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उमाचरन हत्याकांड में दो भाइयों को आजीवन कारावास, जुर्माना
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पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने साढ़े तीन साल पहले जहानाबाद क्षेत्र के शिवपुरिया गांव में पीसीएफ खाद गोदाम पर हुए उमाचरन हत्याकांड के दो आरोपी सगे भाइयों ओमेंद्र और अरविंद को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा शुक्रवार को सुनाई। प्रत्येक को 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
30 जुलाई 2016 को थाना जहानाबाद पर गांव शिवपुरिया निवासी वेद प्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका छोटा भाई उमाचरन उर्फ चरन सिंह ट्रक चालक है। उसी ट्रक पर वह पल्लेदारी का काम करता है। उसका भाई उमाचरन ट्रक से शिवपुरिया पीसीएफ खाद गोदाम से खाद लाने-ले जाने का काम करता था। 29 जुलाई 2016 को वह ट्रक में गोदाम से खाद लोड कर दोपहर 12 बजे गांव बरहा विक्रम खाद समिति पर गया। रात साढ़े 10 बजे शिवपुरिया गोदाम पर वापस आ गया। उसके साथ वह और गांव का नन्हे, हरीश और पप्पू भी थे। भाई उमाचरन गोदाम पर रुक गया। बाकी सब घर आ गए थे। पांच दिन में उसके भाई उमाचरन का दूसरे ट्रक के चालक ओमेंद्र निवासी सराय मंसुख थाना मुजरिया जिला बदायूं से झगड़ा हो गया था। ओमेंद्र ने उसे धमकी दी थी। वेद प्रकाश का आरोप था कि इसी रंजिश के कारण ओमेंद्र ने अपने भाई अरविंद के साथ मिलकर उमाचरन को ट्रक के पहिए के नीचे दबाकर रात में हत्या कर दी। रात में वह गांव के लोगों के साथ उमाचरन को देखने गया तो ट्रक के पास उसका शव पड़ा था। आरोपी उसके भाई को मरा छोड़कर भाग गए थे।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने ओमेंद्र और उसके भाई अरविंद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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30 जुलाई 2016 को थाना जहानाबाद पर गांव शिवपुरिया निवासी वेद प्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका छोटा भाई उमाचरन उर्फ चरन सिंह ट्रक चालक है। उसी ट्रक पर वह पल्लेदारी का काम करता है। उसका भाई उमाचरन ट्रक से शिवपुरिया पीसीएफ खाद गोदाम से खाद लाने-ले जाने का काम करता था। 29 जुलाई 2016 को वह ट्रक में गोदाम से खाद लोड कर दोपहर 12 बजे गांव बरहा विक्रम खाद समिति पर गया। रात साढ़े 10 बजे शिवपुरिया गोदाम पर वापस आ गया। उसके साथ वह और गांव का नन्हे, हरीश और पप्पू भी थे। भाई उमाचरन गोदाम पर रुक गया। बाकी सब घर आ गए थे। पांच दिन में उसके भाई उमाचरन का दूसरे ट्रक के चालक ओमेंद्र निवासी सराय मंसुख थाना मुजरिया जिला बदायूं से झगड़ा हो गया था। ओमेंद्र ने उसे धमकी दी थी। वेद प्रकाश का आरोप था कि इसी रंजिश के कारण ओमेंद्र ने अपने भाई अरविंद के साथ मिलकर उमाचरन को ट्रक के पहिए के नीचे दबाकर रात में हत्या कर दी। रात में वह गांव के लोगों के साथ उमाचरन को देखने गया तो ट्रक के पास उसका शव पड़ा था। आरोपी उसके भाई को मरा छोड़कर भाग गए थे।
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पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने ओमेंद्र और उसके भाई अरविंद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास और प्रत्येक को 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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