपाल, नंदराम, बादशाह, राम खिलवान, भूरा ने गाली गलौज करते हुए उसकी पिटाई की। शोर सुनकर भाई प्रेमपाल बचाने आया, तो उसकी भी पिटाई की। इससे वह घायल हो गया और इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना में लच्छे, रामपाल व नंदराम को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने बादशाह, रामखिलावन व भूरा को अभियुक्त के रूप मे तलब किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कई गवाह पेश किए गए। वहीं आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद नंदराम, लच्छे व रामपाल को दोषी पाते हुए दंडित किया। जबकि बादशाह, रामखिलावन व भूरा को दोष मुक्त किया।
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