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कोविड वैक्सीन : 392 डोज हो गई गई बेकार
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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को पहले चरण की चार सत्र पूरे होने के बाद वैक्सीन की 392 डोज बेकार हो चुकी हैं। लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य कर्मियों के बूथों पर न पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। अभी चार और पांच फरवरी को भी टीकाकरण होना है। मगर इसमें यह डोज इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी।
जिले में 16 जनवरी को तीन बूथों पर 300 हेल्थ वर्करों को कोरोना का टीका लगाया जाना था। बूथों पर टीका लगवाने के लिए सिर्फ 265 स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे। 35 स्वास्थ्य कर्मी ने टीका नहीं लगवाया। इसके चलते वॉयल की सील खुलने के बाद करीब 15 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका था। इसी तरह 22 जनवरी को लक्ष्य 1406 के सापेक्ष 1115 स्वास्थ्य कर्मियों ने ही टीका लगवाया। 291 स्वास्थ्य कर्मी बूथों पर टीका लगवाने नहीं आए। वैक्सीन की 85 डोज बेकार हो गई। इसके अलावा 28 जनवरी 2625 कर्मियों में सिर्फ 2011 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। इनमें 614 कर्मचारियों के टीका न लगवाने पर 159 डोज खराब हुई। 29 जनवरी को चौथे सत्र में लक्ष्य 2016 के सापेक्ष सिर्फ 1357 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ। इसमें भी 133 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका। चूंकि वैक्सीन की वॉयल खुलने के चार घंटे बाद बेकार हो जाती है। इसी वजह से चार सत्रों में काफी डोज खराब हुई।
दिनांक - टीकाकरण - डोज - निष्प्रयोज्य डोज
16 जनवरी - 265 - 280 - 159
22 जनवरी - 1115 - 1200 - 85
28 जनवरी - 2011 - 2170 - 159
29 जनवरी - 1357 - 1490 - 133
टीकाकरण के दौरान जो 392 डोज बेेकार हुई हैं। उसका टीकाकरण पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि शासन ने दस फीसदी वैक्सीन निष्प्रयोज्य के तौर भेजी थीं। डोज बेकार होने का अहम कारण यह रहता है कि अगर किसी स्थान पर 21 लोग टीकाकरण को आते हैं, तो 20 लोगों पर दो वॉयल खर्च होती है, मगर एक व्यक्ति को वैक्सीन लगाने के लिए वॉयल को खोलना पड़ता है। इसके बाद खुली हुई वैक्सीन का चार घंटे बाद उपयोग नहीं होता है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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जिले में 16 जनवरी को तीन बूथों पर 300 हेल्थ वर्करों को कोरोना का टीका लगाया जाना था। बूथों पर टीका लगवाने के लिए सिर्फ 265 स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे। 35 स्वास्थ्य कर्मी ने टीका नहीं लगवाया। इसके चलते वॉयल की सील खुलने के बाद करीब 15 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका था। इसी तरह 22 जनवरी को लक्ष्य 1406 के सापेक्ष 1115 स्वास्थ्य कर्मियों ने ही टीका लगवाया। 291 स्वास्थ्य कर्मी बूथों पर टीका लगवाने नहीं आए। वैक्सीन की 85 डोज बेकार हो गई। इसके अलावा 28 जनवरी 2625 कर्मियों में सिर्फ 2011 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। इनमें 614 कर्मचारियों के टीका न लगवाने पर 159 डोज खराब हुई। 29 जनवरी को चौथे सत्र में लक्ष्य 2016 के सापेक्ष सिर्फ 1357 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण हुआ। इसमें भी 133 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका। चूंकि वैक्सीन की वॉयल खुलने के चार घंटे बाद बेकार हो जाती है। इसी वजह से चार सत्रों में काफी डोज खराब हुई।
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दिनांक - टीकाकरण - डोज - निष्प्रयोज्य डोज
16 जनवरी - 265 - 280 - 159
22 जनवरी - 1115 - 1200 - 85
28 जनवरी - 2011 - 2170 - 159
29 जनवरी - 1357 - 1490 - 133
टीकाकरण के दौरान जो 392 डोज बेेकार हुई हैं। उसका टीकाकरण पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि शासन ने दस फीसदी वैक्सीन निष्प्रयोज्य के तौर भेजी थीं। डोज बेकार होने का अहम कारण यह रहता है कि अगर किसी स्थान पर 21 लोग टीकाकरण को आते हैं, तो 20 लोगों पर दो वॉयल खर्च होती है, मगर एक व्यक्ति को वैक्सीन लगाने के लिए वॉयल को खोलना पड़ता है। इसके बाद खुली हुई वैक्सीन का चार घंटे बाद उपयोग नहीं होता है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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