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नहीं हो सकी बरखेड़ा चीनी मिल की जमीन नीलाम
Bisalpur
Updated Wed, 30 Sep 2015 11:02 PM IST
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बोली लगाने वालों के न आने से बुधवार को बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा की जमीन नीलाम नहीं हो सकी। नीलामी की नई तिथि जल्द घोषित करने की बात तहसील प्रशासन ने कही है।
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किसानों के पिछले साल का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर जिला प्रशासन ने चीनी मिल के विरुद्ध 106 करोड़ रुपये की आरसी जारी की थी। प्रशासन ने मिल की कुर्क की गई चीनी, शीरा आदि को बेच कर और मिल प्रबंधन ने कुछ धनराशि किसानों के खाते में सीधे भेज कर किसी तरह किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का तो भुगतान कर दिया, लेकिन आरसी के एवज में 10 करोड़ रुपये की अदायगी राजस्व विभाग को नहीं की।
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इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम मासूम अली सरवर ने बरखेड़ा चीनी मिल की पूर्व में कुर्क की गई करीब 10 हेक्टेअर भूमि में से दो हेक्टेअर भूमि नीलाम करने का आदेश तहसील प्रशासन को दिया। 30 सितंबर को एसडीएम बीपी सिंह, तहसीलदार नन्हेलाल और नायब तहसीलदार एमआर थारू दोपहर 12 बजे चीनी मिल में नीलामी कराने के लिए पहुंचे। तीन घंटे रुकने के बावजूद बोली लगाने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं आया। इससे जमीन की नीलामी नहीं हो सकी। इस बीच चीनी मिल के अधिकारी भी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे।
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इस मामले में तहसीलदार का कहना है कि मिल अधिकारियों के विरोधी रवैये के कारण कोई व्यक्ति बोली लगाने नहीं आया। जो आया मिल अधिकारी उन्हें गुमराह कर गेट से ही वापस कर दिए। उन्होंने बताया कि नीलामी की नई तिथि बहुत जल्द घोषित की जाएगी। अगली बार नीलामी चीनी मिल परिसर के बजाय तहसील कार्यालय में की जाएगी। उधर जमीन की नीलामी न होने से चीनी मिल अधिकारी काफी खुश दिखे।
कलेक्शन चार्ज को लेकर फंसा नया पेंच
बरखेड़ा चीनी मिल पर बकाया दस करोड़ रुपये कलेक्शन चार्ज की वसूली के लिए मिल की जमीन नीलाम किए जाने की कार्रवाई में नया मोड़ आ गया है। मिल के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने बताया कि प्रशासन जिस कलेक्शन चार्ज की वसूली को मिल की जमीन नीलाम कर रहा है उसे कुछ माह पहले तत्कालीन डीएम ओएन सिंह माफ कर गए थे। जबकि नए डीएम ऐसी कोई जानकारी से न इंकार कर रहे हैं। वहीं डीएम ने कहा कि इतनी बड़ी रकम माफ नहीं की जा सकती। उसकी वसूली की जाएगी।
मिल के वरिष्ठ प्रबंधक धर्मेश मेहरोत्रा ने अमर उजाला को बताया कि तत्कालीन डीएम ओएन सिंह ने कलेक्शन चार्ज माफ कर दिया था, वह जब तक मौजूद रहे, तब तक राजस्व अधिकारियों ने कलेक्शन चार्ज वसूल करने का कोई प्रयास नहीं किया। उनके तबादले पर जाते ही राजस्व अधिकारियों ने कलेक्शन चार्ज वसूल करने के क्रम में अवैध रूप से मिल की जमीन कुर्क कर ली और उसे नीलाम करने का प्रयास कर रहे हैं। राजस्व अधिकारियों ने नीलाम करने के लिए जो जमीन चिन्ह्ति की है, वह मेन गेट पर है और उसमें आधा यार्ड भी फंस रहा है। वह नीलाम हुई तो मिल को बंद करना पड़ेगा। जल्द ही वह वर्तमान डीएम से मिलकर उन्हें पूरी स्थिति बताएंगे।
यह सही है कि डीएम को एक हद तक अपरिहार्य परिस्थितियों में कलेक्शन चार्ज माफ करने का अधिकार है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई डीएम इतनी बड़ी रकम माफ कर देगा। मेरे संज्ञान में अभी तक उसे माफ किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। अगर तत्कालीन डीएम ने इस दिशा में कोई कार्रवाई की भी है तो उसे निरस्त कराने के लिए अपील की जाएगी। इतनी बड़ी रकम किसी कीमत पर माफ नहीं होने दी जाएगी। मिल की जो चीनी कुर्क की गई है अब उसे भी नीलाम करने की कार्रवाई की जाएगी। जमीन की भी नीलामी की जल्द तिथि लगाई जाएगी।
- मासूम अली सरवर, जिलाधिकारी